Nirvana Naturals | Sonu Boniya Wooden-pressed kacchi ghani | Desi seeds | Ancient food processing | Natural farming | A Logo designer lnk.bio/nirvananaturals1
इन अलग-अलग किस्मों का पारंपरिक रूप से भोजन, अचार, चटनी, प्राकृतिक कॉस्मेटिक, त्वचा व बालों की देखभाल तथा विभिन्न औषधीय उपयोगों में प्रयोग किया जाता रहा है।
आप इन्हें अपने घर के गार्डन, किचन गार्डन, फार्म या फूड फॉरेस्ट में लगा सकते हैं। जो लोग अपने घर या खेत में जैव विविधता बढ़ाना और दुर्लभ पौधों का संरक्षण करना चाहते हैं, उनके लिए भी ये खास किस्में उपयोगी हो सकती हैं।
इन पौधों को लगाना केवल एक उपयोगी पौधा उगाना नहीं, बल्कि प्रकृति में मौजूद दुर्लभ जैव विविधता को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक छोटा प्रयास भी है।
सभी किस्मों के कंद सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं।
न्यूनतम ऑर्डर: 1 किलो
ऑर्डर और अधिक जानकारी के लिए व्हाट्सऐप करें:
Sonu Boniya 9131714241
Nirvana Naturals Farm जिला छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश
नोट: बताए गए औषधीय गुण पारंपरिक उपयोगों पर आधारित हैं। किसी बीमारी के उपचार के लिए उपयोग करने से पहले योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
दुर्लभ हल्दी और अदरक की विशेष किस्में अब लगाने और घर में उपयोग करने के लिए उपलब्ध हैं
प्रकृति में हल्दी और अदरक की केवल एक-दो नहीं, बल्कि कई अनोखी, दुर्लभ और उपयोगी प्रजातियां मौजूद हैं। इस बार हमारे पास कुछ विशेष किस्मों के कंद उपलब्ध हैं—
1. काली हल्दी
अंदर से गहरे नीले-काले रंग और कपूर जैसी विशेष सुगंध वाली दुर्लभ हल्दी। इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा और विभिन्न औषधीय उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है।
2. सफेद हल्दी
विशेष सुगंध वाली हल्दी, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से भोजन, घरेलू उपयोग और विभिन्न औषधीय कार्यों में किया जाता है।
3. मैंगो हल्दी / मैंगो अदरक
दिखने में अदरक जैसी, लेकिन इसकी खुशबू और स्वाद कच्चे आम जैसा होता है। इसका उपयोग अचार, चटनी, सलाद और विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है।
4. कस्तूरी हल्दी
अपनी विशेष सुगंध के लिए जानी जाती है। इसका उपयोग उबटन, त्वचा की देखभाल और विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने में किया जाता है।
5. काला अदरक
अंदर से गहरे बैंगनी-काले रंग वाला एक दुर्लभ पौधा। इसका उपयोग पारंपरिक औषधीय पद्धतियों में किया जाता रहा है।
6. शैम्पू अदरक
एक बहुत ही अनोखा पौधा, जिसके फूल जैसे शंकु में प्राकृतिक सुगंधित तरल बनता है। इसका उपयोग पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल और प्राकृतिक हेयर कंडीशनर के रूप में किया जाता है।
ये सभी किस्में लगाने, घर में उपयोग करने और आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध हैं।
आप इन्हें अपने घर के गार्डन, किचन गार्डन, फार्म, फूड फॉरेस्ट या प्राकृतिक खेती वाले खेत में लगा सकते हैं।
जो लोग अपने घर या खेत में जैव विविधता बढ़ाना चाहते हैं और अलग-अलग दुर्लभ पौधों का संरक्षण करना चाहते हैं, उनके लिए ये किस्में बहुत उपयोगी हो सकती हैं।
इनका उपयोग अलग-अलग प्रकार से किया जा सकता है—
• रोपण और पौध संरक्षण के लिए • घर और खेत की जैव विविधता बढ़ाने के लिए • प्राकृतिक कॉस्मेटिक और त्वचा की देखभाल के लिए • पारंपरिक औषधीय उपयोग के लिए • भोजन, अचार, चटनी और अन्य पारंपरिक व्यंजनों में • दुर्लभ पौधों के संरक्षण और कंद संग्रह के लिए
इन पौधों को लगाना केवल एक उपयोगी पौधा उगाना नहीं, बल्कि प्रकृति में मौजूद दुर्लभ जैव विविधता को बचाने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक छोटा प्रयास भी है।
सभी किस्मों के कंद सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं।
ऑर्डर और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
Sonu Boniya व्हाट्सऐप: 9131714241
Nirvana Naturals Farm जिला छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश
नोट: बताए गए औषधीय गुण पारंपरिक उपयोगों पर आधारित हैं। किसी बीमारी के उपचार के लिए इनका उपयोग करने से पहले योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
क्या आपके घर की रसोई में सिर्फ हल्दी और अदरक है... या भारत की सबसे दुर्लभ औषधीय धरोहर?
अब एक ही जगह उपलब्ध हैं उत्तर-पूर्व भारत की चुनिंदा और दुर्लभ कंद फसलें—
• आसाम का GI टैग प्राप्त करबी आंगलोंग अदरक (Karbi Anglong Ginger) • मेघालय की प्रसिद्ध लाकाडोंग हल्दी (उच्च करक्यूमिन वाली) • कस्तूरी हल्दी • काली हल्दी • सफेद हल्दी • मैंगो अदरक (आम हल्दी) • ककोड़ा के कंद
ये सिर्फ पौधे या कंद नहीं हैं, बल्कि हमारी पारंपरिक जैव विविधता और भारतीय कृषि विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। लाकाडोंग हल्दी अपने उच्च करक्यूमिन स्तर के लिए प्रसिद्ध है, जबकि करबी आंगलोंग अदरक अपनी तेज सुगंध और गुणवत्ता के कारण विशेष पहचान रखता है।
यदि आप किसान हैं, नर्सरी चलाते हैं, औषधीय पौधों के प्रेमी हैं या अपने खेत में कुछ अलग और मूल्यवान उगाना चाहते हैं, तो यह अवसर आपके लिए है।
सीमित मात्रा में उपलब्ध।
ऑर्डर एवं जानकारी के लिए संपर्क करें: 9131714241
कमेंट में बताइए— इनमें से आप सबसे पहले कौन-सा कंद अपने खेत या बगीचे में लगाना चाहेंगे?
असम की शुद्ध काली हल्दी (Curcuma caesia) उपलब्ध है।
काली हल्दी एक दुर्लभ औषधीय फसल है, जिसे पारंपरिक रूप से जोड़ों के दर्द, सूजन, त्वचा संबंधी समस्याओं, श्वसन स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
✔ रोपण हेतु उपलब्ध
✔ औषधीय उपयोग हेतु उपलब्ध
✔ ऑल इंडिया डिलीवरी
✔ न्यूनतम ऑर्डर: 1 किलो
क्या 1 बार लगाने से पूरी जिंदगी खेत सुरक्षित रह सकता है?
आजकल लोग लाखों रुपये तार फेंसिंग पर खर्च कर रहे हैं...
लेकिन हमारे बुजुर्ग एक ऐसे कांटेदार पौधे का उपयोग करते थे जो खुद ही बढ़ता था, खुद ही मजबूत होता था और वर्षों तक खेत की रखवाली करता था।
यह है गटारन (सागर गोटा) — एक प्राकृतिक जीवित बाड़।
इसके कांटे इतने घने होते हैं कि गाय, भैंस, नीलगाय और जंगली जानवर भी आसानी से अंदर नहीं आ पाते।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल...
क्या केवल सुरक्षा ही काफी है?
अगर वही फेंसिंग आपको फल दे,
मधुमक्खियों को भोजन दे,
पक्षियों को घर दे,
और जैव विविधता बढ़ाए...
तो क्या वह ज्यादा समझदारी नहीं होगी?
इसीलिए आज कई प्राकृतिक किसान गटारन के साथ करौंदा, सीताफल, मुनगा और बांस जैसी प्रजातियों की मिश्रित जीवित फेंसिंग अपना रहे हैं।
फायदा:
✔ सुरक्षा
✔ फल
✔ जैव विविधता
✔ परागण बढ़ाने वाले कीट
✔ अतिरिक्त आय
आपके अनुसार खेत की फेंसिंग कैसी होनी चाहिए?
A. केवल सुरक्षा देने वाली
B. सुरक्षा + फल + आय + जैव विविधता
अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
गटारन (सागर गोटा) के बीज उपलब्ध हैं।
संपर्क: 9131714241
#DesiSeeds#LiveFencing#Gataran#SagarGota#NaturalFarming#Biodiversity#NirvanaNaturals#OrganicFarming#FarmProtection#SeedCollection
फल खाइए, बीज बचाइए, भविष्य उगाइए।
हर साल करोड़ों आम, जामुन, इमली, बेल, कदम और अन्य फलों के बीज कूड़े में चले जाते हैं।
कल्पना कीजिए, यदि यही बीज धरती तक पहुंच जाएं तो कितने पेड़ बन सकते हैं, कितने पक्षियों को घर मिल सकता है और कितनी हरियाली लौट सकती है।
इसी उद्देश्य से हमने शुरू किया है बीजदान अभियान।
आपको बस इतना करना है:
1. फल खाइए
2. बीज धोकर सुखाइए
3. हमें भेज दीजिए
इन बीजों से हम पौधे और सीड बॉल तैयार करेंगे तथा उन्हें प्रकृति को समर्पित करेंगे।
आप कदम, जामुन, आम, इमली, बेल, बरगद, पीपल और अन्य देशी वृक्षों के बीज भेज सकते हैं।
एक बीज आपके लिए छोटा हो सकता है, लेकिन प्रकृति के लिए वह एक पूरा जंगल बनने की शुरुआत है।
बीजदान अभियान से जुड़ें।
बीज भेजने एवं जानकारी के लिए संपर्क करें:
निरवाना नेचुरल्स
9131714241
आज बीज बचाइए, कल पेड़ पाइए।
#बीजदानअभियान#BeejdaanAbhiyan#DesiBeej#SeedSaving#NativeTrees#KadamTree#Jamun#Bel#Imli#NirvanaNaturals
एक कदम बढ़ाइए...
कदम का सीड बॉल ले जाइए...
कदम से दुनिया सजाइए।
कदम केवल एक पेड़ नहीं है, बल्कि पक्षियों, मधुमक्खियों, तितलियों और इंसानों के लिए जीवन का आधार है।
इसके सुगंधित गोल फूल परागणकर्ताओं को आकर्षित करते हैं, इसकी घनी छाया यात्रियों को राहत देती है और इसकी शाखाएँ अनेक पक्षियों का घर बनती हैं।
आज जब देशी वृक्ष लगातार कम होते जा रहे हैं, तब कदम, बरगद, पीपल, जामुन, बेल और इमली जैसे वृक्षों को फिर से धरती पर लौटाने की जरूरत है।
इसी उद्देश्य से हम देशी वृक्षों के सीड बॉल तैयार कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग बारिश के मौसम में इन्हें प्रकृति को समर्पित कर सकें।
हो सकता है आज आपके हाथ से फेंका गया एक छोटा सा सीड बॉल, आने वाले वर्षों में एक विशाल वृक्ष बनकर हजारों जीवों को आश्रय दे।
कदम, बरगद, पीपल, जामुन, बेल, इमली एवं अन्य देशी वृक्षों के सीड बॉल के लिए संपर्क करें।
निरवाना नेचुरल्स
मो.: 9131714241
एक बीज नहीं, एक भविष्य बोइए।
#BeejdaanAbhiyan#KadamTree#SeedBall#DesiVriksh#NativeTrees#NirvanaNaturals #PlantForFuture#SaveBirds#Biodiversity#TreePlantation
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि प्रकृति से प्रेम करना केवल एक शौक है।
लेकिन प्रकृति आपका करियर, व्यवसाय और आय का स्रोत भी बन सकती है।
प्राकृतिक खेती, देशी बीज संरक्षण, सीडबॉल निर्माण, पौध नर्सरी, एग्रो टूरिज्म, पारंपरिक खाद्य प्रसंस्करण, जैव विविधता संरक्षण, कंटेंट क्रिएशन और हरित उद्यमिता जैसे अनेक अवसर आज तेजी से बढ़ रहे हैं।
भविष्य उन्हीं लोगों का है जो प्रकृति की रक्षा करते हुए समाज के लिए मूल्य भी पैदा कर सकें।
यदि आप प्रकृति से प्रेम करते हैं, तो केवल उसे देखें नहीं...
उससे सीखें।
उसके साथ काम करें।
उसके साथ आगे बढ़ें।
अधिक जानकारी, प्रशिक्षण, परियोजनाओं और नए अवसरों के लिए QR कोड स्कैन करें।
प्रकृति, ग्रामीण विकास, देशी बीज संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए @nirvananaturals1 को फॉलो करें।
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दुर्लभ हल्दी और अदरक की विशेष किस्में अब लगाने और घर में उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।
प्रकृति में हल्दी और अदरक की कई अनोखी और उपयोगी प्रजातियां मौजूद हैं। इस बार हमारे पास कुछ दुर्लभ किस्मों के कंद उपलब्ध हैं—
काली हल्दी
सफेद हल्दी
मैंगो हल्दी / मैंगो अदरक
कस्तूरी हल्दी
काला अदरक
शैम्पू अदरक
इन अलग-अलग किस्मों का पारंपरिक रूप से भोजन, अचार, चटनी, प्राकृतिक कॉस्मेटिक, त्वचा व बालों की देखभाल तथा विभिन्न औषधीय उपयोगों में प्रयोग किया जाता रहा है।
आप इन्हें अपने घर के गार्डन, किचन गार्डन, फार्म या फूड फॉरेस्ट में लगा सकते हैं। जो लोग अपने घर या खेत में जैव विविधता बढ़ाना और दुर्लभ पौधों का संरक्षण करना चाहते हैं, उनके लिए भी ये खास किस्में उपयोगी हो सकती हैं।
इन पौधों को लगाना केवल एक उपयोगी पौधा उगाना नहीं, बल्कि प्रकृति में मौजूद दुर्लभ जैव विविधता को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक छोटा प्रयास भी है।
सभी किस्मों के कंद सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं।
न्यूनतम ऑर्डर: 1 किलो
ऑर्डर और अधिक जानकारी के लिए व्हाट्सऐप करें:
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9131714241
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जिला छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश
नोट: बताए गए औषधीय गुण पारंपरिक उपयोगों पर आधारित हैं। किसी बीमारी के उपचार के लिए उपयोग करने से पहले योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
#NirvanaNaturals #RareTurmeric #BlackTurmeric #RareGinger #Biodiversity #MedicinalPlants #NaturalFarming #PlantConservation #Chhindwara
2 weeks ago | [YT] | 8
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दुर्लभ हल्दी और अदरक की विशेष किस्में अब लगाने और घर में उपयोग करने के लिए उपलब्ध हैं
प्रकृति में हल्दी और अदरक की केवल एक-दो नहीं, बल्कि कई अनोखी, दुर्लभ और उपयोगी प्रजातियां मौजूद हैं। इस बार हमारे पास कुछ विशेष किस्मों के कंद उपलब्ध हैं—
1. काली हल्दी
अंदर से गहरे नीले-काले रंग और कपूर जैसी विशेष सुगंध वाली दुर्लभ हल्दी। इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा और विभिन्न औषधीय उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है।
2. सफेद हल्दी
विशेष सुगंध वाली हल्दी, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से भोजन, घरेलू उपयोग और विभिन्न औषधीय कार्यों में किया जाता है।
3. मैंगो हल्दी / मैंगो अदरक
दिखने में अदरक जैसी, लेकिन इसकी खुशबू और स्वाद कच्चे आम जैसा होता है। इसका उपयोग अचार, चटनी, सलाद और विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है।
4. कस्तूरी हल्दी
अपनी विशेष सुगंध के लिए जानी जाती है। इसका उपयोग उबटन, त्वचा की देखभाल और विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने में किया जाता है।
5. काला अदरक
अंदर से गहरे बैंगनी-काले रंग वाला एक दुर्लभ पौधा। इसका उपयोग पारंपरिक औषधीय पद्धतियों में किया जाता रहा है।
6. शैम्पू अदरक
एक बहुत ही अनोखा पौधा, जिसके फूल जैसे शंकु में प्राकृतिक सुगंधित तरल बनता है। इसका उपयोग पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल और प्राकृतिक हेयर कंडीशनर के रूप में किया जाता है।
ये सभी किस्में लगाने, घर में उपयोग करने और आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध हैं।
आप इन्हें अपने घर के गार्डन, किचन गार्डन, फार्म, फूड फॉरेस्ट या प्राकृतिक खेती वाले खेत में लगा सकते हैं।
जो लोग अपने घर या खेत में जैव विविधता बढ़ाना चाहते हैं और अलग-अलग दुर्लभ पौधों का संरक्षण करना चाहते हैं, उनके लिए ये किस्में बहुत उपयोगी हो सकती हैं।
इनका उपयोग अलग-अलग प्रकार से किया जा सकता है—
• रोपण और पौध संरक्षण के लिए
• घर और खेत की जैव विविधता बढ़ाने के लिए
• प्राकृतिक कॉस्मेटिक और त्वचा की देखभाल के लिए
• पारंपरिक औषधीय उपयोग के लिए
• भोजन, अचार, चटनी और अन्य पारंपरिक व्यंजनों में
• दुर्लभ पौधों के संरक्षण और कंद संग्रह के लिए
इन पौधों को लगाना केवल एक उपयोगी पौधा उगाना नहीं, बल्कि प्रकृति में मौजूद दुर्लभ जैव विविधता को बचाने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक छोटा प्रयास भी है।
सभी किस्मों के कंद सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं।
ऑर्डर और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
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व्हाट्सऐप: 9131714241
Nirvana Naturals Farm
जिला छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश
नोट: बताए गए औषधीय गुण पारंपरिक उपयोगों पर आधारित हैं। किसी बीमारी के उपचार के लिए इनका उपयोग करने से पहले योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
#NirvanaNaturals #RareTurmeric #MedicinalPlants #Biodiversity #NaturalFarming
2 weeks ago | [YT] | 9
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क्या आपके घर की रसोई में सिर्फ हल्दी और अदरक है... या भारत की सबसे दुर्लभ औषधीय धरोहर?
अब एक ही जगह उपलब्ध हैं उत्तर-पूर्व भारत की चुनिंदा और दुर्लभ कंद फसलें—
• आसाम का GI टैग प्राप्त करबी आंगलोंग अदरक (Karbi Anglong Ginger)
• मेघालय की प्रसिद्ध लाकाडोंग हल्दी (उच्च करक्यूमिन वाली)
• कस्तूरी हल्दी
• काली हल्दी
• सफेद हल्दी
• मैंगो अदरक (आम हल्दी)
• ककोड़ा के कंद
ये सिर्फ पौधे या कंद नहीं हैं, बल्कि हमारी पारंपरिक जैव विविधता और भारतीय कृषि विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। लाकाडोंग हल्दी अपने उच्च करक्यूमिन स्तर के लिए प्रसिद्ध है, जबकि करबी आंगलोंग अदरक अपनी तेज सुगंध और गुणवत्ता के कारण विशेष पहचान रखता है।
यदि आप किसान हैं, नर्सरी चलाते हैं, औषधीय पौधों के प्रेमी हैं या अपने खेत में कुछ अलग और मूल्यवान उगाना चाहते हैं, तो यह अवसर आपके लिए है।
सीमित मात्रा में उपलब्ध।
ऑर्डर एवं जानकारी के लिए संपर्क करें:
9131714241
कमेंट में बताइए—
इनमें से आप सबसे पहले कौन-सा कंद अपने खेत या बगीचे में लगाना चाहेंगे?
#KarbiAnglongGinger #LakadongTurmeric #BlackTurmeric #WhiteTurmeric #KasturiTurmeric #MangoGinger #Kakoda #NativeSeeds #MedicinalPlants #OrganicFarming #NaturalFarming #Biodiversity #NirvanaNaturals
3 weeks ago | [YT] | 22
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लाखाडोंग हल्दी और काली हल्दी उपलब्ध है।
प्राकृतिक, शुद्ध और बेहतरीन गुणवत्ता की हल्दी अब उपलब्ध है। ऑर्डर / जानकारी के लिए संपर्क करें: 📞 9131714211
#LakadongTurmeric #BlackTurmeric #Haldi #NaturalHealth #NirvanaNaturals
1 month ago | [YT] | 18
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असम की शुद्ध काली हल्दी (Curcuma caesia) उपलब्ध है।
काली हल्दी एक दुर्लभ औषधीय फसल है, जिसे पारंपरिक रूप से जोड़ों के दर्द, सूजन, त्वचा संबंधी समस्याओं, श्वसन स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
✔ रोपण हेतु उपलब्ध
✔ औषधीय उपयोग हेतु उपलब्ध
✔ ऑल इंडिया डिलीवरी
✔ न्यूनतम ऑर्डर: 1 किलो
संपर्क: 9131714241
#KaliHaldi #BlackTurmeric #MedicinalPlants #NaturalFarming #NirvanaNaturals #OrganicFarming #MedicinalHerbs
1 month ago | [YT] | 15
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क्या 1 बार लगाने से पूरी जिंदगी खेत सुरक्षित रह सकता है?
आजकल लोग लाखों रुपये तार फेंसिंग पर खर्च कर रहे हैं...
लेकिन हमारे बुजुर्ग एक ऐसे कांटेदार पौधे का उपयोग करते थे जो खुद ही बढ़ता था, खुद ही मजबूत होता था और वर्षों तक खेत की रखवाली करता था।
यह है गटारन (सागर गोटा) — एक प्राकृतिक जीवित बाड़।
इसके कांटे इतने घने होते हैं कि गाय, भैंस, नीलगाय और जंगली जानवर भी आसानी से अंदर नहीं आ पाते।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल...
क्या केवल सुरक्षा ही काफी है?
अगर वही फेंसिंग आपको फल दे,
मधुमक्खियों को भोजन दे,
पक्षियों को घर दे,
और जैव विविधता बढ़ाए...
तो क्या वह ज्यादा समझदारी नहीं होगी?
इसीलिए आज कई प्राकृतिक किसान गटारन के साथ करौंदा, सीताफल, मुनगा और बांस जैसी प्रजातियों की मिश्रित जीवित फेंसिंग अपना रहे हैं।
फायदा:
✔ सुरक्षा
✔ फल
✔ जैव विविधता
✔ परागण बढ़ाने वाले कीट
✔ अतिरिक्त आय
आपके अनुसार खेत की फेंसिंग कैसी होनी चाहिए?
A. केवल सुरक्षा देने वाली
B. सुरक्षा + फल + आय + जैव विविधता
अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
गटारन (सागर गोटा) के बीज उपलब्ध हैं।
संपर्क: 9131714241
#DesiSeeds #LiveFencing #Gataran #SagarGota #NaturalFarming #Biodiversity #NirvanaNaturals #OrganicFarming #FarmProtection #SeedCollection
1 month ago | [YT] | 17
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फल खाइए, बीज बचाइए, भविष्य उगाइए।
हर साल करोड़ों आम, जामुन, इमली, बेल, कदम और अन्य फलों के बीज कूड़े में चले जाते हैं।
कल्पना कीजिए, यदि यही बीज धरती तक पहुंच जाएं तो कितने पेड़ बन सकते हैं, कितने पक्षियों को घर मिल सकता है और कितनी हरियाली लौट सकती है।
इसी उद्देश्य से हमने शुरू किया है बीजदान अभियान।
आपको बस इतना करना है:
1. फल खाइए
2. बीज धोकर सुखाइए
3. हमें भेज दीजिए
इन बीजों से हम पौधे और सीड बॉल तैयार करेंगे तथा उन्हें प्रकृति को समर्पित करेंगे।
आप कदम, जामुन, आम, इमली, बेल, बरगद, पीपल और अन्य देशी वृक्षों के बीज भेज सकते हैं।
एक बीज आपके लिए छोटा हो सकता है, लेकिन प्रकृति के लिए वह एक पूरा जंगल बनने की शुरुआत है।
बीजदान अभियान से जुड़ें।
बीज भेजने एवं जानकारी के लिए संपर्क करें:
निरवाना नेचुरल्स
9131714241
आज बीज बचाइए, कल पेड़ पाइए।
#बीजदानअभियान #BeejdaanAbhiyan #DesiBeej #SeedSaving #NativeTrees #KadamTree #Jamun #Bel #Imli #NirvanaNaturals
1 month ago | [YT] | 9
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एक कदम बढ़ाइए...
कदम का सीड बॉल ले जाइए...
कदम से दुनिया सजाइए।
कदम केवल एक पेड़ नहीं है, बल्कि पक्षियों, मधुमक्खियों, तितलियों और इंसानों के लिए जीवन का आधार है।
इसके सुगंधित गोल फूल परागणकर्ताओं को आकर्षित करते हैं, इसकी घनी छाया यात्रियों को राहत देती है और इसकी शाखाएँ अनेक पक्षियों का घर बनती हैं।
आज जब देशी वृक्ष लगातार कम होते जा रहे हैं, तब कदम, बरगद, पीपल, जामुन, बेल और इमली जैसे वृक्षों को फिर से धरती पर लौटाने की जरूरत है।
इसी उद्देश्य से हम देशी वृक्षों के सीड बॉल तैयार कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग बारिश के मौसम में इन्हें प्रकृति को समर्पित कर सकें।
हो सकता है आज आपके हाथ से फेंका गया एक छोटा सा सीड बॉल, आने वाले वर्षों में एक विशाल वृक्ष बनकर हजारों जीवों को आश्रय दे।
कदम, बरगद, पीपल, जामुन, बेल, इमली एवं अन्य देशी वृक्षों के सीड बॉल के लिए संपर्क करें।
निरवाना नेचुरल्स
मो.: 9131714241
एक बीज नहीं, एक भविष्य बोइए।
#BeejdaanAbhiyan #KadamTree #SeedBall #DesiVriksh #NativeTrees #NirvanaNaturals
#PlantForFuture #SaveBirds #Biodiversity #TreePlantation
1 month ago | [YT] | 10
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Nirvana Naturals
धरती को बम नहीं, बीज चाहिए।
स्थानीय (Native) प्रजातियों के सीड बॉल महाअभियान से जुड़ें और धरती को फिर से हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दें।
आप कई तरीकों से इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं:
>बीज दान करें
फल खाइए, बीजों को धोकर सुखाइए और हमें दीजिए, ताकि उनसे नए पेड़ उगाए जा सकें।
>अर्थ दान करें
यथाशक्ति सहयोग करें। आपका छोटा सा योगदान भी अधिक से अधिक सीड बॉल बनाने और उन्हें बंजर भूमि तक पहुँचाने में मदद करेगा।
>सीड बॉल फैलाएँ
हमसे सीड बॉल लेकर अपने आसपास की खाली जमीन, पहाड़ियों और बंजर क्षेत्रों में फैलाएँ।
>अभियान को साझा करें
इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ और हरियाली की इस मुहिम से जोड़ें।
यह सिर्फ दान नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित विरासत बनाने का संकल्प है।
आइए, विनाश नहीं जीवन बोएँ।
एक बीज • एक पेड़ • एक बेहतर भविष्य
Support:
Phonepe/Gpay - 9131714241
UPI - 9131714241@axl
Nirvana Naturals Farm
Sonu Boniya
Village Mendkital
Post Chaniya Kala
PIN – 480223
District Chhindwara
Madhya Pradesh, India
Call / WhatsApp: 9131714241
Facebook: facebook.com/nirvana.naturals.chhindwara
Instagram: instagram.com/nirvananaturals1
YouTube: youtube.com/@NirvanaNaturals
#SeedBallCampaign #Beejdaan #NativeTrees #HariyaliAbhiyan #GreenFuture #NirvanaNaturals
1 month ago | [YT] | 21
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ज्यादातर लोग सोचते हैं कि प्रकृति से प्रेम करना केवल एक शौक है।
लेकिन प्रकृति आपका करियर, व्यवसाय और आय का स्रोत भी बन सकती है।
प्राकृतिक खेती, देशी बीज संरक्षण, सीडबॉल निर्माण, पौध नर्सरी, एग्रो टूरिज्म, पारंपरिक खाद्य प्रसंस्करण, जैव विविधता संरक्षण, कंटेंट क्रिएशन और हरित उद्यमिता जैसे अनेक अवसर आज तेजी से बढ़ रहे हैं।
भविष्य उन्हीं लोगों का है जो प्रकृति की रक्षा करते हुए समाज के लिए मूल्य भी पैदा कर सकें।
यदि आप प्रकृति से प्रेम करते हैं, तो केवल उसे देखें नहीं...
उससे सीखें।
उसके साथ काम करें।
उसके साथ आगे बढ़ें।
अधिक जानकारी, प्रशिक्षण, परियोजनाओं और नए अवसरों के लिए QR कोड स्कैन करें।
प्रकृति, ग्रामीण विकास, देशी बीज संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए @nirvananaturals1 को फॉलो करें।
प्रकृति बचाइए।
रोजगार बढ़ाइए।
भविष्य संवारिए।
#NatureEconomy #NaturalFarming #NativeSeeds #SeedBall #AgroTourism
1 month ago | [YT] | 19
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