पृथ्वी पर उथल-पुथल मचाने वाला जीव शायद मनुष्य ही है। बाकी जीव प्रकृति के साथ जीते हैं,लेकिन मनुष्य ने प्रकृति को अपने अनुसार बदलने की कोशिश की,जंगल काटे, नदियों का रास्ता बदला, पहाड़ खोदे,वायुमंडल बदला और असंख्य जीवों के आवास छीन लिए।
लेकिन एक बात याद रखिए.. पृथ्वी को मनुष्य की आवश्यकता नहीं है, मनुष्य को पृथ्वी की आवश्यकता है।
कल्पना कीजिए,यदि कभी मनुष्य भी पृथ्वी से गायब हो जाए,तो कुछ समय बाद हमारी बनाई सड़कें टूटेंगी,इमारतों पर वनस्पतियाँ उगेंगी, नदियाँ अपने पुराने रास्ते तलाशेंगी और जंगल फिर से फैलने लगेंगे।
शायद तब पृथ्वी मनुष्य के बिना भी जीवित रहेगी..बल्कि अनेक जीवों के लिए पहले से अधिक स्वतंत्र और शांत दुनिया बन जाएगी।
डायनासोर समाप्त हुए, लेकिन पृथ्वी समाप्त नहीं हुई।प्रकृति ने अपने संतुलन के साथ एक नई दुनिया को जन्म दिया। पृथ्वी हमारी संपत्ति नहीं है,हम पृथ्वी के इतिहास में सिर्फ एक अध्याय हैं। #upendraanmol#Mukherjinagar#delhi
सत्ता के सहारे खड़ी की गई पहचान क्षणिक होती है। जो चेहरे आज चमक रहे हैं और अहंकार में हैं ,कल ये चेहरे सत्ता के मंच से उतरकर गुमनामी के अँधेरे में खो जाएँगे!
जीवन में केवल सुख मिलना महत्वपूर्ण नहीं है,सुख का सही समय पर मिलना महत्वपूर्ण है।क्योंकि भूख के समय मिला एक निवाला उत्सव के समय परोसे गए छप्पन भोग से अधिक मूल्यवान होता है।
दुख में साथ न देने वाले संबंध,सूख जाने के बाद हुई वर्षा और बीमारी से जर्जर शरीर के लिए सुविधाओं का वैभव,समय निकल जाने के बाद अपना अर्थ खो देता है।दुख की घड़ी में थामा गया एक हाथ सुख के समय मिली हजारों शुभकामनाओं से अधिक अपना होता है।समय बीत जाने के बाद सब कुछ मिल सकता है।लेकिन बीता हुआ समय नहीं। #upendraanmol#Mukherjinagar#delhi
Pen & Pencil By Upendra Anmol
गणपति बप्पा के मंगलमय आगमन पर आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं।
ॐ गं गणपतये नमः
श्री गणेशाय नमः
सर्वकार्येषु सर्वदा मंगलं भवतु।
गणपति बप्पा मोरया!
#GaneshChaturthi
1 day ago | [YT] | 3
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
पृथ्वी पर उथल-पुथल मचाने वाला जीव शायद मनुष्य ही है।
बाकी जीव प्रकृति के साथ जीते हैं,लेकिन मनुष्य ने प्रकृति को अपने अनुसार बदलने की कोशिश की,जंगल काटे, नदियों का रास्ता बदला, पहाड़ खोदे,वायुमंडल बदला और असंख्य जीवों के आवास छीन लिए।
लेकिन एक बात याद रखिए..
पृथ्वी को मनुष्य की आवश्यकता नहीं है,
मनुष्य को पृथ्वी की आवश्यकता है।
कल्पना कीजिए,यदि कभी मनुष्य भी पृथ्वी से गायब हो जाए,तो कुछ समय बाद हमारी बनाई सड़कें टूटेंगी,इमारतों पर वनस्पतियाँ उगेंगी,
नदियाँ अपने पुराने रास्ते तलाशेंगी और जंगल फिर से फैलने लगेंगे।
शायद तब पृथ्वी मनुष्य के बिना भी जीवित रहेगी..बल्कि अनेक जीवों के लिए पहले से अधिक स्वतंत्र और शांत दुनिया बन जाएगी।
डायनासोर समाप्त हुए,
लेकिन पृथ्वी समाप्त नहीं हुई।प्रकृति ने अपने संतुलन के साथ एक नई दुनिया को जन्म दिया। पृथ्वी हमारी संपत्ति नहीं है,हम पृथ्वी के इतिहास में सिर्फ एक अध्याय हैं।
#upendraanmol #Mukherjinagar #delhi
2 days ago | [YT] | 6
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
सत्ता के सहारे खड़ी की गई पहचान क्षणिक होती है।
जो चेहरे आज चमक रहे हैं और अहंकार में हैं ,कल ये चेहरे सत्ता के मंच से उतरकर
गुमनामी के अँधेरे में खो जाएँगे!
2 days ago | [YT] | 0
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
प्रिय विद्यार्थियो,
आज Economy की कई Extra Classes रहेंगी।ताकि Syllabus को जल्दी पूरा किया जा सके।
सभी विद्यार्थी समय पर क्लास में उपस्थित रहें और Extra Classes का पूरा लाभ उठाएँ।
Regards
🏛️ SPACE IAS ACADEMY
+91 72909 17750
2 days ago | [YT] | 1
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
प्रिय विद्यार्थियो,
आज और कल Economy तथा Science & Technology की Extra Classes रहेंगी।
इस कारण इन दोनों दिनों सुबह की क्लास 8:00 बजे शुरू होगी।
सभी विद्यार्थी समय पर क्लास में उपस्थित रहें और Extra Classes का पूरा लाभ उठाएँ।
Regards
🏛️ SPACE IAS ACADEMY
+91 72909 17750
3 days ago | [YT] | 0
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
प्रिय विद्यार्थियो,
कल और परसों Economy तथा Science & Technology की Extra Classes रहेंगी।
इस कारण इन दोनों दिनों सुबह की क्लास 8:00 बजे शुरू होगी।
सभी विद्यार्थी समय पर क्लास में उपस्थित रहें और Extra Classes का पूरा लाभ उठाएँ।
Regards
🏛️ SPACE IAS ACADEMY
+91 72909 17750
4 days ago | [YT] | 2
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
छल कुछ समय के लिए भ्रम पैदा कर सकता है!
सत्ता, प्रचार और दिखावे से सच्चाई को कुछ समय तक ढका जा सकता है,मिटाया नहीं जा सकता।
4 days ago | [YT] | 2
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
जीवन में केवल सुख मिलना महत्वपूर्ण नहीं है,सुख का सही समय पर मिलना महत्वपूर्ण है।क्योंकि भूख के समय मिला एक निवाला उत्सव के समय परोसे गए छप्पन भोग से अधिक मूल्यवान होता है।
दुख में साथ न देने वाले संबंध,सूख जाने के बाद हुई वर्षा और बीमारी से जर्जर शरीर के लिए सुविधाओं का वैभव,समय निकल जाने के बाद अपना अर्थ खो देता है।दुख की घड़ी में थामा गया एक हाथ सुख के समय मिली हजारों शुभकामनाओं से अधिक अपना होता है।समय बीत जाने के बाद सब कुछ मिल सकता है।लेकिन बीता हुआ समय नहीं।
#upendraanmol #Mukherjinagar #delhi
4 days ago | [YT] | 5
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
मेरे आने में देरी का कारण है,
मैं बिल्कुल सीधे रास्ते से आया हूँ।
न किसी की सीढ़ी इस्तेमाल की,
न किसी के कंधे पर चढ़ा,
न रास्ते बदले,
न अपने उसूल।
#upendraanmol #mukherjinagar #delhi
1 week ago | [YT] | 14
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Pen & Pencil By Upendra Anmol
प्रिय विद्यार्थियों,
आज के Talk Session में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।
इस विशेष सत्र में आप Upendra Anmol Sir से सीधे बातचीत कर सकते हैं और अपनी पढ़ाई, परीक्षा या करियर से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं।
जिन विद्यार्थियों से कल बात नहीं हो पाई, उनके लिए आज पुनः Talk Session रखा गया है।
समय: आज दोपहर 2बजे से 3 बजे के बीच
समय पर जुड़ना न भूलें।
Regards
SPACE IAS ACADEMY
1 week ago | [YT] | 5
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