ठोकरें जो लगती हैं, उनका शुक्र मनाओ,

क्योंकि उन्हीं से तुम चलना सिख पाओ।

हार को देख हौसला न खो देना,

कभी-कभी हार भी जीत का रस्ता दिखलाता है।