पंडित काशी ले विद्या पढ़के आवत बखत.. रात बितांय बर गांव के छें घर रुकीस! बियनहिया घर के सियान,, अपन लइका ल कथे- उठ..जातो रात के सरपंच मर गए हे, नरक गइस के सरग.. देख के आबे?? आंखी रमजत लइका.. आके कथे- सरग गइस बबा! पंडित सुनीस.. अकबका गय, अभी ले,, अचेत(कोमा म)हे।
(आगम-निगम अनुसार) चतूर मन कहैं- मरे के बाद.। जीव ल दक्षिण दिशा छियासी जोजन जम राजा के नगर घसीटत,मारत दुत मन लेजाहीं। बीच रद्दा मा.. पीब,रेंट,पेशाब के नदियां नाहके ल परही। नाहके बर.. बछिया लागही।
कांटा-खूंटी म सुते ल परही। खटिया चद्दर ओनहा कपड़ा लागही।
जम के पास रिमांड पेश होही। चित्रगुप्त रोजनामचा बताय के पाछू सजा शुरू होही। सजा मा.. करम अनुसार, भूंजे,तरे,छउंके,बघारे ल सह डारे अऊ पिण्डा,पितर के कृपा मा शूकर-कुकर के जोनी मिलही।
जम राजा के भारी किरपा होगे ता! शूद्र, महिला, दरुहा, भड़ुवा, रड़ुवा बन जिंदगी बितांय ल परही। ( ये मन के कहुँ जगह कउनो सुनवाई नई होवंय)
अइसन आंखों देखा हाल कस कनफुक्का गुरु अऊ बाभन मन के पोथी पचरा बताथें।
कबीर बबा बतावैं- जहाँ सुख.. वहाँ! सरग। तहाँ दुख.. यहाँ ! नरक। जहाँ सुमति तहाँ सम्पत्ति नाना। वहाँ कुमति यहाँ विपत्ति निधाना।।
सरग- जुन्ना चाउर नावा घी, अऊ कुलवंती नारी। जेकर घर बसे, ये ही सरग के चिन्हारी।।
पुत्रम् से गृहम् पूर्णम्, दिशा पूर्णम् बांधवः। करुणा से चित्तम् पूर्णम्, सर्व पूर्णम् स्वास्थ्यः।।
नरक- गलियार बइला लइका जुवारी, आऊ कलकलरही सुवारी। घर मा निवास हवय, नरक के पक्का चिन्हारी।।
अपुत्रम् गृह शून्यम्, दिशा शून्यम् बाधवः। मूर्खम् हृदयंम् शून्यम्, सर्व शून्यम् दरिद्रता।।
कटइया सादा वरदी, भुंजइया खाखी वरदी, आऊ! चिथइया करिया वरदी। येमन इस लोक के राजदूत हवंय।
*कोबरा ने अजगर को काटा...* और अजगर ने कोबरा को लपेटा कोबरा दम घुटने से मर गया.. और अजगर ज़हर से मर गया... कोई भी विजेता नहीं हुआ. ऐसे ही.. एक ही क़ौम के हो कर जब आपस में अपने भाई, रिश्तेदार, दोस्त, और पड़ोसी से झगड़ते हैं तो,,,,उनमें से कोई भी विजेता नहीं होता,, मगर...हारते दोनों ही हैं।
The Bhavanee Family
Suryansh hetu amnatran
3 weeks ago | [YT] | 1
View 0 replies
The Bhavanee Family
पुरानी यादें
1 month ago | [YT] | 1
View 0 replies
The Bhavanee Family
Happy birthday Geeta
Happy Birthday Shashank beta
2 months ago | [YT] | 1
View 0 replies
The Bhavanee Family
Jindagi na milegi dobara......पल जो कल याद आयेंगी
2 months ago | [YT] | 1
View 0 replies
The Bhavanee Family
Pyar k rang.....20.10.25..happy dipawali
2 months ago | [YT] | 2
View 0 replies
The Bhavanee Family
Old memories...2019..
2 months ago | [YT] | 2
View 0 replies
The Bhavanee Family
प्रसंगवश-
नरक अऊ सरग
सुने जाथे-
अपने मरेम,
सरग दिखथे।
जियत मनखे बताय सकय नहीं..
मरहा मनखे बताय आवय नहीं।
बाकी-
अटकर पंचे पचहत्तर।
पंडित काशी ले विद्या पढ़के आवत बखत..
रात बितांय बर गांव के छें घर रुकीस!
बियनहिया घर के सियान,,
अपन लइका ल कथे-
उठ..जातो रात के सरपंच मर गए हे,
नरक गइस के सरग..
देख के आबे??
आंखी रमजत लइका..
आके कथे-
सरग गइस बबा!
पंडित सुनीस..
अकबका गय,
अभी ले,, अचेत(कोमा म)हे।
(आगम-निगम अनुसार)
चतूर मन कहैं-
मरे के बाद.।
जीव ल दक्षिण दिशा छियासी जोजन जम राजा के नगर घसीटत,मारत दुत मन लेजाहीं।
बीच रद्दा मा..
पीब,रेंट,पेशाब के नदियां नाहके ल परही।
नाहके बर..
बछिया लागही।
भूख-पियाश सहत ..
सुईयां पहार अऊ तिपत भोम्भरा म दउड़े ल परही।
जेवनहा बटलोही दार चाउर रुपिया पइसा लागही।
कांटा-खूंटी म सुते ल परही।
खटिया चद्दर ओनहा कपड़ा लागही।
जम के पास रिमांड पेश होही।
चित्रगुप्त रोजनामचा बताय के पाछू सजा शुरू होही।
सजा मा..
करम अनुसार,
भूंजे,तरे,छउंके,बघारे ल सह डारे अऊ पिण्डा,पितर के कृपा मा शूकर-कुकर के जोनी मिलही।
जम राजा के भारी किरपा होगे ता!
शूद्र,
महिला,
दरुहा,
भड़ुवा,
रड़ुवा बन जिंदगी बितांय ल परही।
( ये मन के कहुँ जगह कउनो सुनवाई नई होवंय)
अइसन आंखों देखा हाल कस कनफुक्का गुरु अऊ बाभन मन के पोथी पचरा बताथें।
कबीर बबा बतावैं-
जहाँ सुख..
वहाँ!
सरग।
तहाँ दुख..
यहाँ !
नरक।
जहाँ सुमति तहाँ सम्पत्ति नाना।
वहाँ कुमति यहाँ विपत्ति निधाना।।
सरग-
जुन्ना चाउर नावा घी,
अऊ कुलवंती नारी।
जेकर घर बसे,
ये ही सरग के चिन्हारी।।
पुत्रम् से गृहम् पूर्णम्,
दिशा पूर्णम् बांधवः।
करुणा से चित्तम् पूर्णम्,
सर्व पूर्णम् स्वास्थ्यः।।
नरक-
गलियार बइला लइका जुवारी,
आऊ कलकलरही सुवारी।
घर मा निवास हवय,
नरक के पक्का चिन्हारी।।
अपुत्रम् गृह शून्यम्,
दिशा शून्यम् बाधवः।
मूर्खम् हृदयंम् शून्यम्,
सर्व शून्यम् दरिद्रता।।
कटइया सादा वरदी,
भुंजइया खाखी वरदी,
आऊ!
चिथइया करिया वरदी।
येमन इस लोक के राजदूत हवंय।
।।इति सरग-नरक महात्यम समाप्तम्।।
👏🏼👏🏼👏🏼👏🏼👏🏼👏🏼👏🏼
2 months ago | [YT] | 0
View 0 replies
The Bhavanee Family
बेहतरीन सन्देश
*कोबरा ने अजगर को काटा...* और अजगर ने कोबरा को लपेटा
कोबरा दम घुटने से मर गया..
और अजगर ज़हर से मर गया...
कोई भी विजेता नहीं हुआ.
ऐसे ही..
एक ही क़ौम के हो कर जब आपस में अपने भाई, रिश्तेदार, दोस्त, और पड़ोसी से झगड़ते हैं तो,,,,उनमें से कोई भी विजेता नहीं होता,, मगर...हारते दोनों ही हैं।
3 months ago | [YT] | 0
View 0 replies
The Bhavanee Family
6वीं बार रक्तदान।महादान।देना सीखें।आपको सब प्राप्त होना शुरू हो जाएगा।
3 months ago | [YT] | 2
View 0 replies
The Bhavanee Family
बेटी आर्ची को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई।
4 months ago | [YT] | 1
View 0 replies
Load more