Abhishek Indra

जय जगन्नाथ, नाम में बसती है अपार शांति और प्रेम की गंगा।
. रथ पर बैठते हैं भगवान, और भक्तों का हृदय हो जाता है चंगा ।
. उनकी मुस्कान में माँ का स्नेह, पिता की छाया और मित्र का साथ मिलता है।
. पुरी की गलियों में जैसे प्रेम खुद भगवान बनकर चलता हो।
. जो एक बार "जय जगन्नाथ" कह दे, उसका जीवन धन्य हो जाए।

6 months ago | [YT] | 1

Abhishek Indra

जय जगन्नाथ, नाम में बसती है अपार शांति और प्रेम की गंगा।
* रथ पर बैठते हैं भगवान, और भक्तों का हृदय हो जाता है चंगा ।
* उनकी मुस्कान में माँ का स्नेह, पिता की छाया और मित्र का साथ मिलता है।
* पुरी की गलियों में जैसे प्रेम खुद भगवान बनकर चलता हो।
* जो एक बार "जय जगन्नाथ" कह दे, उसका जीवन धन्य हो जाए।
*जय प्रेम से जगन्नाथ*

6 months ago | [YT] | 0