Welcome to my channel!
My name is Ved Prakash Pandey, and I hold a Master’s degree in Physical Education.
Throughout my journey, I have visited numerous akhadas and sports academies across the region. During these visits, I witnessed firsthand the massive irregularities and lack of basic infrastructure that hold our athletes back. While it is easy to expect the government to fix everything, the reality is that even government-backed sports setups struggle to provide the facilities needed to truly energize and uplift our talent. Knowing this, imagine how incredibly challenging it is to run a private akhada or academy.
Driven by this reality, I traveled from place to place to uncover the ground truths. What I discovered shook me—and my fellow professionals—to the core.
We want to change this narrative, but we cannot do it alone. We need your support. With your backing, we can turn the smallest, most neglected rural akhadas into well-equipped, modern sports schools.
Mb - 9236876626
Gopal Ashram Akhada
उत्तर प्रदेश खेल विभाग एवं मिनिस्ट्री ऑफ़ यूथ अफेयर्स एंड खेल के तत्वाधान में हुई बैठक में जनपद मथुरा के दो होनहार युवाओं को ब्रज की संस्कृति से जुड़े खेल अर्थात कुश्ती के बारे में अपने विचार रखने का मौका मिला।
3 days ago | [YT] | 4
View 0 replies
Gopal Ashram Akhada
पसीने की एक एक बूंद ये याद दिलाती है की मेहनत आसान नहीं होती।
3 days ago | [YT] | 26
View 3 replies
Gopal Ashram Akhada
क्या ऐसे तपस्वी गुरु को गुरु द्रोणाचार्य पुरस्कार नहीं मिलना चाहिए?
भारत की धरती सदैव उन गुरुओं को नमन करती आई है जिन्होंने अपने शिष्यों के भविष्य को संवारने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। महाभारत के गुरु द्रोणाचार्य केवल अस्त्र-शस्त्र के शिक्षक नहीं थे, बल्कि वे अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के प्रतीक थे। आज भी यदि कोई व्यक्ति उसी भावना से निस्वार्थ भाव से पीढ़ियों का निर्माण कर रहा है, तो वह वास्तव में आधुनिक युग का द्रोणाचार्य कहलाने का अधिकारी है।
ऐसे ही एक प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व हैं शिवालय चतुर्वेदी जी पहलवान।
उन्होंने केवल पहलवान तैयार नहीं किए, बल्कि हजारों युवाओं के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और संघर्ष की भावना का संचार किया। उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में अपने राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ। उनके लिए प्रत्येक शिष्य केवल खिलाड़ी नहीं, बल्कि राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है।
सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि केंद्रीय सरकार की सेवा से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने विश्राम का मार्ग नहीं चुना। उन्होंने अपनी निजी पेंशन की बचत को स्वयं पर खर्च करने के बजाय समाज और राष्ट्र के भविष्य पर निवेश किया। बिना किसी आर्थिक सहायता या सरकारी अनुदान के उन्होंने अपने संसाधनों से एक भव्य अखाड़े का निर्माण कराया।
आज उनका अखाड़ा केवल अभ्यास का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की पाठशाला है। वहाँ एक उत्कृष्ट पहलवान को जिस प्रकार की सुविधाओं, प्रशिक्षण, वातावरण और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, वे सब उपलब्ध कराने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
ऐसे समय में, जब खेलों के क्षेत्र में संसाधनों की कमी अनेक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने से रोक देती है, शिवालय चतुर्वेदी जी जैसे गुरु अपने तप, त्याग और समर्पण से उन प्रतिभाओं को नई उड़ान देते हैं। उनका जीवन यह सिद्ध करता है कि सच्चा गुरु केवल ज्ञान नहीं देता, बल्कि अपना समय, श्रम, धन और सम्पूर्ण जीवन अपने शिष्यों के भविष्य के लिए समर्पित कर देता है।
आज आवश्यकता है कि देश ऐसे कर्मयोगियों को पहचाने। यदि गुरु द्रोणाचार्य पुरस्कार का उद्देश्य उन प्रशिक्षकों का सम्मान करना है जिन्होंने राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार किए हैं और अपना जीवन खेलों के विकास के लिए समर्पित किया है, तो शिवालय चतुर्वेदी जी निस्संदेह इस सम्मान के अत्यंत योग्य प्रतीत होते हैं।
यह केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं होगा, बल्कि उन सभी निस्वार्थ गुरुओं का सम्मान होगा जो बिना किसी अपेक्षा के राष्ट्र की भावी पीढ़ी को मजबूत बना रहे हैं। ऐसे तपस्वी गुरु का सम्मान आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
राष्ट्र से विनम्र आग्रह है कि शिवालय चतुर्वेदी जी पहलवान के अद्वितीय योगदान का समुचित मूल्यांकन कर उन्हें गुरु द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
"जो गुरु अपने शिष्यों के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दे, वही सच्चे अर्थों में आधुनिक युग का द्रोणाचार्य है।"
2 weeks ago | [YT] | 17
View 0 replies
Gopal Ashram Akhada
कौन कहता है कि यहां गर्मी पड़ रही है। गर्मी तो यहां खुद पसीना बहाती है।
3 weeks ago | [YT] | 44
View 2 replies
Gopal Ashram Akhada
जनपद मथुरा का एकमात्र ऐसा अखाड़ा जो आपको कोल्हापुर का एहसास दिलाता है।
3 weeks ago | [YT] | 27
View 0 replies
Gopal Ashram Akhada
क्या आप तैयार है? हमसे जुडे इस दंगल को सफल बनाये। आपसे सहयोग की कामना है।
1 month ago | [YT] | 19
View 0 replies
Gopal Ashram Akhada
उड़ान कार्यक्रम का सफल आयोजन।
1 month ago | [YT] | 21
View 1 reply
Gopal Ashram Akhada
श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी ने विद्यार्थियों को एग्जाम वॉरियर अवार्ड-2026 से सम्मानित किया।
महोदय / महोदया
श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय आगरा मंडल , आगरा डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी ने विगत 2025 के जुलाई माह में आगरा मंडल के चारो जनपदों ( आगरा , मथुरा , फिरोजाबाद , मैनपुरी ) में राजकीय , सहायता प्राप्त एवं स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के सम्मानित प्रधानाचार्य महोदयों की बैठक लेकर आह्वान किया था कि हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड - 2026 की मेरिट में विद्यार्थियों को अपने अपने विद्यालय से स्थान दिलाने हेतु विद्यार्थियों को तैयार कराया जाए ।
श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी ने आगरा मंडल के चारो जनपदों ( आगरा , मथुरा , फिरोजाबाद , मैनपुरी ) के बोर्ड परीक्षा - 2026 में जिला स्तर पर टॉप टेन स्थान प्रदान करने वाले विद्यार्थियों को *एग्जाम वॉरियर अवार्ड - 2026* से स्वयं के व्यक्तिगत संसाधनों से विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों / प्रधानाचार्यों सहित सम्मानित किया है ।
श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी ने बताया है कि आगरा जनपद के दो विद्यार्थियों ने प्रदेश की टॉप टेन की सूची में स्थान प्राप्त किया है और प्रदेश में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की टॉप टेन की सूची में बीडीपी राजकीय इंटर कॉलेज मथुरा के विद्यार्थी ने स्थान प्राप्त किया है ।
विदित हो कि आगरा मंडल के श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी शिक्षा के समग्र विकास एवं गुणात्मक उन्नयन हेतु शिक्षा के क्षेत्र में सतत अभिनव नवाचार का कार्य कर रहे हैं ।
श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय आगरा मंडल डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी की पहल पर ही पूर्व में कोरोना काल में संपूर्ण उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन शिक्षण कार्य प्रारंभ हुआ था और उनकी ही पहल पर उत्तर प्रदेश में प्रत्येक जनपद में पुस्तक मेला का आयोजन किए जा रहे हैं ।
एक समय ऐसा था जब शासन से नीति बनती थी और माध्यमिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक विद्यालय उसका अनुपालन करते थे किंतु आज अत्यंत हर्ष का विषय है कि आगरा मंडल के श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी शिक्षा के गुणात्मक उन्नयन हेतु स्वयं अपनी कुशाग्र बुद्धि से कार्य योजनाओं को व्यवहारिक रूप देते हैं और उनकी कार्य योजनाओं की सफलताओं से प्रभावित होकर माध्यमिक शिक्षा विभाग उनकी कार्य योजनाओं को नजीर मानकर उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जिलों के सभी राजकीय , एडेड और स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों में क्रियान्वित कराती है ।
श्रीमान संयुक्त शिक्षा निदेशक महोदय डॉ मुकेश चंद्र अग्रवाल जी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नित नूतन अभिनव कार्यों के लिए उनका कोटिश वंदन , अभिनंदन एवं उनको सादर नमन ।
डॉ देव प्रकाश
प्रधानाचार्य
2 months ago | [YT] | 11
View 0 replies
Gopal Ashram Akhada
21वी सदी के भक्त कविवर दास नारायण जी के कृष्ण भक्ति पद पुस्तक जिसके सम्पादक डॉक्टर उमेश चंद्र शर्मा जी है । का आज गीता शोध संस्थान में माननीय सांसद महोदय जी की गरिमामयी उपस्थिति एवं अनिरुद्ध आचार्य जी की उपस्थिति के दौरान विमोचन किया गया। इसमें स्वयं सांसद महोदया जी ने अपनी आवाज में भजनों को गाया है।
2 months ago | [YT] | 23
View 0 replies
Gopal Ashram Akhada
Increase your Level after fighting competition.. Don't think that you will defeat by someone. Just think that you are getting a chance to proove yourself.
2 months ago | [YT] | 21
View 0 replies
Load more