*मौनी अमावस्या 👉इस पवित्र दिन पर आपको क्या कार्य करने से बचना चाहिए।
मौनी अमावस्या पर क्या करें..?
आपको मौनी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और साथ ही अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं। पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान करना और पितरों की आराधना अगर आप इस दिन करते हैं तो आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। इस दिन आपको जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, धन का दान करना चाहिए। ऐसा करना पुण्य फलदायक होता है। पितरों के निमित्त इस दिन आपको दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। इस दिन पंचबली देने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। पंचबली का अर्थ है कि घर में बनाए गए भोजन को गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और किसी ब्राह्मण को खिलाना। मौनी अमावस्या के दिन आपको पीपल के पेड़ की आराधना करनी चाहिए और साथ ही इसकी परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करना पितरों को प्रसन्न करता है। इस दिन मौन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है, ऐसा करने से आध्यात्मिक उन्नति आपको प्राप्त होती है। इसके साथ ही ध्यान और प्राणायाम भी आप इस दिन अवश्य करें। मौनी अमावस्या पर क्या न करें मौनी अमावस्या के दिन आपको गलती से भी मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन जानवरों पर अत्याचार करने से बचें नहीं तो पितृ दोष लग सकता है। इस दिन किसी के भी साथ वाद-विवाद और झगड़ा आपको नहीं करना चाहिए। काम, क्रोध और लोभ को इस दिन खुद पर हावी न होने दें। माघ अमावस्या के दिन घर में गलती से भी गंदगी न रखें। ॐ काली 🙏
ईश्वर पर विश्वास वह शक्ति है, जो टूटे हुए मन को भी संभाल लेती है। जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब ईश्वर का हाथ थामे रहने वाला कभी हारता नहीं। ईश्वर दिखाई नहीं देते, पर हर कठिन मोड़ पर उनकी उपस्थिति महसूस होती है। विश्वास हो तो अंधकार भी मार्ग बन जाता है और पीड़ा भी प्रसाद लगने लगती है। जिसने ईश्वर पर पूर्ण भरोसा कर लिया, उसके जीवन में भय टिक नहीं पाता। ईश्वर पर विश्वास रखना मतलब यह मान लेना कि जो हो रहा है, वही सबसे अच्छा है। कभी उत्तर देर से मिलते हैं, पर ईश्वर की कृपा कभी खाली नहीं जाती। विश्वास ही वह सेतु है, जो मनुष्य को ईश्वर से जोड़ देता है।
जहाँ अहंकार का नाश होता है, वहीं माँ की उपस्थिति प्रकट होती है। देवी की प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है अपने 'मैं' का त्याग करना। साधना की सफलता का संकेत है जहाँ देवी सब कुछ ग्रहण कर लेती हैं और भक्ति के अलावा कुछ नहीं रहता।
अस्तित्व
*मौनी अमावस्या 👉इस पवित्र दिन पर आपको क्या कार्य करने से बचना चाहिए।
मौनी अमावस्या पर क्या करें..?
आपको मौनी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और साथ ही अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं।
पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान करना और पितरों की आराधना अगर आप इस दिन करते हैं तो आपको पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
इस दिन आपको जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, धन का दान करना चाहिए। ऐसा करना पुण्य फलदायक होता है।
पितरों के निमित्त इस दिन आपको दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए।
इस दिन पंचबली देने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। पंचबली का अर्थ है कि घर में बनाए गए भोजन को गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और किसी ब्राह्मण को खिलाना।
मौनी अमावस्या के दिन आपको पीपल के पेड़ की आराधना करनी चाहिए और साथ ही इसकी परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करना पितरों को प्रसन्न करता है।
इस दिन मौन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है, ऐसा करने से आध्यात्मिक उन्नति आपको प्राप्त होती है। इसके साथ ही ध्यान और प्राणायाम भी आप इस दिन अवश्य करें।
मौनी अमावस्या पर क्या न करें
मौनी अमावस्या के दिन आपको गलती से भी मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
इस दिन जानवरों पर अत्याचार करने से बचें नहीं तो पितृ दोष लग सकता है।
इस दिन किसी के भी साथ वाद-विवाद और झगड़ा आपको नहीं करना चाहिए।
काम, क्रोध और लोभ को इस दिन खुद पर हावी न होने दें।
माघ अमावस्या के दिन घर में गलती से भी गंदगी न रखें।
ॐ काली 🙏
15 hours ago | [YT] | 0
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ईश्वर पर विश्वास वह शक्ति है, जो टूटे हुए मन को भी संभाल लेती है।
जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब ईश्वर का हाथ थामे रहने वाला कभी हारता नहीं।
ईश्वर दिखाई नहीं देते, पर हर कठिन मोड़ पर उनकी उपस्थिति महसूस होती है।
विश्वास हो तो अंधकार भी मार्ग बन जाता है और पीड़ा भी प्रसाद लगने लगती है।
जिसने ईश्वर पर पूर्ण भरोसा कर लिया, उसके जीवन में भय टिक नहीं पाता।
ईश्वर पर विश्वास रखना मतलब यह मान लेना कि जो हो रहा है, वही सबसे अच्छा है।
कभी उत्तर देर से मिलते हैं, पर ईश्वर की कृपा कभी खाली नहीं जाती।
विश्वास ही वह सेतु है, जो मनुष्य को ईश्वर से जोड़ देता है।
1 day ago | [YT] | 3
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अस्तित्व
जहाँ अहंकार का नाश होता है, वहीं माँ की उपस्थिति प्रकट होती है। देवी की प्राप्ति का एकमात्र मार्ग है अपने 'मैं' का त्याग करना। साधना की सफलता का संकेत है जहाँ देवी सब कुछ ग्रहण कर लेती हैं और भक्ति के अलावा कुछ नहीं रहता।
2 days ago | [YT] | 9
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अस्तित्व
🙏🙏
3 weeks ago | [YT] | 0
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आध्यात्मिक व्यक्ति को क्या नहीं करना चाहिए़।
1 month ago | [YT] | 0
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🙏🙏
1 month ago | [YT] | 3
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🙏🙏
1 month ago | [YT] | 3
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अस्तित्व
4 months ago | [YT] | 4
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🙏🙏
6 months ago | [YT] | 3
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🙏🙏
6 months ago | [YT] | 3
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