Welcome to ConceptBurst ⚡ — Making Every Concept Crystal Clear!

ConceptBurst is dedicated to giving every student clarity — whether you are an RBSE student, a JEE aspirant, or preparing for board exams.

🎯 What You’ll Learn Here:

Short & detailed Class 12 PCM concept explainers

Tricky JEE topics simplified in easy Hinglish

Time-saving tricks and visual explanations

Smart-board lessons like a real classroom experience

Occasional conceptual lessons in Hindi & English

⚡ Why ConceptBurst?
Because here, every concept is taught with a “burst of clarity” —
Simple Language + Deep Understanding + Real Motivation = ConceptBurst ⚡

📚 Our Mission:
To make every student conceptually strong, so they can confidently answer any question in exams!

📍 Subjects Covered:
Physics | Chemistry | Maths | Hindi | English
(Class 12 | JEE | RBSE Board)


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राष्ट्रीय किसान दिवस

• भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती (23 दिसंबर) को देश भर में 'किसान दिवस' या राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

- श्री चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर, 1902 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था।

- वे सबसे पहले 1937 में छपरौली से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए एवं 1946, 1952, 1962 एवं 1967 में विधानसभा में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

• कांग्रेस विभाजन के बाद फरवरी, 1970 में दूसरी बार वे कांग्रेस पार्टी के समर्थन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। हालाँकि राज्य में 2 अक्टूबर, 1970 को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था।

• चौधरी चरण सिंह 28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 तक जनता पार्टी की सरकार में भारत के प्रधानमंत्री रहे।

• उन्होंने कई किताबें एवं रुचार-पुस्तिकाएँ लिखी जिसमें 'ज़मींदारी उन्मूलन', 'भारत की गरीबी और उसका समाधान', 'किसानों की भूसंपत्ति या किसानों के लिए भूमि, 'प्रिवेंशन ऑफ़ डिविज़न ऑफ़ होल्डिंग्स बिलो ए सर्टेन मिनिमम', 'को-ऑपरेटिव फार्मिंग एक्स-रेय्ड' आदि प्रमुख हैं।

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1 year ago | [YT] | 3

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संसद हमला

13 दिसंबर, 2001 को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने संसद परिसर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी।

इस हमले में आतंकियों का सामना करते हुए दिल्ली पुलिस के पाँच जवान, एक महिला सीआरपीएफ जवान और संसद भवन के वॉच एंड वार्ड स्टाफ के दो जवान और एक माली मारे गए। घायल हुए एक पत्रकार की बाद में मौत हो गई।

यह पाकिस्तान की भारत के लोकतंत्र के मंदिर को धराशायी करने की साजिश थी, लेकिन भारत के सुरक्षाकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए इन आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

संसद पर हमले की घिनौनी साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी अफ़ज़ल गुरु को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया।

संसद पर हमले की साजिश रचने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त, 2005 को अफ़जल गुरु को फाँसी की सजा सुनाई थी। 9 फ़रवरी, 2013 को अफ़ज़ल गुरु को नई दिल्ली को तिहाड़ जेल में सुबह 8 बजे फाँसी पर लटकाया गया।

संसद परिसर के अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने अचानक हुए हमले का बड़ी ही वीरता से सामना किया।

लोकतंत्र के इस मंदिर में कोई आँच न आए, इसलिए उन्होंने अपने प्राणों की बाजी लगा दी।
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1 year ago | [YT] | 3

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बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर

" जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके किसी काम की नहीं!"

बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश में हिंदू महार जाति (Hindu Mahar Caste) में हुआ था।

डॉ. अंबेडकर एक समाज सुधारक, न्यायविद्, अर्थशास्त्री, लेखक, बहुभाषाविद्, विद्वान और विभिन्न धर्मों के विचारक थे।

भारत के पहले कानून मंत्री डॉ. अंबेडकर को 'भारतीय संविधान का जनक' माना जाता है।

डॉ. अंबेडकर संविधान निर्माण की मसौदा (प्रारूप) समिति के अध्यक्ष थे।

उन्होंने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया।

वर्ष 1936 में वे विधायक (MLA) के रूप में बॉम्बे विधानसभा के लिए चुने गए।

वर्ष 1942 में उन्हें एक कार्यकारी सदस्य के रूप में वायसराय की कार्यकारी परिषद् में नियुक्त किया गया था।

डॉ. अंबेडकर ने 'हिंदू कोड बिल' पर मतभेद को लेकर वर्ष 1951 में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया।

वर्ष 1990 में उन्हें मरणोपरान्त भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।

डॉ. अंबेडकर ने मूकनायक, बहिष्कृत भारत, समता, जनता (पत्रिकाएँ), जाति प्रथा का विनाश, बुद्ध या कार्ल मार्क्स, अछूतः वे कौन थे और अछूत कैसे बन गए, बुद्ध और उनके धम्म एवं हिंदू महिलाओं का उदय और पतन (पुस्तकें) नामक कृतियों का लेखन एवं सम्पादन किया।

कालांतर में डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म को स्वीकार कर लिया तथा 6 दिसंबर, 1956 (महापरिनिर्वाण दिवस) को उनका निधन हो गया।हाल ही केंद्र सरकार ने 'अंबेडकर सर्किट' नामक एक विशेष पर्यटक सर्किट की घोषणा की जिसमें डॉ. भीम राव अंबेडकर से संबंधित पाँच प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है।

सरकार द्वारा घोषित पर्यटन सर्किट के पाँच शहरों में मध्य प्रदेश के महू में अंबेडकर का जन्मस्थान (जन्मभूमि), लंदन में वह स्थान जहाँ वह अपने अध्ययन काल में रहे थे (शिक्षा भूमि), नागपुर में वह स्थान जहाँ उन्होंने बौद्ध धर्म ग्रहण किया (दीक्षा भूमि), दिल्ली में उनके निधन का स्थान (महापरिनिर्वाण भूमि) एवं मुंबई में उनके अंतिम संस्कार का स्थान (चैत्य भूमि) शामिल हैं।

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विश्व कम्प्यूटर साक्षरता दिवस

विश्व कम्प्यूटर साक्षरता दिवस प्रतिवर्ष 2 दिसंबर को मनाया जाता है।

यह दिन विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के बीच डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

कम्प्यूटर साक्षरता दिवस का उद्देश्य सीमांत समुदायों के लोगों में तकनीकी कौशल के विकास के बारे में जागरूकता फैलाना है।

विश्व कम्प्यूटर साक्षरता दिवस एक भारतीय बहुराष्ट्रीय निगम, एनआईआईटी द्वारा अपनी 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्ष 2001 में एक पहल के रूप में शुरू किया गया।

कम्प्यूटर साक्षरता से तात्पर्य किसी व्यक्ति द्वारा कुशलता से कम्प्यूटर का उपयोग करने में विशेषज्ञता के स्तर से है।

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1 year ago | [YT] | 2