नमस्ते दोस्तों मेरा नाम रमेश चंद है और मैं एक यूट्यूब हूं मेरा चैनल बाबासाहेब के ऊपर में वीडियो बनाता हूं मेरा यूट्यूब चैनल पर युटुब बाबासाहेब का वीडियो बनाता हूं आप लोग को मेरी वीडियो पसंद आए तो सब्सक्राइबऔर लाइक कीजिए दोस्तों जय भीम नमो बुद्धाय 💙💙🙏
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Ramesh chand official
जय भीम नमो बुद्धाय साथियों आप लोग को 26 जनवरी की हार्दिकशुभकामनाएं कमेंट कीजिए और लाइक कीजिए
3 weeks ago | [YT] | 683
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Ramesh chand official
26 Happy republic Day जयभीम नमो बुद्धा साथियों 26 जनवरी 1950 को अपना संविधान लागू किया गया सभी लोग लाइक और कमेंट कीजिए और कमेंट में जानकारी बताइए
3 weeks ago | [YT] | 2,118
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Ramesh chand official
जय भीम नमो बुद्धाय साथियों आप लोग का स्वागत है कैसा लगा फोटो को कमेंट करके बताइए सपोर्ट की मैसेज कीजिए
1 month ago | [YT] | 1,634
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Ramesh chand official
सभी लोगों को नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं जय भीमसाथियों Happy New year we 2026
1 month ago | [YT] | 341
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Ramesh chand official
बाबा साहब (डॉ. भीमराव अंबेडकर) के जीवन की कहानी का उद्देश्य
बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन की कहानी का मुख्य उद्देश्य था समाज में फैले अन्याय, जाति-भेद और शोषण को खत्म करना और हर इंसान को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिलाना।
बचपन से ही उन्होंने छुआछूत और अपमान झेला। स्कूल, पानी, बैठने तक में भेदभाव देखा। इन अनुभवों ने उनके मन में यह संकल्प पैदा किया कि वे ऐसा समाज बनाएँगे जहाँ जन्म से नहीं, कर्म और योग्यता से पहचान हो।
उनके जीवन के उद्देश्य को चार मुख्य बिंदुओं में समझा जा सकता है:
1️⃣ शिक्षा द्वारा मुक्ति
बाबा साहब मानते थे कि शिक्षा ही गुलामी की जंजीर तोड़ सकती है। इसलिए उन्होंने कहा—
“शिक्षा शेरनी का दूध है।”
उनका उद्देश्य था कि दलित, पिछड़े और गरीब वर्ग पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनें।
2️⃣ सामाजिक समानता
उन्होंने छुआछूत, ऊँच-नीच और जाति व्यवस्था के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उनका सपना था एक ऐसा भारत जहाँ सब बराबर हों।
3️⃣ अधिकार और न्याय
भारतीय संविधान बनाकर बाबा साहब ने सभी नागरिकों को समान अधिकार, न्याय और स्वतंत्रता दी। उनका उद्देश्य था कि कानून कमजोर की ढाल बने।
4️⃣ मानवता और बंधुत्व
जीवन के अंत में उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाकर करुणा, अहिंसा और भाईचारे का संदेश दिया। उनका मानना था कि बिना बंधुत्व के समाज मजबूत नहीं हो सकता।
✨ निष्कर्ष
बाबा साहब के जीवन की कहानी हमें सिखाती है कि
👉 ज्ञान से शक्ति आती है
👉 समानता से समाज बनता है
👉 संविधान से देश चलता है
यही बाबा साहब के जीवन का सच्चा उद्देश्य था—
एक न्यायपूर्ण, समान और मानवतावादी भारत का निर्माण।
जय भीम। जय संविधान।
Ramesh Chand official 280
ज़रूर, आगे बाबा साहब के जीवन-उद्देश्य की कहानी को और गहराई से समझिए—
5️⃣ राजनीतिक भागीदारी और सत्ता में हिस्सेदारी
बाबा साहब का मानना था कि जब तक वंचित समाज की राजनीति में भागीदारी नहीं होगी, तब तक उनके अधिकार सुरक्षित नहीं रहेंगे। इसलिए उन्होंने कहा—
“राजनीतिक शक्ति ही सभी सामाजिक बदलावों की कुंजी है।”
इसी उद्देश्य से उन्होंने दलितों, मजदूरों और पिछड़ों को वोट, प्रतिनिधित्व और नेतृत्व के लिए जागरूक किया।
6️⃣ आर्थिक न्याय और श्रमिक अधिकार
बाबा साहब केवल सामाजिक समानता तक सीमित नहीं थे। वे चाहते थे कि हर व्यक्ति आर्थिक रूप से भी मजबूत हो।
8 घंटे काम का नियम
महिला-पुरुष समान वेतन
मजदूरों के अधिकार
इन सबके पीछे उनका उद्देश्य था—गरीब को सम्मानजनक जीवन देना।
7️⃣ महिला सशक्तिकरण
बाबा साहब महिलाओं को समाज की रीढ़ मानते थे। उन्होंने कहा—
“मैं किसी समाज की प्रगति को महिलाओं की प्रगति से मापता हूँ।”
हिंदू कोड बिल के ज़रिए उन्होंने महिलाओं को संपत्ति, विवाह और तलाक में अधिकार दिलाने की कोशिश की। यह भी उनके जीवन उद्देश्य का बड़ा हिस्सा था।
8️⃣ धर्म परिवर्तन का उद्देश्य
1956 में बौद्ध धर्म अपनाकर बाबा साहब ने संदेश दिया कि
👉 धर्म वह होना चाहिए जो इंसान को इंसान बनाए,
👉 जो बराबरी, करुणा और आत्मसम्मान सिखाए।
यह कोई पलायन नहीं, बल्कि सम्मान की ओर कदम था।
9️⃣ आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश
बाबा साहब का जीवन उद्देश्य सिर्फ उनके समय तक सीमित नहीं था। वे भविष्य की पीढ़ियों से कहते हैं—
शिक्षित बनो
संगठित रहो
संघर्ष करो
🔚 समापन
बाबा साहब के जीवन की कहानी का उद्देश्य हमें यह सिखाना है कि
अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी पूरे समाज की दिशा बदल सकता है।
उनका सपना आज भी अधूरा है, और उसे पूरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
जय भीम। जय भारत। जय संविधान।
Ramesh Chand official 280
1 month ago | [YT] | 12
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Ramesh chand official
जय भीम नमो बुद्धाय साथियों 25 दिसंबर मनुस्मृति दिवस मनाया जाता है बाबासाहेब हमारे अमररहे सभी लोग मैसेज कीजिए कमेंट कीजिए
1 month ago | [YT] | 3,430
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Ramesh chand official
2 months ago | [YT] | 34
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Ramesh chand official
Baba Saheb Dr. B.R. Ambedkar का दर्द सिर्फ उनका निजी दर्द नहीं था—वह पूरे समाज का दर्द था, जिसे उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में महसूस किया और उसी ने उन्हें इंसानियत, बराबरी और न्याय के लिए लड़ने की ताकत दी।
नीचे मैं आपको बिल्कुल साफ़ और भावनात्मक तरीके से बता रहा हूँ कि Baba Saheb का असली दर्द क्या था — इसे आप सीधे अपनी वीडियो की स्क्रिप्ट में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
🌑 1. जन्म से लेकर पूरी शिक्षा तक अपमान का दर्द
Ambedkar ji को बचपन से ही भेदभाव झेलना पड़ा।
स्कूल में उन्हें क्लास के बाहर बैठना पड़ता था।
टीचर तक उन्हें छूकर नहीं देखते थे।
प्यास लगती तो कोई उन्हें पानी तक नहीं देता था।
यह उनका सबसे पहला दर्द था — इंसान होकर भी इंसान न समझे जाना।
🌑 2. छुआछूत का दर्द
जहाँ भी जाते, उन्हें “अछूत” कहा जाता था।
रास्तों, मंदिरों, स्कूलों, पानी के स्थानों—हर जगह अपमान।
उन्होंने कई बार कहा:
“मैंने अपमान खाना सीखा, पर झुकना कभी नहीं सीखा।”
🌑 3. समाज के लिए लड़ते हुए तानों का दर्द
Baba Saheb सिर्फ अपने लिए नहीं, पूरे राष्ट्र के लिए लड़े।
लेकिन उनके खिलाफ बड़े–बड़े नेता, अख़बार और लोग खड़े हो जाते थे।
उनकी बातों को दबाया जाता था, और उन्हें गलत साबित करने की कोशिश की जाती थी।
ये भी एक गहरा दर्द था—
सही बातें कहने पर भी विरोध झेलना।
🌑 4. अपने समाज की हालत देखकर दर्द
उन्हें सबसे ज़्यादा तकलीफ़ तब होती थी जब वे अपने लोगों को
बिना शिक्षा
बिना सम्मान
गरीबी
डर
में जीते देखते थे।
उनका असली दर्द था:
“मेरे लोग बराबरी क्यों नहीं पा रहे?”
🌑 5. अकेले लड़ने का दर्द
जिन संघर्षों में बड़ी भीड़ होनी चाहिए थी, उनमें वे कई बार बिल्कुल अकेले थे।
उन्होंने कहा था:
“मैं चलता रहा क्योंकि रुक जाना मेरे लोगों के लिए हार थी।”
🌑 6. संविधान बनाते समय का दर्द
उन्होंने रात–रात भर जागकर संविधान लिखा,
ताकि हर इंसान को समान अधिकार मिल सके।
लेकिन उन्हें यह दर्द था कि
अगर समाज बदलेगा नहीं, तो संविधान भी क्या कर लेगा?
🌑 7. स्वास्थ्य बिगड़ने का दर्द
लगातार काम, तनाव और संघर्ष के कारण उनका स्वास्थ्य टूट गया था।
पर वे रुकना नहीं चाहते थे—
क्योंकि उनका दर्द ज़्यादा बड़ा था, शरीर से ज़्यादा।
⭐ Baba Saheb का सबसे बड़ा दर्द — इंसानियत का अपमान
उनका सबसे गहरा दर्द था:
“क्यों इंसान को इंसान से नीचा माना जाता है?”
इसी दर्द ने उन्हें
महान नेता
महान विचारक
और संविधान निर्माता
बनाया।
3 months ago | [YT] | 15
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Ramesh chand official
Jay Bheem namo buddhay sathiyon
4 months ago | [YT] | 46
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Ramesh chand official
हाइप के बारे में जानकारी हाइप कैसे मिलता है दो लाइक से ही आप मिल गया यूट्यूब मिल गया मेरी वीडियो पर हाइप पूरी जानकारी मिलेगी हमारी वीडियो में
4 months ago | [YT] | 21
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