श्री कृष्ण कहते हैं कि जिस मनुष्य के पास सब्र की ताकत है, उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। श्री कृष्ण कहते हैं कि अपने आपको ईश्वर के प्रति समर्पित कर दो, यही सबसे बड़ा सहारा है, जो कोई भी इस सहारे को पहचान गया है वह डर, चिंता और दुखों से आजाद रहता है। श्री कृष्ण कहते हैं कि जिस प्रकार सूर्य उगते ही अंधकार मिट जाता है, उसी प्रकार सही ज्ञान की प्राप्ति से अज्ञान का अंत हो जाता है। श्री कृष्ण कहते हैं कि सफलता जिस ताले में बंद रहती है वह दो चाबियों से खुलती है, एक कठिन परिश्रम और दूसरा दृढ संकल्प. श्री कृष्ण कहते हैं कर्म वह फसल है जिसे इंसान को हर हाल में काटना ही पड़ता है इसलिए हमेशा अच्छे बीज बोए ताकि फसल अच्छी हो श्री कृष्ण कहते हैं, जो सभी इच्छाएं त्याग देता है और मैं और मेरा की लालसा और भावना से मुक्त हो जाता है उसे शान्ति प्राप्त होती है. श्री कृष्ण कहते हैं, मनुष्य को जीवन की चुनौतियों से भागना नहीं चाहिए और न ही भाग्य और ईश्वर की इच्छा जैसे बहानों का प्रयोग करना चाहिएll श्री कृष्ण कहते हैं जिसने मन को जीत लिया है, उसने पहले ही परमात्मा को प्राप्त कर लिया है. गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि सही समय की प्रतीक्षा करके स्वयं को मूर्ख मत बनाइए क्योंकि सही समय तभी आएगा जब आप उसे सही बनाने के लिए प्रयत्न करेंगे. गीता में लिखा है कि केवल डरपोक और कमजोर लोग ही चीजों को भाग्य पर छोड़ते हैं लेकिन जो मजबूत और खुद पर भरोसा करने वाले होते हैं वे कभी भी नियति या भाग्य पर निर्भर नही रहते. गीता के अनुसार सिर्फ दिखावे के लिये अच्छा मत बनो, वो परमात्मा आपको बाहर से नहीं बल्कि भीतर से भी जनता है! श्रीकृष्ण का कहना है कि मुश्किलें केवल बेहतरीन लोगों के हिस्से में आती है क्योंकि वही लोग उसे बेहतरीन तरीके से अंजाम देने की ताकत रखते हैं! जो सरलता से मिलता रहे उसका महत्व नही रह जाता अक्सर खो देने के बाद समय, व्यक्ति और संबंध के मूल्य का आभास होता है!! श्रीकृष्ण कहते हैं शरीर नश्वर हैं पर आत्मा अमर है. यह तथ्य जानने पर भी व्यक्ति अपने इस नश्वर शरीर पर घमंड करता है जो कि बेकार है. शरीर पर घमंड करने की बजाय मनुष्य को सत्य स्वीकार करना चाहिए. आप खुश हैं या दुखी, यह दोनों आपके विचारों पर निर्भर है. अगर आप प्रसन्न रहना चाहते हैं तो आप हर हाल में प्रसन्न ही रहेंगे. अगर आप नकारात्मक विचार लाते हैं, तो आप दुखी ही होंगे. विचार ही हर व्यक्ति का शत्रु और मित्र होता है कोई भी इंसान जन्म से नहीं बल्कि अपने कर्म से महान बनता है। अच्छी नीयत से किया गया काम कभी व्यर्थ नहीं जाता, और उसका फल आपको ज़रूर मिलता है। बुराई बड़ी हो या छोटी हमेशा विनाश का कारण बनती है, क्योंकि नाव में छेद छोटा हो या बड़ा नाव को डुबा ही देता है। जो होने वाला है वो होकर ही रहता है, और जो नहीं होने वाला वह कभी नहीं होता, ऐसा निश्चय जिनकी बुद्धि में होता है, उन्हें चिंता कभी नही सताती निर्णय लेते समय ना ज्यादा खुश हो ना ज्यादा दुखी हो, ये दोनो परिस्थितियाँ आपको सही निर्णय लेने नही देती। सत्य कभी दावा नहीं करता कि मैं सत्य हूं लेकिन झूठ हमेशा दावा करता हैं कि सिर्फ मैं ही सत्य हूं। गीता में कहा गया है कोई भी अपने कर्म से भाग नहीं सकता कर्म का फल तो भुगतना ही पड़ता है। अच्छे कर्म करने के बावजूद भी लोग केवल आपकी बुराइयाँ ही याद रखेंगे, इसलिए लोग क्या कहते हैं इस पर ध्यान मत दो, तुम अपना कर्म करते रहो। मैं किसी का भाग्य नही बनाता हर कोई अपना भाग्य खुद बनाता हैं, आप आज जो भी कर्म कर रहे हों, उसका फल आपको कल प्राप्त होगा, और आज जो आपके पास हैं वह आपके द्वारा पहले किये गये कर्मों का फल हैं। इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है यह जानते हुए भी कि भाग्य से भी ऊंचा उसका कर्म है, जो स्वयं के हाथों में है मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है, जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है। आत्म-ज्ञान की तलवार से अपने ह्रदय से अज्ञान के संदेह को काटकर अलग कर दो, उठो...अनुशाषित रहो। जिस मनुष्य के पास सब्र की ताकत है, उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। अगर आपको कोई अच्छा लगता है, तो अच्छा वो नहीं, बल्कि अच्छे आप हो क्योंकि उसमें अच्छाई देखने वाली नजर आपके पास है। जो मुझे सर्वत्र देखता है और सब कुछ मुझमें देखता है उसके लिए न तो मैं कभी अदृश्य होता हूँ और न वह मेरे लिए अदृश्य होता है वक्त से पहले मिली चीजें अपना मूल्य खो देती है, और वक्त के बाद मिली चीजें अपना महत्व! आत्मा न तो जन्म लेती है और न ही मरती है, आत्मा अमर है। व्यक्ति जो चाहे बन सकता है, यदि विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर लगातार चिन्तन करे। अपने आपको ईश्वर के प्रति समर्पित कर दो, यही सबसे बड़ा सहारा है, जो कोई भी इस सहारे को पहचान गया है वह डर, चिंता और दुखों से आजाद रहता है।
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Ganapati Bappa Morya
4 months ago | [YT] | 0
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#BANJARA DANCE
11 months ago | [YT] | 0
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Banjara #special dance
11 months ago | [YT] | 0
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1 year ago | [YT] | 0
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asur ne lita shiv ka roop #motivation #shorts #viral #youtube short video
1 year ago | [YT] | 0
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श्री कृष्ण कहते हैं कि
जिस मनुष्य के पास सब्र की ताकत है,
उस मनुष्य की ताकत का कोई
मुकाबला नहीं कर सकता।
श्री कृष्ण कहते हैं कि
अपने आपको ईश्वर के प्रति समर्पित कर दो,
यही सबसे बड़ा सहारा है, जो कोई भी
इस सहारे को पहचान गया है वह डर,
चिंता और दुखों से आजाद रहता है।
श्री कृष्ण कहते हैं कि
जिस प्रकार सूर्य उगते ही अंधकार मिट जाता है,
उसी प्रकार सही ज्ञान की प्राप्ति से
अज्ञान का अंत हो जाता है।
श्री कृष्ण कहते हैं कि
सफलता जिस ताले में बंद रहती है वह दो चाबियों से खुलती है, एक कठिन परिश्रम और दूसरा दृढ संकल्प.
श्री कृष्ण कहते हैं
कर्म वह फसल है
जिसे इंसान को हर
हाल में काटना ही पड़ता है इसलिए हमेशा
अच्छे बीज बोए ताकि
फसल अच्छी हो
श्री कृष्ण कहते हैं,
जो सभी इच्छाएं त्याग देता है और
मैं और मेरा
की लालसा और भावना से मुक्त हो जाता है उसे शान्ति प्राप्त होती है.
श्री कृष्ण कहते हैं,
मनुष्य को जीवन की चुनौतियों से भागना नहीं चाहिए और न ही भाग्य और ईश्वर की इच्छा जैसे बहानों का प्रयोग करना चाहिएll
श्री कृष्ण कहते हैं
जिसने मन को जीत लिया है, उसने पहले ही परमात्मा को प्राप्त कर लिया है.
गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि सही समय की प्रतीक्षा करके स्वयं को मूर्ख मत बनाइए क्योंकि सही समय तभी आएगा जब आप उसे सही बनाने के लिए प्रयत्न करेंगे.
गीता में लिखा है कि केवल डरपोक और कमजोर लोग ही चीजों को भाग्य पर छोड़ते हैं लेकिन जो मजबूत और खुद पर भरोसा करने वाले होते हैं वे कभी भी नियति या भाग्य पर निर्भर नही रहते.
गीता के अनुसार सिर्फ दिखावे के लिये अच्छा मत बनो, वो परमात्मा आपको बाहर से नहीं बल्कि भीतर से भी जनता है!
श्रीकृष्ण का कहना है कि मुश्किलें केवल बेहतरीन लोगों के हिस्से में आती है क्योंकि वही लोग उसे बेहतरीन तरीके से अंजाम देने की ताकत रखते हैं!
जो सरलता से मिलता रहे उसका महत्व नही रह जाता अक्सर खो देने के बाद समय, व्यक्ति और संबंध के मूल्य का आभास होता है!!
श्रीकृष्ण कहते हैं शरीर नश्वर हैं पर आत्मा अमर है. यह तथ्य जानने पर भी व्यक्ति अपने इस नश्वर शरीर पर घमंड करता है जो कि बेकार है. शरीर पर घमंड करने की बजाय मनुष्य को सत्य स्वीकार करना चाहिए.
आप खुश हैं या दुखी, यह दोनों आपके विचारों पर निर्भर है. अगर आप प्रसन्न रहना चाहते हैं तो आप हर हाल में प्रसन्न ही रहेंगे. अगर आप नकारात्मक विचार लाते हैं, तो आप दुखी ही होंगे. विचार ही हर व्यक्ति का शत्रु और मित्र होता है
कोई भी इंसान जन्म से नहीं
बल्कि अपने कर्म से महान बनता है।
अच्छी नीयत से किया गया काम
कभी व्यर्थ नहीं जाता, और उसका फल
आपको ज़रूर मिलता है।
बुराई बड़ी हो या छोटी हमेशा
विनाश का कारण बनती है,
क्योंकि नाव में छेद छोटा हो या बड़ा
नाव को डुबा ही देता है।
जो होने वाला है वो होकर ही रहता है,
और जो नहीं होने वाला वह कभी नहीं होता,
ऐसा निश्चय जिनकी बुद्धि में होता है,
उन्हें चिंता कभी नही सताती
निर्णय लेते समय ना ज्यादा
खुश हो ना ज्यादा दुखी हो,
ये दोनो परिस्थितियाँ आपको
सही निर्णय लेने नही देती।
सत्य कभी दावा नहीं करता कि
मैं सत्य हूं लेकिन झूठ हमेशा
दावा करता हैं कि सिर्फ मैं ही सत्य हूं।
गीता में कहा गया है कोई भी
अपने कर्म से भाग नहीं सकता
कर्म का फल तो भुगतना ही पड़ता है।
अच्छे कर्म करने के बावजूद भी
लोग केवल आपकी बुराइयाँ ही याद रखेंगे,
इसलिए लोग क्या कहते हैं इस पर ध्यान मत दो,
तुम अपना कर्म करते रहो।
मैं किसी का भाग्य नही बनाता हर कोई अपना भाग्य खुद बनाता हैं, आप आज जो भी कर्म कर रहे हों, उसका फल आपको कल प्राप्त होगा, और आज जो आपके पास हैं वह आपके द्वारा पहले किये गये कर्मों का फल हैं।
इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है
यह जानते हुए भी कि भाग्य से भी
ऊंचा उसका कर्म है, जो स्वयं के हाथों में है
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है,
जैसा वो विश्वास करता है
वैसा वो बन जाता है।
आत्म-ज्ञान की तलवार से अपने
ह्रदय से अज्ञान के संदेह को काटकर
अलग कर दो, उठो...अनुशाषित रहो।
जिस मनुष्य के पास सब्र की ताकत है,
उस मनुष्य की ताकत का कोई
मुकाबला नहीं कर सकता।
अगर आपको कोई अच्छा लगता है,
तो अच्छा वो नहीं, बल्कि अच्छे आप हो
क्योंकि उसमें अच्छाई देखने वाली
नजर आपके पास है।
जो मुझे सर्वत्र देखता है और सब कुछ
मुझमें देखता है उसके लिए न तो मैं
कभी अदृश्य होता हूँ और न वह
मेरे लिए अदृश्य होता है
वक्त से पहले मिली चीजें अपना
मूल्य खो देती है, और वक्त के बाद
मिली चीजें अपना महत्व!
आत्मा न तो जन्म लेती है
और न ही मरती है,
आत्मा अमर है।
व्यक्ति जो चाहे बन सकता है,
यदि विश्वास के साथ इच्छित वस्तु
पर लगातार चिन्तन करे।
अपने आपको ईश्वर के प्रति समर्पित कर दो,
यही सबसे बड़ा सहारा है, जो कोई भी
इस सहारे को पहचान गया है वह डर,
चिंता और दुखों से आजाद रहता है।
2 years ago | [YT] | 1
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Puranas names
2 years ago | [YT] | 0
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