90 का वो दौर..
हर मोड़ पर मिलती Raj comics Diamond, Manoj, Tulsi comics और हमारा वो 7/8 रुपये की जनरल और 16-18 रुपये के विशेषांक को खरीदने के लिए हफ्ते/महीने भर किया गया अथक प्रयास।
कल जब कुछ भी नहीं था अपने पास तो जैसे सब कुछ था दुनिया में
और आज बहुत कुछ अपने पास होते हुए भी वो बात नहीं।
एक ही जिंदगी है, कॉमिक्स मरी नहीं, तो आपका जुनून क्यों।
कॉमिक्स बच्चों की चीज है?
अच्छा..
आपकी सोच बचकाना है कॉमिक्स नहीं।
वक्त के साथ साथ कॉमिक्स में भी क्रमिक विकास हुआ है और अगर आप भी इस सोच में हैं कि कॉमिक्स तो बीते जमाने की बात है तो आपको थोड़ा और ज्ञान अर्जन की जरूरत है।
कॉमिक्स अब भी मिलती है और अब तो मार्केट में बहुत ही अच्छे ऑप्शन उपलब्ध हैं आपके लिए।
राज कॉमिक्स तो है ही, साथ ही साथ डायमंड, फिक्शन कॉमिक्स, होली काऊ, बुल्स आई प्रेस, फेनिल कॉमिक्स जैसे जबरदस्त नाम हैं और इनकी हर महीने एक से बढ़कर एक कॉमिक्स आती हैं।
तो चलिए कॉमिक्स के संसार में डुबकी मारते हैं।
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- Indian Comicstuber- SaVikas
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