मैं *कविता* नहीं, *एहसास* लिख रहा हूँ, आज *तुम्हारे लिए* कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ ❤️
🤍 जब मैं *तुमसे* मिला, तुम *अलग-सी* लगी, हम रोज़ मिलने लगे, फिर *दूर* हो गए… आज तुमसे *मिलने की आस* लिख रहा हूँ, तुम्हारे लिए कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ 💭✨
🌸 *अजनबी* से तुम *पहचान* बन गई, पहचान बढ़ते-बढ़ते *जान* बन गई… मेरी *जान*, तुमको *जीने की प्यास* लिख रहा हूँ, तुम्हारे लिए कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ 💖
📜 तेरे *आने-जाने* से मैं यूँ *शायर* बना, शब्द *काग़ज़* पे कैसे बैठते हैं, पता ही नहीं… अपने *सीने* में दबी *साँस* लिख रहा हूँ, सच, *तुम्हारे लिए* कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ ❤️✨
एक बार की बात है, किसी जंगल में एक कौवा रहता था, वो बहुत ही खुश था, क्योंकि उसकी ज्यादा इच्छाएं नहीं थीं। वह अपनी जिंदगी से संतुष्ट था, लेकिन एक बार उसने जंगल में किसी हंस को देख लिया और उसे देखते ही सोचने लगा कि ये प्राणी कितना सुन्दर है, ऐसा प्राणी तो मैंने पहले कभी नहीं देखा! इतना साफ और सफेद। यह तो इस जंगल में औरों से बहुत सफेद और सुंदर है, इसलिए यह तो बहुत खुश रहता होगा।
कोवा हंस के पास गया और पूछा, भाई तुम इतने सुंदर हो, इसलिए तुम बहुत खुश होगे?
इस पर हंस ने जवाब दिया, हां मैं पहले बहुत खुश रहता था, जब तक मैंने तोते को नहीं देखा था। उसे देखने के बाद से लगता है कि तोता धरती का सबसे सुंदर प्राणी है। हम दोनों के शरीर का तो एक ही रंग है लेकिन तोते के शरीर पर दो-दो रंग है, उसके गले में लाल रंग का घेरा और वो सूर्ख हरे रंग का था, सच में वो बेहद खूबसूरत था।
अब कौवे ने सोचा कि हंस तो तोते को सबसे सुंदर बता रहा है, तो फिर उसे देखना होगा।
कौवा तोते के पास गया और पूछा, भाई तुम दो-दो रंग पाकर बड़े खुश होगे?
इस पर तोते ने कहा, हां मैं तब तक खुश था जब तक मैंने मोर को नहीं देखा था। मेरे पास तो दो ही रंग हैं लेकिन मोर के शरीर पर तो कई तरह के रंग हैं।
अब कौवे ने सोचा सबसे ज्यादा खुश कौन है, यह तो मैं पता करके ही रहूंगा। इसलिए अब मोर से मिलना ही पड़ेगा। कौए ने मोर को जंगल में ढूंढा लेकिन उसे पूरे जंगल में एक भी मोर नहीं मिला और मोर को ढूंढते-ढूंढते वह चिड़ियाघर में पहुंच गया, तो देखा मोर को देखने बहुत से लोग आए हुए हैं और उसके आसपास अच्छी खासी भीड़ है।
सब लोगों के जाने के बाद कौवे ने मोर से पूछा, भाई तुम दुनिया के सबसे सुंदर जीव हो और रंगबिरंगे हो, तुम्हारे साथ लोग फोटो खिंचवा रहे थे। तुम्हें तो बहुत अच्छा लगता होगा और तुम तो दुनिया के सबसे खुश जीव होगे?
इस पर मोर ने दुखी होते हुए कहा, भाई अगर सुंदर हूं तो भी क्या फर्क पड़ता है! मुझे लोग इस चिड़ियाघर में कैद करके रखते हैं, लेकिन तुम्हें तो कोई चिड़ियाघर में कैद करके नहीं रखता और तुम जहां चाहो अपनी मर्जी से घूम-फिर सकते हो। इसलिए दुनिया के सबसे संतुष्ट और खुश जीव तो तुम्हें होना चाहिए, क्योंकि तुम आज़ाद रहते हो। कौवा हैरान रह गया, क्योंकि उसके जीवन की अहमियत कोई दूसरा बता गया।
*दोस्तों,* ऐसा ही हम लोग भी करते हैं। हम अपनी खुशियों और गुणों की तुलना दूसरों से करते हैं, ऐसे लोगों से जिनका रहन-सहन का माहौल हमसे बिलकुल अलग होता है। हमारी जिंदगी में बहुत सारी ऐसी चीज़ें होती हैं, जो केवल हमारे पास हैं, लेकिन हम उसकी अहमियत समझकर खुश नहीं होते। लेकिन दूसरों की छोटी ख़ुशी भी हमें बड़ी लगती है, जबकि हम अपनी बड़ी खुशियों को इग्नोर कर देते हैं।
एक गरीब बच्चा दुकान के बाहर खड़ा होकर केक देख रहा था। दुकानदार ने उसे भगा दिया। तभी एक अमीर आदमी आया और उसने बच्चे को केक खरीदकर दिया। बच्चा बहुत खुश हुआ।
जाते-जाते बच्चे ने अपनी जेब से एक घिसा हुआ 1 रुपये का सिक्का निकाला और उस अमीर आदमी को दिया।
अमीर आदमी ने पूछा, "यह क्यों?" बच्चे ने कहा, "साहब, मेरे पास बस यही था, आपने मुझे इतनी खुशी दी, तो मैं आपको अपनी सबसे कीमती चीज़ देना चाहता हूँ।"
वह अमीर आदमी रो पड़ा क्योंकि उस 1 रुपये की कीमत उसके लाखों रुपयों से ज्यादा थी।
*🗣️सीख -* दान की कीमत नहीं, देने वाले की नीयत और भावना मायने रखती है।
एक परिवार में एक बूढ़े दादाजी थे जिनके हाथ कांपते थे। खाना खाते वक्त अक्सर उनसे बर्तन गिर जाते थे। बहू-बेटे ने तंग आकर उन्हें एक कोने में लकड़ी के कटोरे में खाना देना शुरू कर दिया।
एक दिन बेटा अपने 4 साल के बच्चे को लकड़ी के टुकड़े से कुछ बनाते हुए देखता है। उसने पूछा, "बेटा, क्या बना रहे हो?"
बच्चे ने मासूमियत से कहा, "पापा, मैं आप और मम्मी के लिए लकड़ी का कटोरा बना रहा हूँ, ताकि जब आप बूढ़े हो जाएं तो मैं इसमें आपको खाना दे सकूँ।"
माता-पिता सन्न रह गए। उस दिन से दादाजी वापस डाइनिंग टेबल पर ससम्मान खाना खाने लगे।
*सीख -* बच्चे वही सीखते हैं जो वो अपने बों को करते हुए देखते हैं।
Radha Rani kripa
दूसरों को दुःख, तकलीफ और परेशानी देने से पहले समझ लेना चाहिए कि जिंदगी उधारी पर चलती है, जो दिया है वो लौटेगा जरूर.
`श्री प्रेमानन्द जी महाराज`👏🏼
10 hours ago | [YT] | 0
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Radha Rani kripa
दूसरों को दुःख, तकलीफ और परेशानी देने से पहले समझ लेना चाहिए कि जिंदगी उधारी पर चलती है, जो दिया है वो लौटेगा जरूर.
`श्री प्रेमानन्द जी महाराज`
1 day ago | [YT] | 1
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Radha Rani kripa
हर रिश्ता बचाने लायक नहीं होता,
जो बार बार रूठे, उसे जाने देना ही बेहतर है..
1 week ago | [YT] | 1
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Radha Rani kripa
मैं *कविता* नहीं,
*एहसास* लिख रहा हूँ,
आज *तुम्हारे लिए*
कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ ❤️
🤍 जब मैं *तुमसे* मिला,
तुम *अलग-सी* लगी,
हम रोज़ मिलने लगे,
फिर *दूर* हो गए…
आज तुमसे *मिलने की आस*
लिख रहा हूँ,
तुम्हारे लिए
कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ 💭✨
🌸 *अजनबी* से तुम
*पहचान* बन गई,
पहचान बढ़ते-बढ़ते
*जान* बन गई…
मेरी *जान*,
तुमको *जीने की प्यास*
लिख रहा हूँ,
तुम्हारे लिए
कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ 💖
📜 तेरे *आने-जाने* से
मैं यूँ *शायर* बना,
शब्द *काग़ज़* पे
कैसे बैठते हैं,
पता ही नहीं…
अपने *सीने* में
दबी *साँस* लिख रहा हूँ,
सच,
*तुम्हारे लिए*
कुछ *ख़ास* लिख रहा हूँ ❤️✨
1 week ago | [YT] | 10
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Radha Rani kripa
*"अपनी तुलना दूसरों से न करें"*
एक बार की बात है, किसी जंगल में एक कौवा रहता था, वो बहुत ही खुश था, क्योंकि उसकी ज्यादा इच्छाएं नहीं थीं। वह अपनी जिंदगी से संतुष्ट था, लेकिन एक बार उसने जंगल में किसी हंस को देख लिया और उसे देखते ही सोचने लगा कि ये प्राणी कितना सुन्दर है, ऐसा प्राणी तो मैंने पहले कभी नहीं देखा! इतना साफ और सफेद। यह तो इस जंगल में औरों से बहुत सफेद और सुंदर है, इसलिए यह तो बहुत खुश रहता होगा।
कोवा हंस के पास गया और पूछा, भाई तुम इतने सुंदर हो, इसलिए तुम बहुत खुश होगे?
इस पर हंस ने जवाब दिया, हां मैं पहले बहुत खुश रहता था, जब तक मैंने तोते को नहीं देखा था। उसे देखने के बाद से लगता है कि तोता धरती का सबसे सुंदर प्राणी है। हम दोनों के शरीर का तो एक ही रंग है लेकिन तोते के शरीर पर दो-दो रंग है, उसके गले में लाल रंग का घेरा और वो सूर्ख हरे रंग का था, सच में वो बेहद खूबसूरत था।
अब कौवे ने सोचा कि हंस तो तोते को सबसे सुंदर बता रहा है, तो फिर उसे देखना होगा।
कौवा तोते के पास गया और पूछा, भाई तुम दो-दो रंग पाकर बड़े खुश होगे?
इस पर तोते ने कहा, हां मैं तब तक खुश था जब तक मैंने मोर को नहीं देखा था। मेरे पास तो दो ही रंग हैं लेकिन मोर के शरीर पर तो कई तरह के रंग हैं।
अब कौवे ने सोचा सबसे ज्यादा खुश कौन है, यह तो मैं पता करके ही रहूंगा। इसलिए अब मोर से मिलना ही पड़ेगा। कौए ने मोर को जंगल में ढूंढा लेकिन उसे पूरे जंगल में एक भी मोर नहीं मिला और मोर को ढूंढते-ढूंढते वह चिड़ियाघर में पहुंच गया, तो देखा मोर को देखने बहुत से लोग आए हुए हैं और उसके आसपास अच्छी खासी भीड़ है।
सब लोगों के जाने के बाद कौवे ने मोर से पूछा, भाई तुम दुनिया के सबसे सुंदर जीव हो और रंगबिरंगे हो, तुम्हारे साथ लोग फोटो खिंचवा रहे थे। तुम्हें तो बहुत अच्छा लगता होगा और तुम तो दुनिया के सबसे खुश जीव होगे?
इस पर मोर ने दुखी होते हुए कहा, भाई अगर सुंदर हूं तो भी क्या फर्क पड़ता है! मुझे लोग इस चिड़ियाघर में कैद करके रखते हैं, लेकिन तुम्हें तो कोई चिड़ियाघर में कैद करके नहीं रखता और तुम जहां चाहो अपनी मर्जी से घूम-फिर सकते हो। इसलिए दुनिया के सबसे संतुष्ट और खुश जीव तो तुम्हें होना चाहिए, क्योंकि तुम आज़ाद रहते हो। कौवा हैरान रह गया, क्योंकि उसके जीवन की अहमियत कोई दूसरा बता गया।
*दोस्तों,* ऐसा ही हम लोग भी करते हैं। हम अपनी खुशियों और गुणों की तुलना दूसरों से करते हैं, ऐसे लोगों से जिनका रहन-सहन का माहौल हमसे बिलकुल अलग होता है। हमारी जिंदगी में बहुत सारी ऐसी चीज़ें होती हैं, जो केवल हमारे पास हैं, लेकिन हम उसकी अहमियत समझकर खुश नहीं होते। लेकिन दूसरों की छोटी ख़ुशी भी हमें बड़ी लगती है, जबकि हम अपनी बड़ी खुशियों को इग्नोर कर देते हैं।
1 week ago | [YT] | 1
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Radha Rani kripa
जिसके हिस्से मे खुशियां नहीं आती हैं
जिंदगी उन्हें तजुर्बे बहुत देती है
1 week ago | [YT] | 11
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Radha Rani kripa
परिवार में चालाकियां करके मीठे बनने वाले
लोग एक दिन अकेले खड़े नजर आते हैं।
1 week ago | [YT] | 0
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Radha Rani kripa
लोगों को उतना ही महत्व देना चाहिए
जितना महत्व वो आपको देते हैं!
1 week ago | [YT] | 0
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Radha Rani kripa
*☑️ एक रुपये का सिक्का*
एक गरीब बच्चा दुकान के बाहर खड़ा होकर केक देख रहा था। दुकानदार ने उसे भगा दिया। तभी एक अमीर आदमी आया और उसने बच्चे को केक खरीदकर दिया। बच्चा बहुत खुश हुआ।
जाते-जाते बच्चे ने अपनी जेब से एक घिसा हुआ 1 रुपये का सिक्का निकाला और उस अमीर आदमी को दिया।
अमीर आदमी ने पूछा, "यह क्यों?" बच्चे ने कहा, "साहब, मेरे पास बस यही था, आपने मुझे इतनी खुशी दी, तो मैं आपको अपनी सबसे कीमती चीज़ देना चाहता हूँ।"
वह अमीर आदमी रो पड़ा क्योंकि उस 1 रुपये की कीमत उसके लाखों रुपयों से ज्यादा थी।
*🗣️सीख -* दान की कीमत नहीं, देने वाले की नीयत और भावना मायने रखती है।
1 week ago | [YT] | 0
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Radha Rani kripa
*🗣️ लकड़ी का कटोरा*
एक परिवार में एक बूढ़े दादाजी थे जिनके हाथ कांपते थे। खाना खाते वक्त अक्सर उनसे बर्तन गिर जाते थे। बहू-बेटे ने तंग आकर उन्हें एक कोने में लकड़ी के कटोरे में खाना देना शुरू कर दिया।
एक दिन बेटा अपने 4 साल के बच्चे को लकड़ी के टुकड़े से कुछ बनाते हुए देखता है। उसने पूछा, "बेटा, क्या बना रहे हो?"
बच्चे ने मासूमियत से कहा, "पापा, मैं आप और मम्मी के लिए लकड़ी का कटोरा बना रहा हूँ, ताकि जब आप बूढ़े हो जाएं तो मैं इसमें आपको खाना दे सकूँ।"
माता-पिता सन्न रह गए। उस दिन से दादाजी वापस डाइनिंग टेबल पर ससम्मान खाना खाने लगे।
*सीख -* बच्चे वही सीखते हैं जो वो अपने बों को करते हुए देखते हैं।
1 week ago | [YT] | 0
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