"Namaskar!
This channel is dedicated to all the inquisitive souls who seek to understand the true nature of life. Here, we will explore the profound teachings of Advaita Vedanta, meditation, self-realization, and scriptures in a simple and interactive manner. If you, too, are in search of truth, then join me on this spiritual journey. Let us discover ourselves, realize the truth, and experience supreme peace together." @bodhsesambodhi
"नमस्कार!
यह चैनल उन सभी जिज्ञासु आत्माओं के लिए समर्पित है, जो जीवन के वास्तविक स्वरूप को समझना चाहते हैं। यहाँ हम अद्वैत वेदांत, ध्यान, आत्मज्ञान और शास्त्रों की गूढ़ शिक्षाओं को सरल और संवादात्मक शैली में प्रस्तुत करेंगे। यदि आप भी सत्य की खोज में हैं, तो इस आध्यात्मिक यात्रा में मेरे साथ चलें। आइए, मिलकर स्वयं को जानें, सत्य को पहचाने और परम शांति का अनुभव करें।" @bodhsesambodhi
Bodh se Sambodhi
🌿 "बोध से सम्बोधि परिवार की ओर से आप सभी साधकों को नमन " 🌿
प्रिय आत्मन,
आज के इस कलियुग में जहाँ नकारात्मकता, भ्रम और मेल-मिलावट से भरा हुआ ज्ञान आसानी से उपलब्ध है, वहीं शुद्ध और सच्चे आध्यात्मिक ज्ञान की खोज करना और उसे आत्मसात करना अत्यंत दुर्लभ हो गया है।
"Bodh Se Sambodhi" का उद्देश्य केवल एक ही है: शुद्ध आध्यात्मिक ग्यान को सरल भाषा में, बिना किसी दिखावे या मिलावट के आप तक पहुँचाना।
आज हम सब एक ऐसे समय से गुज़र रहे हैं, जहाँ संसार की दौड़–भाग, उपभोक्तावाद और नकारात्मकता ने हमारे जीवन के हर पहलू को ढक लिया है। हर तरफ़ दिखावा, मेल-मिलावट और भ्रम का बाजार सजा हुआ है। लोग असत्य को सुनने और देखने में सहज हो गए हैं, लेकिन जब बात शुद्ध आध्यात्मिक ग्यान की आती है तो वहाँ उनकी रुचि कम होती दिखती है।
लेकिन, याद रखिए सत्य कभी भी भीड़ का मोहताज़ नहीं होता। वह उन कुछ आत्माओं के लिए होता है, जो भीतर से प्यासे हैं, जो अपने ‘स्वरूप’ को पहचानने के लिए तड़पते हैं।
इन्हीं साधकों के लिए हमने एक छोटा सा प्रयास शुरू किया है "Bodh Se Sambodhi"
यहाँ हमारा उद्देश्य न तो नाम कमाना है और न ही किसी प्रकार का लाभ अर्जित करना। यहाँ केवल एक संकल्प है सच्चे और शुद्ध ग्यान को, बिना किसी मिलावट के, आपके समक्ष प्रस्तुत करना।
हमारे चैनल पर प्रस्तुत की जा रही शृंखलाएँ—
निर्वाण षट्कम् :
अद्वैत का अमृत जो सीधे आत्मा को छू लेता है।
youtube.com/playlist?list=PLj...
मैं कौन हूँ? :
आत्मचिंतन की यात्रा, जो आपको आपके मूल स्वरूप की ओर ले जाती है।
youtube.com/playlist?list=PLj...
न्यू एज स्पिरिचुअलिटी :
आधुनिक समय में आध्यात्मिकता की सही दिशा और उसका विवेकपूर्ण मूल्यांकन।
youtube.com/playlist?list=PLj...
बुद्धत्व का मनोविज्ञान (पुस्तक समीक्षा) :
आंतरिक परिवर्तन को समझने की गहन दृष्टि।
youtube.com/playlist?list=PLj...
विवेक संजीवनी :
जीवन के संकटों में विवेक को जागृत करने की साधना।
youtube.com/playlist?list=PLj...
अष्टावक्र महागीता :
शाश्वत सत्य का महासागर।
youtube.com/playlist?list=PLj...
और भी अनेक श्रृंखलाएँ, जो केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं बल्कि ध्यान और आत्मानुभवों से निकली हुई अनुभूतियाँ हैं।
🌸 यह ज्ञान कठिन शब्दों या भारी-भरकम भाषा में नहीं, बल्कि आज के समय की आवश्यकता के अनुसार सरल और सीधी बात के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
🙏 क्यों ज़रूरी है आपका सहयोग?
शास्त्रों में कहा गया है:
"कलियुग में सत्य की चर्चा बहुत कम होगी, और जहाँ होगी भी, वहाँ उसे ग्रहण करने की सामर्थ्य रखने वाले और भी कम होंगे।"
इसलिए यदि आपको ऐसा कोई प्रयास मिलता है, जहाँ सत्य, शुद्धता और आत्मजागरण की बात हो रही है, तो उसे न केवल आत्मसात करना बल्कि उसका समर्थन करना भी आपकी धार्मिक और आध्यात्मिक ज़िम्मेदारी है।
आज सोशल मीडिया पर नकारात्मक और तुच्छ सामग्री को करोड़ों लोग देखते हैं, लेकिन जब कोई चैनल आपको आपकी पीड़ा, भय और अज्ञान से मुक्त कराने का मार्ग दिखाता है, तो उसे समर्थन बहुत कम मिलता है। यही विडम्बना है।
आपका एक छोटा-सा क्लिक –
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👉 Subscribe
सिर्फ़ तकनीकी काम नहीं है।
यह वस्तुतः सेवा का एक रूप है। क्योंकि जब आप इस ज्ञान को दूसरों तक पहुँचाते हैं, तो आप स्वयं इस यज्ञ के वाहक बन जाते हैं।
🌼 हमारी प्रार्थना
प्रिय साधक,
यदि हमारे प्रयासों ने आपके हृदय में थोड़ी सी भी शांति जगाई है, यदि आपको लगा कि यहाँ कोई दिखावा नहीं बल्कि आत्मा से निकली हुई सीधी बात हो रही है, तो कृपया इस बोध–यात्रा में हमारे साथ चलें।
👉 हमारे चैनल को Subscribe करें।
👉 अपने मित्रों और परिवार में इसे साझा करें।
👉 इस ज्ञान की धारा को फैलाने में सहयोग दें।
याद रखिए,
सत्य का प्रचार करना भी एक महान सेवा है। और सत्य ही वह नाव है, जो आपको इस अंधकारमय कलियुग से पार लगाकर सम्बोधि तक पहुँचा सकती है।
🕉️Team Bodh Se Sambodhi
आत्मज्ञान की ओर एक सरल, शुद्ध और सच्चा प्रयास
धन्यवाद।
@BodhseSambodhi #spirituality #spiritualjourney #spiritualawakening #spiritual #spiritualgrowth #spiritualguidance #spiritualhealing #spiritualityinhindi #spiritualityreligion #spiritualindia #spiritualwisdom #spiritualtips #spiritualtransformation #spiritualtalk #spiritualtruth #spiritualteachings #spiritualthought #spiritualmotivation #spiritualmantra #spiritualhelp #hindispirituality #hindispiritual #hindispiritualvideo #hindispiritualstory #sanyas #sanyasibaba #sanyasi #sanyasimaharaj #renounce #ramanmaharshi #oshohindi #oshoquotes #osho #krishnamurtihindi #bhagavadgitawisdom #bhagavadgita #bhagwatgeeta #karmic #karmayoga #karmayogi #grihasth #parmarth #bodhsesambodhi #devaspeaks #vairagya_marg #vairagvani #ashtavakra #ashtavakrageeta #ashtavakragita #upanishads #viralvideo #trendingvideo #mindfulnesshindi #adhyatma #whoami #whoamiriddles #maikounhu #selfrealization #aatmgyan #enlightenmenthindi #enlightenmentjourney #enlightenment #बोध_और_समझ #sacredsilence #realspirituality #religionandspirituality #असली_अध्यात्म #ego #ahankar
3 months ago | [YT] | 0
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Bodh se Sambodhi
प्रिय मित्रों,
जब तक मनुष्य ठहरेगा नहीं, तब तक वह कुछ भी प्राप्त नहीं कर पाएगा; किन्तु मनुष्य है कि ठहरने का नाम ही नहीं लेता।
ओशो एक स्थान पर कहते हैं कि मनुष्य के साथ वह अचेतनता-जनित प्राकृतिक विकास-यात्रा पूर्ण हो चुकी है, जो प्राकृतिक नियमों के अधीन थी।
अब यदि मनुष्य को प्रगति करनी है तो उसे सचेतन चुनाव करने होंगे, सजग निर्णय लेने होंगे और उन निर्णयों के परिणामों की जिम्मेदारी भी स्वयं स्वीकार करनी होगी। जिम्मेदारी से विमुख होना सम्भव नहीं, क्योंकि न चुनना भी एक प्रकार का चुनाव ही है और उसके भी अपने परिणाम होंगे। तथापि मनुष्य ठहरने का नाम ही नहीं लेता।
उसे इस ब्रह्माण्ड के नये-नये ग्रहों के तथा आकाशगंगाओं के गहनतम रहस्यों को जानना है, परन्तु कुछ क्षण ठहरकर अपने दुःख, वेदना और भय के मूल रहस्यों को जानना उसे रुचिकर नहीं लगता। जो विषय-वस्तु उसे और अधिक अचेतनता एवं प्रमाद में डुबो दे, उसका उपभोग वह भूखे सिंह के समान करता है; किन्तु जो विषय-वस्तु उसे शाश्वत शान्ति, प्रेम, प्रसन्नता और परमानन्द की ओर ले जाए, उसकी ओर दृष्टि डालने तक से वह कतराता है।
हम कितनी प्रबल चेष्टा कर रहे हैं कि अद्वैत वेदान्त तथा आज तक दुःखनिवृत्ति के लिए किए गए सभी प्रयासों को साररूप में लेकर, दैनन्दिन जीवन के एक सरल उदाहरण वड़ा-पाव खाने के बन्धन के माध्यम से समझाकर एक वीडियो प्रस्तुत किया। Views कितने हुए? पूरे चौबीस घण्टों में केवल चौदह! कितनी बड़ी विडम्बना है!
जो धीरे-धीरे अपने जीवन को मृत्यु की ओर ढकेल रहा है, उसे ज्ञान-अमृत की एक बूँद मिल रही है, परन्तु उसे पीने के लिए ठहरने की धैर्य-शक्ति भी उसके पास नहीं है। यदि आप अचेतन हैं, चेतन नहीं हैं, तो आप प्रत्येक क्षण मर रहे हैं। यह तो मानो एक धीमी आत्महत्या है।
समझ गया। आप चाहते हैं कि इस गूढ़ और गम्भीर विषय पर बनाए गए वीडियो को देखने के लिए दर्शकों को प्रेरित किया जाए। मैं इसके लिए एक प्रभावशाली और भावपूर्ण आह्वान-पत्र तैयार करता हूँ:
मनुष्य अपने जीवन में अनवरत दौड़ता रहता है—बाहर की ओर, आकाशगंगाओं और ग्रहों के रहस्यों की ओर। परंतु जब तक वह स्वयं के भीतर नहीं ठहरेगा, अपने ही दुःखों और भय के रहस्यों को नहीं समझेगा, तब तक शाश्वत शान्ति और आनन्द का मार्ग उसके लिए खुल नहीं सकता।
इन्हीं सत्यों को सरलतम रूप में, दैनन्दिन जीवन के छोटे-से उदाहरण द्वारा हमने इस वीडियो में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। यह केवल ज्ञान का व्याख्यान नहीं, बल्कि आत्म-जागरण की दिशा में एक दीपक है।
हमारा आग्रह है कुछ क्षण ठहरें, अपने जीवन की आपाधापी से एक पल निकालें और इस वीडियो को देखें। सम्भव है यह आपके अन्तःकरण को स्पर्श करे, आपको ठहरने और भीतर झाँकने की प्रेरणा दे।
आपका एक-एक पल अमूल्य है। उसे प्रमाद और अचेतनता में न गँवाएँ। आइए, मिलकर इस यात्रा को भीतर की ओर मोड़ें।
धन्यवाद!
3 months ago | [YT] | 1
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Bodh se Sambodhi
✨ "मैं कौन हूँ?" ✨
यह प्रश्न ही आत्मज्ञान की पहली सीढ़ी है।
मैं कौन हूँ? – अपने अस्तित्व के केंद्र की ओर एक यात्रा
"मैं कौन हूँ?"
यदि आप यह प्रश्न देखें तो आप सोचेंगे एक छोटा-सा सवाल है, लेकिन इसके भीतर छुपा है अस्तित्व का सबसे बड़ा रहस्य। यह कोई साधारण या बौद्धिक प्रश्न नहीं बल्कि जीवन की सबसे गहन और निर्णायक खोज की चाबी है।
आज हर ओर सोशल मीडिया से लेकर ध्यान-आसन की कक्षाओं तक, प्रवचनों से लेकर व्यक्तिगत जर्नलिंग तक यह प्रश्न बार-बार उभर रहा है और वे कहते हैं कि:
"जानो कि तुम कौन हो",
"अपने आप से पूछो – मैं कौन हूँ?"
लेकिन जब हम सच में रुककर, गहराई से पूछते हैं "मैं कौन हूँ?" तो
यह "मैं" आखिर है कौन?
यह प्रश्न कौन पूछ रहा है?
इस प्रश्न का मूल स्रोत क्या है?
क्या यह 'मैं' सिर्फ शरीर है हड्डियाँ, मांस और रक्त का एक ढांचा?
या यह विचार है जो हर पल आ-जा रहे हैं?
या फिर भावनाएँ हैं जो हमें अंदर से हिला देती हैं?
क्या यह मेरी भूमिकाएँ हैं या ये वे पहचानें हैं जिनसे आप जुड़े हुए हैं जैसे बेटा, बेटी, शिक्षक, मित्र, पति, पत्नी, आपके द्वारा जीते गए पद, डिग्रियाँ, पुरस्कार ? या फिर
केवल वह नाम है जो किसी ने मेरे जन्म पर मुझे दे दिया?
इस वीडियो में इस तरह के सवालों के जवाब जानिए और अपने भीतर झाँकने की यात्रा शुरू करे।
👉 अभी देखें और जानें अपनी असली पहचान।
🎥 https://youtu.be/-jK7DoKMmfQ
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4 months ago | [YT] | 0
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Bodh se Sambodhi
नमस्कार।
हमारे यूट्यूब चैनल बोध से संबोधि में आपका स्वागत है।
क्या आप सच्चे अर्थों में आध्यात्मिक बनना चाहते हैं?
क्या आप भी उस झूठी, दिखावटी "आध्यात्मिकता" से ऊब चुके हैं जो केवल शब्दों में सीमित है?
अब समय आ गया है भ्रमों की परतें हटाने का, और प्रवेश करने का उस बोध में जो वास्तव में "Spirituality" है।
हमारी New Age Spirituality श्रृंखला आपको ले जाएगी
झूठे दिखावे से सत्य के स्पंदन तक,
मान्यताओं से अनुभव तक, और
बौद्धिकता से बोध तक।
यह वीडियो श्रृंखला उन सभी साथियों के लिए है, जो अध्यात्म को केवल किसी पंथ, परंपरा या बाहरी दिखावे तक सीमित नहीं मानते, बल्कि उसकी भीतर की यात्रा को समझना चाहते हैं। आज के युग में "अध्यात्म" शब्द अनेक भ्रांतियों और सतही धारणाओं से घिर चुका है — कोई इसे धर्म से जोड़ता है, कोई कर्मकांड से, कोई चमत्कारों से। लेकिन क्या अध्यात्म केवल पूजा-पाठ, व्रत या योगासन तक सीमित है?
इस श्रृंखला में हम अपने स्वयं के अनुभवों, जिज्ञासाओं और आत्म-खोज की यात्रा से प्राप्त बोध को साझा करेंगे — जहाँ ध्यान केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक जीवित अंतर्दृष्टि बन जाता है। जहाँ "मैं कौन हूँ?" यह प्रश्न केवल दर्शन नहीं, बल्कि जीवन की सबसे जरूरी खोज बन जाता है। यह श्रृंखला सिर्फ ज्ञान नहीं — यह एक चेतना की क्रांति है।
यदि आप भटकना नहीं चाहते, तो इस श्रृंखला को शुरुआत से अंत तक क्रमशः देखें — 👇 नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:
FULL SERIES LINK:-
youtube.com/playlist?list=PLj...
EPISODE 1 अध्यात्म का वास्तवीक अर्थ क्या है?
https://youtu.be/t3ZSW7koOyg?si=Ofe3J...
EPISODE 2 हम अध्यात्म की ओर आकर्षित क्यों होते हैं?
https://youtu.be/teI-2rW-nQM?si=II-1n...
EPISODE 3 अध्याय क्या है यह जानने से पहले यह क्यों जानना जरूरी है कि अध्यात्म क्या नहीं है?
https://youtu.be/M4JGewacaDw?si=0d92t...
अभी आगे के वीडियो में हम उन सभी की भ्रांतियों और मान्यताओं की समीक्षा करेंगे जो हमने अध्यात्म के बारे में पकड़ कर रखी है जिनकी वजह से हम भटकनेकी वजहसे पीड़ित हो रहे हैं।
🌺 इस दिव्य यात्रा में आपका सहयोग ही आपकी साधना है।
इस ज्ञान यज्ञ में अपनी आहुति दें —
👉 वीडियो को Like करें,
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👉 और Channel को SUBSCRIBE करना न भूलें।
🌠 क्योंकि हर ‘सब्सक्राइब’ एक दीपक है, जो किसी और के अंधकार को मिटा सकता है।
चलो, बोध से संबोधि की ओर साथ चलें।
इस बार सच में जागो…
धन्यवाद!
5 months ago | [YT] | 1
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Bodh se Sambodhi
नमस्कार साथियों! स्वागत है आपका हमारे यूट्यूब चैनल "बोध से संबोधि" में।
सबसे पहले, मैं हृदय से नमन करता हूँ उस परम सत्य, उस आत्मतत्त्व को, जो हम सभी के भीतर साक्षात् विराजमान है — वही हमारा निज स्वरूप, वही परमात्मा।
सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण आज गुरु पूर्णिमा है आज के इस पवन अवसर पर आप सभी को गुरु पूर्णिमा की मंगलमय शुभकामनाएँ.
इस पवित्र गुरु पूर्णिमा के दिव्य अवसर पर, मैं उन सभी को हृदय से शुभकामनाएँ देता हूँ
जिनके जीवन में कभी किसी रूप में गुरु प्रकट हुए —
कभी शब्दों में, कभी मौन में;
कभी व्यक्ति के रूप में, कभी अनुभव के रूप में;
कभी सीख देने वाले प्रिय के रूप में, तो
कभी चुनौती देने वाले शत्रु के रूप में।
गुरु पूर्णिमा केवल उत्सव नहीं है, यह आत्म-समर्पण का क्षण है। यह कृतज्ञता है परम तत्वके प्रति जो कि हमें इस दुख, पीड़ा, डर , अवसाद रूपी भवसागर के अंधकार से परम मुक्ति शांति और सच्चिदानंद को उपलब्ध कराता है। यह वह दिन है जब हम रुककर उस प्रकाश को नमन करते हैं, जिसने हमें अंधकार से बाहर निकाला —या निकलने का बीज हमारे भीतर बो दिया।
गुरु: रूप से परे, एक तत्त्व
आज जब हम गुरु पूर्णिमा मना रहे हैं,
आइए हम गुरु को केवल किसी बाहरी व्यक्ति के रूप में न देखें बल्कि उसे एक सर्वव्याप्त तत्त्व के रूप में पहचानें —जो हर उस क्षण में हमारे जीवन में कार्य कर रहा है, जब हम जागते हैं, जब हम गिरते हैं, जब हम प्रश्नों में उलझते हैं, और जब हम मौन हो जाते हैं।
कोई भी व्यक्ति, वस्तु, घटना — जो हमें भीतर की ओर मोड़े, वही गुरु-तत्त्व का कार्य कर रही है।
गुरु का कार्य – जीवन की पुनर्रचना
गुरु वह है जो:
हमारे भीतर ब्रह्मा की तरह चेतना का सृजन करता है,
विष्णु की तरह उस चेतना की रक्षा और पोषण करता है,
और महेश्वर की तरह अहंकार, भ्रम, और मोह का संहार करता है,ताकि हम अपने वास्तविक स्वरूप से परिचित हो सकें।
गुरु वही है जो स्वयं उस परम तक पहुँचा हुआ होता है,
फिर भी करुणा से वह शिष्य के साथ, कदम दर कदम, उसी राह पर लौटता है —ताकि शिष्य भी वही सत्य उपलब्ध कर सके।
🌺 गुरु पूर्णिमा पर एक अंतरतम प्रण ले, आज के दिन आइए हम यह संकल्प लें कि —हम केवल बाहरी "गुरु" को नहीं, बल्कि अपने अंदर के गुरु-तत्त्व को पहचानेंगे, सुनेंगे, और उस तत्व के बताए हुए मार्ग पर चलेंगेl। हम हर अनुभव, हर चुनौती, हर प्रसंग में यह पूछेंगे: “इसमें मेरे लिए क्या सीख है?”
क्योंकि सूक्ष्म बोध ही वह पुल है, जो शिष्य को गुरु तक और अंततः आत्मा जो कि हमें परमात्मा की ही एकाई है जो इस संसार में बंधन में पड़ गई है, उसको परमात्मा तक ले जाता है।
नमन उन सभी को जिनसे हमने कुछ सीखा – वे सभी हमारे गुरु हैं।
🙏 गुरु पूर्णिमा की सभी को बोध से संबोधि परिवार की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएँ! 🙏
@BodhseSambodhi
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5 months ago | [YT] | 0
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Bodh se Sambodhi
हेलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारा यूट्यूब चैनल "बोध से संबोधि में".
क्या आप जानते हैं कि "आध्यात्मिकता" वास्तव में क्या है?
क्या आप कभी सोचते हैं कि क्यों हम जीवन की भागदौड़ से हटकर, भीतर की ओर खिंचने लगते हैं? क्यों एक सूक्ष्म आवाज़ हमें आत्मा की ओर बुलाती है?
बहुत से लोग आध्यात्मिकता को भ्रम, धर्म या बाहरी कर्मकांडों से जोड़ते हैं।
लेकिन सच तो ये है कि आध्यात्मिकता कुछ और ही है — यह जीवन का सार है, अपने वास्तविक स्वरूप की ओर लौटने की यात्रा है।
🙏 हमने दो बेहद महत्वपूर्ण वीडियो बनाए हैं जो न केवल आपको आध्यात्मिकता का सही अर्थ समझाते हैं, बल्कि उन गहरे कारणों को भी उजागर करते हैं जो हमें इस राह की ओर खींचते हैं:
1️⃣ पहला वीडियो: "आध्यात्मिकता क्या है?"
2️⃣ दूसरा वीडियो: "हम आध्यात्मिकता की ओर क्यों आकर्षित होते हैं?"
🎥 इन दोनों वीडियो को देखकर आप पाएंगे कि बहुत सी ग़लतफहमियाँ, पूर्वधारणाएँ और भ्रम जो आपने अब तक आध्यात्मिकता के बारे में सुने या मान लिए थे — वो धीरे-धीरे साफ़ होते चले जाते हैं।
🌱 यह सिर्फ ज्ञान नहीं है — यह एक यात्रा है स्वयं की ओर।
➡️ तो कृपया इन दोनों वीडियो को पूरा देखें।
यह सिर्फ देखने का नहीं, भीतर उतरने का निमंत्रण है —
जहाँ आप अपने भीतर के मौन, शांति और सत्य से जुड़ेंगे।
👇 नीचे दिए गए वीडियो लिंक पर क्लिक करें और शुरुआत करें इस गहराई भरी खोज की।
पहला वीडियो: "आध्यात्मिकता क्या है?"
https://youtu.be/t3ZSW7koOyg?si=EOB4m...
दूसरा वीडियो: "हम आध्यात्मिकता की ओर क्यों आकर्षित होते हैं?"
https://youtu.be/teI-2rW-nQM?si=HTsKL...
5 months ago | [YT] | 1
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Bodh se Sambodhi
प्रिय आत्मीय दर्शकों,
"Bodh Se Sambodhi"
केवल एक यूट्यूब चैनल नहीं, यह एक प्रयास है — एक ऐसी यात्रा, जो बाहर की नहीं, भीतर की ओर है। जहाँ शब्द कम हैं और अनुभव गहराई लिए हुए हैं।
हमारा चैनल "Bodh Se Sambodhi" एक प्रयास है – आत्मा की गहराइयों में उतरने का, जीवन में शांति, स्थिरता और सच्चे आनंद की अनुभूति पाने का।
हम न कोई प्रमोशन कर रहे हैं, न कोई एड कैंपेन चला रहे हैं।
बस आपके सहयोग और विश्वास पर ही निर्भर हैं। हमारा एकमात्र आधार आपका प्रेम और सहयोग है।
हम दिल से प्रयास कर रहे हैं — हर वीडियो, हर शॉर्ट, हमारी साधना और अनुभव से जन्मा है। यह चैनल उन आत्मिक रहस्यों को उजागर करता है जिन्हें हमने स्वयं अनुभव किया है। जो कुछ भी प्रस्तुत है, वह हमारी आत्मिक यात्राओं की अनुभूतियाँ हैं —ना कोई प्रदर्शन, ना कोई आडंबर।
🙏 आपसे एक आत्मीय निवेदन है:
👉 कृपया चैनल को Subscribe करें –
ताकि हमारे विचार और अनुभव आप तक निरंतर पहुँच सकें।
👉 इस यात्रा को अपने मित्रों और परिवार के साथ Share करें – हो सकता है, किसी की आत्मा भी इसी की प्रतीक्षा कर रही हो।
👉 अपने विचार और अनुभव हमें कमेंट्स में ज़रूर साझा करें – ताकि संवाद जीवंत रहे।
🌼 हर सब्सक्रिप्शन एक दीपक है, जो इस अंधकारमय संसार में प्रकाश भर सकता है।
हर शेयर एक बीज है, जो किसी और के भीतर चैतन्य के वृक्ष को जन्म दे सकता है।
हर विचार एक ध्वनि है, जो इस मौन यात्रा को अर्थ और दिशा देती है।
चलिए, हम साथ मिलकर चलें:
बाहरी कोलाहल से — भीतर की निस्तब्धता की ओर
मिथ्या पहचान से — आत्मिक सत्य की ओर
अंधकार से प्रकाश की ओर
अज्ञान से बोध की ओर
बोध से — सम्बोधि की ओर
🌸 प्रेम, नमन और आत्मिक शुभकामनाओं सहित,
– Team Bodh Se Sambodhi
5 months ago | [YT] | 0
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Bodh se Sambodhi
🎇🎉100 SUBSCRIBERS COMPLETED🎉🎇
🙏 हार्दिक आभार 🙏
प्रिय मित्रों और आध्यात्मिक मार्ग के पथिको,,
ईश्वर की अनंत कृपा और आप सभी आत्म-जिज्ञासुओं के प्रेम व सहयोग से हमारे इस आध्यात्मिक प्रयास ने 100 सब्सक्राइबर्स का एक छोटा किन्तु अत्यंत सार्थक पड़ाव पार कर लिया है।
यह कोई मात्र संख्या नहीं है। इस युग में, जहाँ बाह्य आकर्षण और मायिक प्रवृत्तियाँ सहज रूप से मन को भटका ले जाती हैं, वहाँ आध्यात्मिक ज्ञान से भरे एक वीडियो पर एक भी दृष्टि पड़ना एक दुर्लभ घटना है। और जब कोई एक आत्मा जुड़ती है — तो वह केवल एक 'सब्सक्राइबर' नहीं होता, वह साक्षात् उस चेतना की पुष्टि होती है जो अदृश्य रूप से इस प्रयास को पोषित कर रही है।
प्रत्येक सदस्य, प्रत्येक दृष्टि इस बात की रसीद है कि हमारी साधना, प्रयास और सेवा सही मार्ग पर हैं — उस परम सत्य की ओर जो अद्वैत है, जो अविभाज्य है, और जहाँ से हम सभी अज्ञानवश व माया के प्रभाव से द्वैत की इस यात्रा में आए हैं।
यह मंच किसी एक व्यक्ति का नहीं, यह हम सभी की सामूहिक तपस्या है — अद्वैत वेदांत, ध्यान, और शास्त्रों की दिव्य शिक्षाओं को सहज और संवादात्मक शैली में समझने का एक विनम्र प्रयत्न।
आप सभी का यह स्नेह, सहभागिता और उपस्थिति — हमारी इस यात्रा को और भी गहराई, विस्तार और चेतना प्रदान कर रही है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि हम सभी को आत्मा के सत्य स्वरूप का साक्षात्कार हो, और हम उस परम शांति को अनुभव करें जो सदा हमारे भीतर ही विद्यमान है।
जैसा की हमने हमारे चैनल की शुरुआत करते हुए ही कहा था की,
"यह चैनल उन सभी जिज्ञासु आत्माओं के लिए समर्पित है, जो जीवन के वास्तविक स्वरूप को समझना चाहते हैं। यहाँ हम अद्वैत वेदांत, ध्यान, आत्मज्ञान और शास्त्रों की गूढ़ शिक्षाओं को सरल और संवादात्मक शैली में प्रस्तुत करेंगे। यदि आप भी सत्य की खोज में हैं, तो इस आध्यात्मिक यात्रा में मेरे साथ चलें। आइए, मिलकर स्वयं को जानें, सत्य को पहचाने और परम शांति का अनुभव करें।"
हम हमेशा इसी दिशा में मार्गक्रमण और प्रयास करते रहेंगे।
आइए, इस पावन पथ पर, इस दिव्य प्रवाह में, मिलकर आगे बढ़ते रहें — बिना आसक्ति, बिना अहंकार — केवल सत्य की ओर।
आप सभी का हृदय से धन्यवाद एवं शुभाशीर्वाद।
ॐ तत् सत्।
यदि आपने अभी तक हमारे चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो कृपया इस ज्ञान प्रवाह में भाग लेने के लिए सब्सक्राइब करें।
Link of the channel:- youtube.com/@bodhsesambodhi?si=ZFdP5f0cKJtBV82A
6 months ago | [YT] | 1
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Bodh se Sambodhi
नमस्कार,
विश्व ध्यान दिवस हर वर्ष 21 मई को मनाया जाता है। यह दिन ध्यान के मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित होता है।
विश्व ध्यान दिवस के इस पावन अवसर पर आपको शांति और जागरूकता की शुभकामनाएँ। ध्यान कोई क्रिया नहीं, बल्कि हमारे सत्य स्वरूप की सहज अवस्था है — पूर्ण जागरूकता में स्थित होना। यह केवल आँखें बंद करके बैठने का अभ्यास नहीं, बल्कि हर क्षण में पूर्णता से उपस्थित रहने की कला है।
आइए, आज हम अपने भीतर की शांति से जुड़ें और उस मौन को पहचानें जो सदा से हमारे साथ है।
शुभ विश्व ध्यान दिवस।
7 months ago | [YT] | 1
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Bodh se Sambodhi
नमस्ते दोस्तो
स्वागत है आपका — निर्वाण षट्कम् पर आधारित हमारी विशेष श्रृंखला में! यह है तीसरी कड़ी, जहां हम आपको ले चलेंगे उन गूढ़ रहस्यों की ओर, जिन्हें आज तक न किसी ने बताया, न आपने सुना। यह कोई साधारण व्याख्या नहीं — यह है एक आध्यात्मिक यात्रा निर्वाण षट्कम् के उन रहस्यमय पदों के माध्यम से, जो आत्मा की गहराइयों से निकले हैं। आज की इस कड़ी में हम अद्वैत के इस शाश्वत गान के रचयिता श्रीमद आदि शंकराचार्य जीके जीवन और दर्शन में गहराई से उतरने जा रहे हैं।
"भारत की आध्यात्मिक चेतना के उज्ज्वल दीप, श्रीमद् आदि शंकराचार्य — एक ऐसे दिव्य संन्यासी, जिन्होंने केवल 32 वर्षों के जीवन में सम्पूर्ण भारत को अद्वैत वेदांत के सूत्र में बाँध दिया।
जाति, वर्ण, भाषा और प्रांत की सीमाओं से परे जाकर उन्होंने आत्मा की एकता का संदेश दिया। यह वीडियो आपको ले चलेगा उनके जीवन की अद्भुत यात्रा पर — संन्यास से आत्मबोध तक, चांडाल से संवाद से लेकर चार मठों की स्थापना तक — जहाँ हर चरण में छिपा है गहन आध्यात्मिक रहस्य और ब्रह्म की अनुभूति।
आइए, जानें उस महान आत्मा की कथा, जिसने ज्ञान, भक्ति और समरसता से युगों को आलोकित किया।"
वीडियो 18.05.2025 को कल सुबह ठीक 5.30 बजे अपलोड किया जाएगा, बने रहे हमारे साथ और इस डोर को पकड़ रहे।
धन्यवाद !
7 months ago | [YT] | 1
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