सचल दूरभाष के सभी श्रोताओ के लिए मैं यानी स्वयं ले कर आयी हूँ कुछ स्वरचित कविताएं। जहां कभी प्यार का इजहार होगा तो कभी प्यार का ऐहसास होगा, कभी नारी की मज़बूत पहचान होगी तो कभी उम्मीद की नयी किरण उगेगी। हमारे संग कभी आप सनातन धर्म की आस्था बढ़ायेंगे तो कभी शब्दों की आवाज को गुनगुनायेगे। ईन कविताओ में कहीं दिल टूटने का दर्द है तो कहीं मुस्कुराहट की आहट है। तो आइये ईन सभी भावनाओ को समेटे हुए ले चलते हैं आपको हिन्दी कविता की नयी दुनिया में एक नयी मंजिल की ओर एक नयी आवाज के साथ।