Shri Hari Bhakti एक भक्तिपूर्ण मंच है जो सनातन धर्म की महिमा और हमारे प्रिय देवताओं की लीलाओं को समर्पित है।
यहाँ आपको मिलेंगे मंत्र, भजन, ऐनिमेटेड कथाएँ, स्तोत्र, और बहुत कुछ — जो आपके मन को शांति और भक्ति से भर देगा।
आइए, हमारे साथ जुड़िए इस प्रेम और श्रद्धा की यात्रा में।
Shri Hari Bhakti is a humble devotional space dedicated to the glory of Sanatan Dharma and the divine leelas of our beloved deities.
From sacred chants and bhajans to animated stories and ashtakams, we aim to fill your heart with devotion, peace, and divine bliss.
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11 वर्ष का विशालकाय बनवाश आखिर कार समाप्त हो ही गया। आज हमारे लिए अति उत्तम क्षण हैं। हमारी इच्छाएं जो पिछले कई वर्षों तक अधूरी थी। वह आज पूरी हो चुकी हैं। भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट दल ने आखिरकार टी20 क्रिकेट विश्व कप जीत लिया हैं। पहले तो हम भगवान श्रीराम एवं सभी देवी देवताओं को धन्यवाद कहना चाहूंगा की उनके आशीर्वाद के कारण हम विश्व कप जीत सके हैं। भारतीय क्रिकेट दल को मैं सादर अभिनन्दन देना चाहूंगा। उनके अथक परिश्रम के कारण आज हम विश्व विजेता बने हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने मिलकर भारतीय क्रिकेट दल को बहुत कुछ दिया हैं। और आज उन्हेंने उचित समय में विश्व कप जीतकर गर्व से हमारा सीना चौड़ा कर दिया हैं। मुझे उम्मीद हैं की भारत 2027 का विश्व कप भी अवश्य जीतेगा। भारतीय युवा खिलाड़ियों पर मुझे पूरा विश्वास हैं की वे भारतीय क्रिकेट दल को अनेक उचाइयों तक ले कर जायेंगे। वंदे मातरम्, जय हिंद, भारत माता की जय, जय श्रीमन्नारायण। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
1 year ago | [YT] | 4
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निर्जला एकादशी (वैश्णव) और श्रीराम द्वादशी की सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीराम अपने सभी भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि डालें। यही मेरी आशा हैं। सभी भक्तों को जौं, चावल, मूंग, दूध आदि हविष्यान्न भोजन को ही दशमी और द्वादशी को ग्रहण करना चाहिए। यह वराह पुराण में वर्णित हैं।
एकादशी व्रत पारण समय : 05:24 AM से 07:28 AM
जय श्रीराम। जय श्रीमन्नारायण। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
1 year ago | [YT] | 6
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निर्जला एकादश्यास अहम सर्वे वैश्णव भक्तेस्य सोभनयम पठामी। चतुर विनशत एकादश्यास फलम एक एकादशी पुण्यम दयती। सर्वे भक्ता: अवश्य इदम एकादशी कुर्वन्तु। श्रीराम द्वादशी श्व: भवती। सर्वे भक्ता: अवश्य स्तवन मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम:। दशमी एवं द्वादश्यास सर्वे भक्ता: अवश्य ग्रहणम हविष्यान्न भोजनम। जौं, तांडुल, गव्य पदार्थ, मूंग आदि इति हविष्यान्न भोजना: सन्ति। इति उलेख्य: वर्णित: वराह पुराणयाम:।
एकदाशी पारण काल: ०५:२४ ते ०७:२८
जय श्रीराम। जय श्रीमन्नारायण। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
1 year ago | [YT] | 5
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वट सावित्री व्रत त्योहार आज पूरे देश में मनाया जा रहा हैं। वट सावित्री व्रत की आप सब लोगों को हार्दिक बधाई। आज के दिन महिलाएं व्रत रख कर अपने पति की लंबी आयु प्रदान करने की यमराज से याचना करती हैं।
अमावस्या तिथि प्रारम्भ : 5 जून 7:56 PM
अमावस्या तिथि समाप्त : 6 जून 6:07 PM
स्नान-दान मुहूर्त : सुबह 5:10 से सुबह 7:30 तक
व्रत पूजा विधि : 6 जून को व्रती महिलाओं को वट सावित्री व्रत और पूजा का संकल्प लेना चाहिए। फिर शुभ मुहूर्त में आपको वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए सामग्री एकत्र करके किसी बरगद के पेड़ के पास जाना चाहिए। वहां उसके नीचे ब्रह्म देव, देवी सावित्री और सत्यवान की मूर्ति को स्थापित करें। फिर उनका जल से अभिषेकर करें।
उसके बाद ब्रह्म देव, सत्यवान और सावित्री की पूजा करें। एक-एक करके उनको पूजा सामग्री चढ़ाएं। फिर रक्षा सूत्र या कच्चा सूत लेकर उस बरगद के पेड़ की परिक्रमा 7 बार या 11 बार करते हुए उसमें लपेट दें। फिर आसन पर बैठ जाएं। अब आप वट सावित्री व्रत की कथा सुनें। फिर ब्रह्म देव, सावित्री और सत्यवान की आरती करें। आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत की कथा।
वट सावित्री व्रत कथा : स्कंद पुराण में वट सावित्री व्रत की कथा के बारे में वर्णन मिलता है, जिसमें देवी सावित्री के पतिव्रता धर्म के बारे में बताया गया है। देवी सावित्री का विवाह सत्यवान से हुआ था, लेकिन वे अल्पायु थे। एक बार नारद जी ने इसके बारे में देवी सावित्री को बता दिया और उनकी मृत्यु का दिन भी बता दिया।
सावित्री अपने पति के जीवन की रक्षा के लिए व्रत करने लगती हैं। वे अपने पति, सास और श्वसुर के साथ जंगल में रहती थीं। जिस दिन सत्यवान के प्राण निकलने वाले थे, उस दिन वे जंगल में लकड़ी काटने गए थे, तो उनके साथ सावित्री भी गईं।
उस दिन सत्यवान के सिर में तेज दर्द होने लगा और वे वहीं पर बरगद के पेड़ के नीचे लेट गए। देव सावित्री ने पति के सिर को गोद में रख लिया। कुछ समय में यमराज वहां आए और सत्यवान के प्राण हरकर ले जाने लगे। उनके पीछे-पीछे सावित्री भी चल दीं।
यमराज ने उनको समझाया कि सत्यवान अल्पायु थे, इस वजह से उनका समय आ गया था। तुम वापस घर चली जाओ। पृथ्वी पर लौट जाओ। लेकिन सावित्री नहीं मानीं। उनके पतिव्रता धर्म से खुश होकर यमराज ने सत्यवान के प्राण लौटा दिए, जिससे सत्यवान फिर से जीवित हो उठे। ज्येष्ठ अमावस्य तिथि को यह घटनाक्रम हुआ था और अपने पतिव्रता धर्म के लिए देवी सावित्री प्रसिद्ध हो गईं।
उसके बाद से ज्येष्ठ अमावस्य को ज्येष्ठ देवी सावित्री की पूजा की जाने लगी। वट वृक्ष में त्रिदेव का वास होता है और सत्यवान को वट वृक्ष के नीचे ही जीवनदान मिला था। इस वजह से इस व्रत में वट वृक्ष, सत्यवान और देवी सावित्री की पूजा करते हैं।
यह कथा आप सबको अवश्य अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद, जय श्रीमन्नारायण। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
1 year ago | [YT] | 7
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राधाजी का चरित्र मनोहर और पावन हैं। श्रीकृष्ण राधाजी के बिना अधूरे हैं। उन राधा-माधव भगवान का संकीर्तन मैं आप सब भक्तों के सामने लाने वाला हूं। वह संकीर्तन श्रीराधाकृष्ण के बारे में सुंदर व्याख्या करती हैं। तो मुझे उम्मीद हैं इस संकीर्तन से आप में राधा नाम महिमा अवश्य बढ़ेगी। वह संकीर्तन सुनने के लिए मेरे इस चैनल पर बने रहिएगा। माता राधिका सहित भगवान श्रीकृष्ण की जय। जय श्रीराधे। जय श्रीकृष्ण। जय श्रीमन्नारायण। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
1 year ago | [YT] | 8
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अपरा एकादाशी (वैश्णवों के लिए) की आप सब वैष्णव भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान विष्णु की कथा का इसी तरह रसपान कीजियेगा। कृप्या मेरे इस चैनल पर श्रीनारायण की सारी कथाएं अवश्य सुनिएगा।
अपरा एकादशी (वैष्णव) : 3 जून (द्वादशी युक्त एकादशी)
पारण समय : सुबह 05:23 से 08:10 तक
जय श्रीमन्नरायण। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
1 year ago | [YT] | 6
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जय नरसिंह स्वामी। भगवान नरसिंह की जन्मदिवस की आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान नरसिंह परम कल्याणकारी हैं। उनका व्रत आज हर विष्णु भक्त को करना चाहिए। जय नरसिंह देव। जय श्रीमन्नारायण। @TSeriesBhaktiSagar 🙏🚩
1 year ago (edited) | [YT] | 9
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