सुकून पहाड़ों में होता है , रात्रि आगमन से पहले गंगा घाट पे पानी में पैर डालकर बैठना सुकून होता है , पंछियों का शाम को घौसले में लौटकर चहचहाना सुकून होता है। रात को खुले आसमान के नीचे लेटकर आसमान को देखना सुकून होता है। प्रकृति की वो सारी तमाम चीजों में सुकून है तो प्राकृत है जो अपने आप हो रहा है बस उसे महसूस करने मात्र से हम आनंद से भर जाते हैं। मनुष्य ने अपने लिए कुछ बनाया तो वो मुस्कान है। क्योंकि अच्छा होता है मुस्कुराना! किसी को याद कर मुस्कुराना और भी अच्छा होता है उससे भी अच्छा होता है किसी के चेहरे पे मुस्कान लाना पर इससे भी अच्छा होता है किताबों का होना।किताबों में फूल रखना, ताकि दुबारा कभी वो किताब पढ़े तो एक पल के लिए फिर से जी उठना। पढ़ते-पढ़ते किताबों को सिराहने रखकर सो जाना सबसे अच्छा होता है……….
ये बनारस के दशाश्वमेध घाट मार्ग में स्थित खिचड़ी बाबा का मंदिर है। इसके प्रांगण में जो भी आता है भरपेट भोजन मिलता है । इसके सामने बाबा विश्वनाथ मंदिर के प्रांगण में स्थित माँ अन्नपूर्णा का मंदिर में जहां सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक भोजन की व्यवस्था होती है। बनारस आइए प्रेम से भोजन कीजिए और घुमिए। हर हर महादेव…
मुझे लगता है चैत, बैशाख, जेठ, अषाड़ में लोग मोहब्बत कम करते हैं या फिर ख़ासकर भारत में इस वक्त मोहब्बत की बात बहुत कम ही होती है या यूँ कहिए कि गर्मी से हाल बेहाल रहता है। इसलिए मुझे लगता है मोहब्बत और प्रकृति का बहुत गहरा सम्बंध है। मतलब बिना प्रकृति के खुश हुए, आप भी खुश नहीं रह सकते। इसलिए तो सावन आते ही मन संगीत सा हो जाता है एकदम भाव-विभोर। किसी की चाहत, तड़प, लालसा, उत्सुकता, इंतज़ार ही तो प्रेम है। जैसे हम चैत से लेकर अषाड़ के बाद सावन का इंतज़ार करते हैं। इसलिए शायद प्रेम में उत्सुकता होती है। असल में प्रतीक्षा ही प्रेम है! @YtAnantAnand
Anant Anand
बनारस और कुछ नहीं बस उम्मीद है….
8 months ago | [YT] | 15
View 5 replies
Anant Anand
बस यूँ ही
8 months ago | [YT] | 20
View 5 replies
Anant Anand
दो विपरीत मौसमों के फूल को मैंने किताबों में मिलाया
गुलमोहर’ पर पारिजात के फूल बिखेरे
8 months ago | [YT] | 5
View 0 replies
Anant Anand
मुस्कान है तो जान है ❤️
8 months ago | [YT] | 20
View 3 replies
Anant Anand
पहचान कौन ?
9 months ago | [YT] | 16
View 7 replies
Anant Anand
1 year ago | [YT] | 1
View 0 replies
Anant Anand
सुकून पहाड़ों में होता है , रात्रि आगमन से पहले गंगा घाट पे पानी में पैर डालकर बैठना सुकून होता है , पंछियों का शाम को घौसले में लौटकर चहचहाना सुकून होता है। रात को खुले आसमान के नीचे लेटकर आसमान को देखना सुकून होता है। प्रकृति की वो सारी तमाम चीजों में सुकून है तो प्राकृत है जो अपने आप हो रहा है बस उसे महसूस करने मात्र से हम आनंद से भर जाते हैं। मनुष्य ने अपने लिए कुछ बनाया तो वो मुस्कान है। क्योंकि अच्छा होता है मुस्कुराना! किसी को याद कर मुस्कुराना और भी अच्छा होता है उससे भी अच्छा होता है किसी के चेहरे पे मुस्कान लाना पर इससे भी अच्छा होता है किताबों का होना।किताबों में फूल रखना, ताकि दुबारा कभी वो किताब पढ़े तो एक पल के लिए फिर से जी उठना। पढ़ते-पढ़ते किताबों को सिराहने रखकर सो जाना सबसे अच्छा होता है……….
2 years ago | [YT] | 0
View 0 replies
Anant Anand
ये बनारस के दशाश्वमेध घाट मार्ग में स्थित खिचड़ी बाबा का मंदिर है। इसके प्रांगण में जो भी आता है भरपेट भोजन मिलता है । इसके सामने बाबा विश्वनाथ मंदिर के प्रांगण में स्थित माँ अन्नपूर्णा का मंदिर में जहां सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक भोजन की व्यवस्था होती है। बनारस आइए प्रेम से भोजन कीजिए और घुमिए। हर हर महादेव…
3 years ago | [YT] | 40
View 0 replies
Anant Anand
मौज लिजिए,रोज लिजिए, और न मिले तो खोज लिजिए…
4 years ago | [YT] | 13
View 0 replies
Anant Anand
मुझे लगता है चैत, बैशाख, जेठ, अषाड़ में लोग मोहब्बत कम करते हैं या फिर ख़ासकर भारत में इस वक्त मोहब्बत की बात बहुत कम ही होती है या यूँ कहिए कि गर्मी से हाल बेहाल रहता है। इसलिए मुझे लगता है मोहब्बत और प्रकृति का बहुत गहरा सम्बंध है। मतलब बिना प्रकृति के खुश हुए, आप भी खुश नहीं रह सकते। इसलिए तो सावन आते ही मन संगीत सा हो जाता है एकदम भाव-विभोर। किसी की चाहत, तड़प, लालसा, उत्सुकता, इंतज़ार ही तो प्रेम है। जैसे हम चैत से लेकर अषाड़ के बाद सावन का इंतज़ार करते हैं। इसलिए शायद प्रेम में उत्सुकता होती है। असल में प्रतीक्षा ही प्रेम है!
@YtAnantAnand
4 years ago | [YT] | 9
View 0 replies
Load more