झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को लेकर देश भर में चर्चित है। हरे-भरे जंगल, ऊंचे पहाड़, कल-कल करती नदियां, पानी से लबालब भरे डैम और जंगलों के बीच रेल लाइन और फोरलेन सड़कों का एरियल व्यू देखते ही बनता है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी झारखंड की प्राकृतिक और नैसर्गिक सुंदरता से प्रभावित हो उठे हैं। उन्होंने झारखंड के हरे-भरे जंगलों को चीरती और पहाड़ों की सुरंगों से निकलती नारंगी रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
रेल मंत्री की ओर से शेयर किए गए वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने भी इस वीडियो को पसंद किया है। उन्होंने रेल मंत्री की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है- ब्यूटी। इस वीडियो को ड्रोन से शूट किया गया है। हालांकि इस वीडियो को रेल मंत्री ने पिछले महीने 23 अगस्त को भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर किया था।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आयोजित भव्य 'कुड़मी करमा महोत्सव सह महाजुटान रैली' में तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली है. रैली में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत कई प्रदेश के प्रमुख नेता शामिल रहे. इस दौरान बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता सह डुमरी विधायक जयराम महतो पर इशारों इशारों में करारा हमला बोला है. उन्होंने वहां पर बड़ी संख्या में मौजूद कुड़मी समाज को सचेत करते हुए कहा कि समाज को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो उनकी मांगों को सही राजनीतिक और संवैधानिक पटल पर रख सके, न कि केवल चुनावी रैलियों तक सीमित रहे.
नोटिस के अनुसार, उनका आचरण पार्टी सिद्धांतों के विपरीत होने के साथ-साथ पार्टी नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना भी माना गया है। अनुशासन समिति ने स्पष्ट किया है कि बार-बार इस प्रकार का अनुशासनहीन आचरण यह संकेत देता है कि पार्टी अनुशासन के विरुद्ध गतिविधियां दोहराई जा रही हैं और इससे संगठन की छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि चार्जशीट के बिना सरकारी कर्मचारी का निलंबन आम तौर पर 3 महीने से आगे जारी नहीं रह सकता। कोर्ट ने लंबे निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए केंद्र की याचिका खारिज कर दी।
झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय तक निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को निलंबित करने के बाद तीन महीने के भीतर चार्जशीट नहीं दी जाती है, तो आम तौर पर उसका निलंबन तीन महीने से आगे जारी नहीं रखा जा सकता। बिना विभागीय कार्रवाई शुरू किए लंबे समय तक निलंबन को सजा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के एक आदेश को चुनौती दी थी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला गिरिडीह हेड पोस्ट ऑफिस में ट्रेजरर के पद पर काम करने वाले एक कर्मचारी से जुड़ा है। उसे झारखंड पोस्टल सर्किल में 26 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में 27 सितंबर 2019 को निलंबित किया गया था।
कर्मचारी के निलंबन की समय-समय पर समीक्षा की गई, लेकिन विभागीय चार्जशीट 7 मार्च 2022 को जारी की गई। यानी निलंबन के करीब ढाई साल बाद चार्जशीट दी गई। अधिकारियों ने देरी का कारण कथित वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच लंबित होना बताया था।
लंबे समय तक निलंबित रखे जाने के खिलाफ कर्मचारी ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का रुख किया था। CAT ने निलंबन रद्द करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले तीन महीने के बाद कर्मचारी को मिलने वाले वेतन के दावे पर विचार किया जाए। इसमें पहले से दिए गए निर्वाह भत्ते का समायोजन किया जाना था।
इसके बाद केंद्र सरकार ने CAT के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी। सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोप गंभीर हैं और जांच लंबित होने के कारण निलंबन जारी रखना उचित था।
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि चार्जशीट के बिना सरकारी कर्मचारी का निलंबन आम तौर पर 3 महीने से आगे जारी नहीं रह सकता। कोर्ट ने लंबे निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए केंद्र की याचिका खारिज कर दी।
झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय तक निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को निलंबित करने के बाद तीन महीने के भीतर चार्जशीट नहीं दी जाती है, तो आम तौर पर उसका निलंबन तीन महीने से आगे जारी नहीं रखा जा सकता। बिना विभागीय कार्रवाई शुरू किए लंबे समय तक निलंबन को सजा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के एक आदेश को चुनौती दी थी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला गिरिडीह हेड पोस्ट ऑफिस में ट्रेजरर के पद पर काम करने वाले एक कर्मचारी से जुड़ा है। उसे झारखंड पोस्टल सर्किल में 26 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में 27 सितंबर 2019 को निलंबित किया गया था।
कर्मचारी के निलंबन की समय-समय पर समीक्षा की गई, लेकिन विभागीय चार्जशीट 7 मार्च 2022 को जारी की गई। यानी निलंबन के करीब ढाई साल बाद चार्जशीट दी गई। अधिकारियों ने देरी का कारण कथित वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच लंबित होना बताया था।
लंबे समय तक निलंबित रखे जाने के खिलाफ कर्मचारी ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का रुख किया था। CAT ने निलंबन रद्द करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले तीन महीने के बाद कर्मचारी को मिलने वाले वेतन के दावे पर विचार किया जाए। इसमें पहले से दिए गए निर्वाह भत्ते का समायोजन किया जाना था।
इसके बाद केंद्र सरकार ने CAT के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी। सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोप गंभीर हैं और जांच लंबित होने के कारण निलंबन जारी रखना उचित था।
रांचीवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रांची में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहर सुनियोजित विकास के लिए तीन नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। नगर विकास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार बिरसा चौक से तुपुदाना चौक (टेंडर हार्ट स्कूल के निकट), कटहल मोड़ से दलादिली चौक तथा लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, बीते तीन सितंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में सुनियोजित शहरी विकास, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरों के विस्तार को लेकर अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की थी। इसी बैठक में नगर विकास विभाग की ओर से ब्यूटीफिकेशन ऑफ द कैपिटल सिटी ऑफ रांची शीर्षक से तैयार रिपोर्ट और डिजाइन का प्रेजेंटेशन पेश किया गया। यह डिजाइन जुडको ने तैयार किया है। इन तीनों परियोजनाओं पर 2,335.87 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव के प्रारंभिक चरण में है। इसके अंतिम अनुमोदन, बजट आवंटन और निर्माण कार्य शुरू होने की समय-सीमा को लेकर औपचारिक घोषणा होना अभी बाकी है।
रांची को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कई फ्लाईओवर पाइपलाइन में हैं। इनमें करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापूटोली और हरमू रोड फ्लाईओवर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण एजेंसियों का चयन भी कर लिया गया है। जल्द ही इनका निर्माण शुरू होने की संभावना है। करमटोली-चिरौंदी कॉरिडोर करीब तीन किमी लंबा होगा। यह करमटोली चौक से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक जाएगा। वहीं अरगोड़ा-चापूटोली कॉरिडोर भी करीब चार किमी लंबा होगा। यह हरमू रोड से डिबडीह ब्रिज तक सीधी कनेक्टिविटी देगा। हरमू रोड फ्लाईओवर सहजानंद चौक के पास से जज कॉलोनी के समीप तक बनाया जाएगा।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र अब झारखंड के मौसम पर भी असर डाल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अगले 24 से 48 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है. 23 सितंबर के आसपास इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना है.
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में 23 और 24 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. वहीं, अगले दो दिनों के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
सांसद निशिकांत दुबे रविवार को देवघर स्थित अपने आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके साथ संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी, झारखंड में MMDR बिल के विरोध और SIR की प्रक्रिया को लेकर कई बयान दिए.
निशिकांत दुबे ने कहा कि हाल के दिनों में राहुल गांधी ने गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में नेहा राठौर के साथ मंच साझा किया और इसके बाद इंदौर में एक स्टैंडअप कॉमेडियन के साथ मंच साझा किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मंच पर सुनने के लिए लोग तैयार नहीं हैं, इसलिए वह कलाकारों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो वह दिन दूर नहीं जब राहुल गांधी को राखी सावंत के साथ भी मंच साझा करना पड़ेगा.
सांसद निशिकांत दुबे रविवार को देवघर स्थित अपने आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके साथ संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी, झारखंड में MMDR बिल के विरोध और SIR की प्रक्रिया को लेकर कई बयान दिए.
निशिकांत दुबे ने कहा कि हाल के दिनों में राहुल गांधी ने गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में नेहा राठौर के साथ मंच साझा किया और इसके बाद इंदौर में एक स्टैंडअप कॉमेडियन के साथ मंच साझा किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मंच पर सुनने के लिए लोग तैयार नहीं हैं, इसलिए वह कलाकारों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो वह दिन दूर नहीं जब राहुल गांधी को राखी सावंत के साथ भी मंच साझा करना पड़ेगा.
चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र के लुटू सोहावन गांव का रहने वाला ब्रजेश सिंह गंझू कभी अपने गांव की राजनीति में निर्विरोध मुखिया बनकर उभरा था। बाद में वही व्यक्ति झारखंड के कोयलांचल और जंगलों में सक्रिय एक कुख्यात उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) का सुप्रीमो बन गया।
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झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को लेकर देश भर में चर्चित है। हरे-भरे जंगल, ऊंचे पहाड़, कल-कल करती नदियां, पानी से लबालब भरे डैम और जंगलों के बीच रेल लाइन और फोरलेन सड़कों का एरियल व्यू देखते ही बनता है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी झारखंड की प्राकृतिक और नैसर्गिक सुंदरता से प्रभावित हो उठे हैं। उन्होंने झारखंड के हरे-भरे जंगलों को चीरती और पहाड़ों की सुरंगों से निकलती नारंगी रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
रेल मंत्री की ओर से शेयर किए गए वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने भी इस वीडियो को पसंद किया है। उन्होंने रेल मंत्री की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है- ब्यूटी। इस वीडियो को ड्रोन से शूट किया गया है। हालांकि इस वीडियो को रेल मंत्री ने पिछले महीने 23 अगस्त को भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर किया था।
4 hours ago | [YT] | 2
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पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आयोजित भव्य 'कुड़मी करमा महोत्सव सह महाजुटान रैली' में तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली है. रैली में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत कई प्रदेश के प्रमुख नेता शामिल रहे. इस दौरान बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता सह डुमरी विधायक जयराम महतो पर इशारों इशारों में करारा हमला बोला है. उन्होंने वहां पर बड़ी संख्या में मौजूद कुड़मी समाज को सचेत करते हुए कहा कि समाज को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो उनकी मांगों को सही राजनीतिक और संवैधानिक पटल पर रख सके, न कि केवल चुनावी रैलियों तक सीमित रहे.
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नोटिस के अनुसार, उनका आचरण पार्टी सिद्धांतों के विपरीत होने के साथ-साथ पार्टी नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना भी माना गया है। अनुशासन समिति ने स्पष्ट किया है कि बार-बार इस प्रकार का अनुशासनहीन आचरण यह संकेत देता है कि पार्टी अनुशासन के विरुद्ध गतिविधियां दोहराई जा रही हैं और इससे संगठन की छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
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झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि चार्जशीट के बिना सरकारी कर्मचारी का निलंबन आम तौर पर 3 महीने से आगे जारी नहीं रह सकता। कोर्ट ने लंबे निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए केंद्र की याचिका खारिज कर दी।
झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय तक निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को निलंबित करने के बाद तीन महीने के भीतर चार्जशीट नहीं दी जाती है, तो आम तौर पर उसका निलंबन तीन महीने से आगे जारी नहीं रखा जा सकता। बिना विभागीय कार्रवाई शुरू किए लंबे समय तक निलंबन को सजा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के एक आदेश को चुनौती दी थी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला गिरिडीह हेड पोस्ट ऑफिस में ट्रेजरर के पद पर काम करने वाले एक कर्मचारी से जुड़ा है। उसे झारखंड पोस्टल सर्किल में 26 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में 27 सितंबर 2019 को निलंबित किया गया था।
कर्मचारी के निलंबन की समय-समय पर समीक्षा की गई, लेकिन विभागीय चार्जशीट 7 मार्च 2022 को जारी की गई। यानी निलंबन के करीब ढाई साल बाद चार्जशीट दी गई। अधिकारियों ने देरी का कारण कथित वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच लंबित होना बताया था।
लंबे समय तक निलंबित रखे जाने के खिलाफ कर्मचारी ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का रुख किया था। CAT ने निलंबन रद्द करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले तीन महीने के बाद कर्मचारी को मिलने वाले वेतन के दावे पर विचार किया जाए। इसमें पहले से दिए गए निर्वाह भत्ते का समायोजन किया जाना था।
इसके बाद केंद्र सरकार ने CAT के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी। सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोप गंभीर हैं और जांच लंबित होने के कारण निलंबन जारी रखना उचित था।
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झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि चार्जशीट के बिना सरकारी कर्मचारी का निलंबन आम तौर पर 3 महीने से आगे जारी नहीं रह सकता। कोर्ट ने लंबे निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए केंद्र की याचिका खारिज कर दी।
झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय तक निलंबन को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को निलंबित करने के बाद तीन महीने के भीतर चार्जशीट नहीं दी जाती है, तो आम तौर पर उसका निलंबन तीन महीने से आगे जारी नहीं रखा जा सकता। बिना विभागीय कार्रवाई शुरू किए लंबे समय तक निलंबन को सजा के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के एक आदेश को चुनौती दी थी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला गिरिडीह हेड पोस्ट ऑफिस में ट्रेजरर के पद पर काम करने वाले एक कर्मचारी से जुड़ा है। उसे झारखंड पोस्टल सर्किल में 26 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में 27 सितंबर 2019 को निलंबित किया गया था।
कर्मचारी के निलंबन की समय-समय पर समीक्षा की गई, लेकिन विभागीय चार्जशीट 7 मार्च 2022 को जारी की गई। यानी निलंबन के करीब ढाई साल बाद चार्जशीट दी गई। अधिकारियों ने देरी का कारण कथित वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच लंबित होना बताया था।
लंबे समय तक निलंबित रखे जाने के खिलाफ कर्मचारी ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का रुख किया था। CAT ने निलंबन रद्द करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले तीन महीने के बाद कर्मचारी को मिलने वाले वेतन के दावे पर विचार किया जाए। इसमें पहले से दिए गए निर्वाह भत्ते का समायोजन किया जाना था।
इसके बाद केंद्र सरकार ने CAT के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी। सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोप गंभीर हैं और जांच लंबित होने के कारण निलंबन जारी रखना उचित था।
7 hours ago | [YT] | 0
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रांचीवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। रांची में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहर सुनियोजित विकास के लिए तीन नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। नगर विकास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार बिरसा चौक से तुपुदाना चौक (टेंडर हार्ट स्कूल के निकट), कटहल मोड़ से दलादिली चौक तथा लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, बीते तीन सितंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में सुनियोजित शहरी विकास, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरों के विस्तार को लेकर अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा की थी। इसी बैठक में नगर विकास विभाग की ओर से ब्यूटीफिकेशन ऑफ द कैपिटल सिटी ऑफ रांची शीर्षक से तैयार रिपोर्ट और डिजाइन का प्रेजेंटेशन पेश किया गया। यह डिजाइन जुडको ने तैयार किया है। इन तीनों परियोजनाओं पर 2,335.87 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव के प्रारंभिक चरण में है। इसके अंतिम अनुमोदन, बजट आवंटन और निर्माण कार्य शुरू होने की समय-सीमा को लेकर औपचारिक घोषणा होना अभी बाकी है।
रांची को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए कई फ्लाईओवर पाइपलाइन में हैं। इनमें करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापूटोली और हरमू रोड फ्लाईओवर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण एजेंसियों का चयन भी कर लिया गया है। जल्द ही इनका निर्माण शुरू होने की संभावना है। करमटोली-चिरौंदी कॉरिडोर करीब तीन किमी लंबा होगा। यह करमटोली चौक से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक जाएगा। वहीं अरगोड़ा-चापूटोली कॉरिडोर भी करीब चार किमी लंबा होगा। यह हरमू रोड से डिबडीह ब्रिज तक सीधी कनेक्टिविटी देगा। हरमू रोड फ्लाईओवर सहजानंद चौक के पास से जज कॉलोनी के समीप तक बनाया जाएगा।
8 hours ago | [YT] | 2
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बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र अब झारखंड के मौसम पर भी असर डाल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अगले 24 से 48 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है. 23 सितंबर के आसपास इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना है.
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में 23 और 24 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. वहीं, अगले दो दिनों के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
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सांसद निशिकांत दुबे रविवार को देवघर स्थित अपने आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके साथ संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी, झारखंड में MMDR बिल के विरोध और SIR की प्रक्रिया को लेकर कई बयान दिए.
निशिकांत दुबे ने कहा कि हाल के दिनों में राहुल गांधी ने गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में नेहा राठौर के साथ मंच साझा किया और इसके बाद इंदौर में एक स्टैंडअप कॉमेडियन के साथ मंच साझा किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मंच पर सुनने के लिए लोग तैयार नहीं हैं, इसलिए वह कलाकारों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो वह दिन दूर नहीं जब राहुल गांधी को राखी सावंत के साथ भी मंच साझा करना पड़ेगा.
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सांसद निशिकांत दुबे रविवार को देवघर स्थित अपने आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके साथ संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी, झारखंड में MMDR बिल के विरोध और SIR की प्रक्रिया को लेकर कई बयान दिए.
निशिकांत दुबे ने कहा कि हाल के दिनों में राहुल गांधी ने गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में नेहा राठौर के साथ मंच साझा किया और इसके बाद इंदौर में एक स्टैंडअप कॉमेडियन के साथ मंच साझा किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मंच पर सुनने के लिए लोग तैयार नहीं हैं, इसलिए वह कलाकारों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो वह दिन दूर नहीं जब राहुल गांधी को राखी सावंत के साथ भी मंच साझा करना पड़ेगा.
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चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र के लुटू सोहावन गांव का रहने वाला ब्रजेश सिंह गंझू कभी अपने गांव की राजनीति में निर्विरोध मुखिया बनकर उभरा था। बाद में वही व्यक्ति झारखंड के कोयलांचल और जंगलों में सक्रिय एक कुख्यात उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) का सुप्रीमो बन गया।
16 hours ago | [YT] | 4
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