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गोरखपुर जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण माह की शुरूआत हो गई है। इसके तहत एक माह के दौरान तक 5.82 लाख बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी। अभियान का शुभारंभ महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ राजेश झा और जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ जय कुमार ने सोमवार को जिला महिला अस्पताल से बच्चों को दवा पिला कर किया। एक माह के इस अभियान में नियमित टीकाकरण सत्र स्थल पर ही बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी।

इस अवसर पर महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को कुल नौ बार विटामिन ए की खुराक लेना अनिवार्य है। इसकी पहली खुराक नौ से बारह माह की उम्र में एमआर टीके के प्रथम डोज के साथ आधा चम्मच दी जाती है। दूसरी खुराक सोलह से चौबीस माह की उम्र के बीच एक पूरा चम्मच एमआर टीके के दूसरी डोज के साथ दी जाती है । साथ ही दो वर्ष से पांच वर्ष की उम्र तक के बच्चों को हर छह माह पर पूरा चम्मच दवा पिलाना अनिवार्य है। एक पूरा चम्मच दो मिलीलीटर का होता है, जबकि आधा चम्मच एक मिलीलीटर का होता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने इस अवसर पर बताया कि विटामिन ए की खुराक बच्चों को कुपोषण, मिजल्स, डायरिया और रतौंधी से बचाती है । यह बच्चे के विकास में मददगार है। इसके सेवन से निमोनिया और डायरिया का खतरा कम हो जाता है। शरीर में विटामिन ए की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है। आंख कमजोर होने की आशंका होती है। इसकी कमी से बच्चे के शरीर बढ़ने में भी रुकावट आ सकती है। बच्चे को कमजोरी महसूस होती है। मीजल्स होने की स्थिति में यह दवा मृत्यु दर और जटिलता को कम करती है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा ने बताया कि प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण और छाया एकीकृत ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण दिवस के सत्र स्थल पर बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी । आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऐसे बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ सत्र स्थल पर लेकर आएंगी। हर छह माह पर बच्चों को दवा पिलाई जा सके, इसी वजह से यह अभियान प्रत्येक छह माह के अंतराल पर चलाया जाता है।

इस अवसर एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, डीडीएचईआईओ सुनीता पटेल, सहायक शोध अधिकारी अजीत सिंह, उपेंद्र त्रिपाठी सहित सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

सीएमओ ने बताया कि नौ माह से एक वर्ष तक के 66000, एक वर्ष से दो वर्ष तक के एक लाख पचीस हजार और दो वर्ष से पांच वर्ष तक के तीन लाख इक्यानवे हजार बच्चों को इस साल एक माह में दवा पिलाने का लक्ष्य है। यह अभियान चौबीस जनवरी तक चलेगा।

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1 week ago | [YT] | 2

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प्रदेश का पहला सिटी पॉलीक्लिनिक रविवार से बसंतपुर नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र में शुरू हो गया। इस केन्द्र पर प्रतिदिन दो विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे। गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह और एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ विभा दत्ता ने पॉलीक्लिनिक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिविर लगा कर राजकीय दृष्टिबाधित इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों के आंखों की जांच भी हुई। कॉलेज के प्रधानाचार्य लक्ष्मीशंकर जायसवाल ने बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

उद्घाटन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुरू हो रहा सिटी पॉलीक्लिनिक जनस्वास्थ्य को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके जरिए लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने घर के नजदीक मिल सकेंगी।

एम्स की कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ विभाग दत्ता ने कहा कि सिटी पॉलीक्लिनिक लोगों को अनावश्यक उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर जाने से बचाएगा। इससे उच्चतम संस्थानों पर वहीं मरीज जाएंगे जिन्हें अति विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाओं की आवश्यकता होगी। लोग भीड़ से बचेंगे और संस्थानों पर भी उन्हीं लाभार्थियों को सेवा देने का भार होगा, जिनकी चिकित्सा सामुदायिक चिकित्सा इकाइयों पर नहीं हो पाती है।

राजकीय दृष्टिबाधित इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लक्ष्मीशंकर जायसवाल ने कहा कि सिटी पॉलीक्लिनिक के उद्घाटन के ऐतिहासिक अवसर पर दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष शिविर एक अभिनव पहल है। इस क्लिनिक का लाभ समुदाय के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी मिलेगा और इसके लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने राज आई हॉस्पिटल की मदद से लगे विशेष नेत्र जांच शिविर की भी सराहना की।

सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि सिटी पॉलीक्लिनिक में सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेष के साथ अलग-अलग दिवसों पर बाल रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन और आर्थो सर्जन की सेवाएं फिलहाल शुरू की जा रही हैं। यहां न केवल विशेषज्ञ सेवाएं दी जाएंगी, बल्कि सैम्पल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के जरिए बड़ी और महत्वपूर्ण पैथालॉजिकल जांचें भी उपलब्ध होंगी। इस सुविधा से लोग बेवजह जिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स गोरखपुर जाने से बचेंगे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने सिटी पॉलीक्लिनिक के तैयार होने में योगदान देने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी संस्थाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम में एसीएमओ स्थानीय पार्षद अवधेश अग्रहरी, आरसीएच डॉ एके चौधरी, एसीएमओ डॉ विनय पांडेय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ मेघा पांडेय, डिवीजनल कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद पांडेय, डीडीएचईआईओ सुनीता पटेल, मंडलीय अर्बन कोआर्डिनेटर डॉ प्रीति सिंह, डीपीएम पंकज आनंद, जिला अर्बन कोआर्डिनेटर सुरेश सिंह चौहान, एआरओ एसएन शुक्ला सहित बसंतपुर नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र के सभी कर्मी, सहयोगी संस्थाओं यूपीटीएसयू, जपाइगो और पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधिगण प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

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3 weeks ago | [YT] | 1

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गोरखपुर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय के प्रेरणा श्री सभागार में नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान डिजिटल प्रेसक्रिप्शन और सैम्पल ट्रांसपोर्ट को सुदृढ़ करने के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। सीएमओ ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह विभिन्न माध्यमों से समुदाय के बीच नगरीय स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में प्रचार-प्रसार करें। साथ ही नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से जो भी मरीज जिला अस्पताल रेफर किए जाएं, उन्हें ऑनलाइन पर्चे ही बना कर दिए जाएं।

सीएमओ डॉ झा ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की ओपीडी सेवा, लैब टेस्ट, दस केन्द्रों की सैम्पल ट्रांसपोर्ट सेवा, मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों, परिवार नियोजन कार्यक्रम और और ई-कवच पोर्टल पर फिडिंग के बारे में बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि सामान्य बीमारी का मरीज सीधे जिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स गोरखपुर न जाए। उसे समस्त दवाएं और सेवाएं घर के नजदीक मिलनी चाहिए। इसमें जनजागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। लोगों को पता होना चाहिए कि नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कौन-कौन सी सेवाएं, जांच, दवाएं और इलाज उपलब्ध हैं।

डॉ झा ने लोगों के बीच यह भी प्रचारित करने को कहा कि महानगर के दस नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से बड़ी और महत्वपूर्ण पैथालॉजिकल जांचों के सैम्पल लेकर जिला अस्पताल स्थित लैब से जांच कराई जा रही है। इन लैब से रिपोर्ट भी शाम तक लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर आ जाती है। इस प्रचार प्रसार से लोगों का पैथालॉजिकल जांच पर खर्च होने वाला पैसा बच सकेगा। यह सेवा फिलहाल बसंतपुर, गोरखनाथ, नथमलपुर, हुमायूंपुर, इलाहीबाग, शिवपुर सहबाजगंज, शाहपुर, झरना टोला, छोटे काजीपुर और दीवान बाजार में उपलब्ध है।

इस अवसर पर नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ विनय पांडेय और समन्वयक सुरेश सिंह चौहान सहित सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण, चिकित्सा अधिकारी और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।
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1 month ago | [YT] | 2

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गोरखपुर महानगर के बसंतपुर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहला सिटी पॉलीक्लिनिक बन कर लगभग तैयार हो गया है। इसे शुरू करने की तैयारियों के अंतिम चरण को देखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने बुधवार को केन्द्र का दौरा किया। उन्होंने प्रत्येक कक्ष और प्रस्तावित तैयारियों को देखा तथा आईईसी आदि की विस्तृत समीक्षा की। इस पॉलीक्लिनिक पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रतिदिन सेवाएं दी जाएंगी।

सीएमओ डॉ झा ने बताया कि गोरखपुर शहर में तीन सिटी पॉलीक्लिनिक का संचालन निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से किया जाना है। इनमें से पहली पॉलीक्लिनिक बसंतपुर में संचालित होने जा रही है। इस सप्ताह के अंत तक इसके उद्घाटन की तैयारी है। इसके संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का इम्पैनलमेंट भी लगभग पूरा हो चुका है। इस केन्द्र पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञ आदि सेवाएं देंगे। बसंतपुर के अलावा ये केन्द्र हुमायूंपुर और पुर्दिलपुर में भी खोलने की तैयारी है। सबसे पहले बसंतपुर का केन्द्र संचालित किया जाएगा, जहां तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। वहां की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ मेघा की देखरेख में केन्द्र को सुसज्जित किया जा रहा है।

सीएमओ ने बताया कि बसंतपुर सिटी पॉलीक्लिनिक को तैयार करने में सहयोगी संस्थाएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं। खासतौर से यूपीटीएसयू और जपाइगो की टीम तकनीकी सहयोग दे रही हैं। सिटी पॉलीक्लिनिक पर जो विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे उन्हें पांच हजार रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाएगा। इन चिकित्सकों को टेलीकंसल्टेशन के जरिए भी परामर्श देना होगा। किसी भी चिकित्सक की इंगेजमेंट उसकी आवश्यकतानुसार किया जाएगा। ये विशेषज्ञ सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक सेवाएं देंगे। इनकी सेवाओं से लोगों को विशेष लाभ होगा और वह जिला अस्पताल तथा बीआरडी मेडिकल कॉलेज की भीड़भाड़ में इलाज करवाने से बच सकेंगे। इन क्लिनिक के लिए भी डिजिटल पर्चे की व्यवस्था होगी और यहां से रेफरल भी ऑनलाइन पर्चों के जरिए किए जाएंगे। इन क्लिनिक से जुड़ने के इच्छुक विशेषज्ञ चिकित्सक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर रहे हैं।

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1 month ago | [YT] | 1

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गोरखपुर मंडल के एडी हेल्थ डॉ जयंत कुमार और जिले के सीएमओ डॉ राजेश झा ने पांच अलग-अलग मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य मेलों के बारे में अग्रिम सूचना देकर अधिकाधिक लाभार्थियों को इनसे जोड़ा जाए। सीएमओ ने गोला ब्लॉक के चिलुआ एपीएचसी पर मेले के निरीक्षण के दौरान आवासीय भवन मरम्मत के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एडी हेल्थ ने गगहा, हाटा बाजार और कौड़ीराम में मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों के निरीक्षण किए। सभी मेलों में लाभार्थियों को उपचार और दवाओं जुड़ीं सेवाएं दी गयीं। एडी हेल्थ ने सीएमओ को निर्देश दिया कि मेलों के बारे में पर्याप्त प्रचार-प्रसार कराएं ताकि अधिकाधिक लाभार्थियों को सेवाएं मिल सकें।

सीएमओ ने गोला सीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी वार्डों को देखा और इमर्जेंसी सेवाओं का भी मुआयना किया। सीएचसी अधीक्षक डॉ अमरेंद्र को उन्होंने निर्देश दिया कि सीएचसी में सभी आवश्यक दवाएं और जांचें लोगों को निर्बाध गति से मिलती रहनी चाहिए।

सीएमओ ने पकड़ी और चिलवा मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेले में आए लाभार्थियों से संवाद भी किया। चिलवा मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के निरीक्षण के दौरान उन्होंने एपीएचसी के आवासीय भवन को देखा और उसके जर्जर हिस्से के मरम्मत का निर्देश दिया।

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1 month ago | [YT] | 1

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गोरखपुर जिले के सीएमओ डॉ राजेश झा ने शुक्रवार को कैम्पियरगंज सीएचसी पर आयोजित सीएचओ और एएनएम के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को गर्भावस्था में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने का तरीका बताया। आंकाक्षी ब्लॉक कैम्पियरगंज की सीएचओ और एएनएम के अभिमुखीकरण के दौरान सीएमओ ने कहा कि किसी भी महिला के गर्भास्था का पता चलते ही शीघ्र पंजीकरण कर सेवाएं देना और पूरी गर्भावस्था में कम से कम चार बार प्रसव पूर्व जांच आवश्यक है।

सीएमओ डॉ झा ने कहा कि शीघ्र पंजीकरण के लिए सभी आशा कार्यकर्ता को प्रेरित करें कि वह अपने क्षेत्र की लक्ष्य दंपति से निरंतर सम्पर्क में रहें। लक्ष्य दंपति तक शीघ्र पंजीकरण के महत्व का सही संदेश पहुंचेगा तो वह खुद आशा कार्यकर्ता के जरिए पंजीकरण कराएंगे। शीघ्र पंजीकरण से समय से फोलिक एसिड की दवाएं व आयरन की दवाएं देना संभव होता है और उच्च जोखिम गर्भावस्था की भी समय से पहचान हो पाती है। इससे गर्भवती को स्वास्थ्य सेवा का अधिक अवसर प्राप्त होता है और गर्भवती का जटिलताओं से भी बचाव होता है। यह जच्चा व बच्चा के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। डॉ झा ने बताया कि गर्भावस्था में रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, वजन, पेट की जांच और यूरिन की जांच आदि अनिवार्य तौर पर की जानी चाहिए। अगर इनमें से किसी भी जांच का परिणाम खतरे का संकेत दे तो गर्भवती को तुरंत नजदीकी अस्पताल के चिकित्सक के पास संदर्भित किया जाना चाहिए।

सीएमओ ने कहा कि सभी सीएचओ अपने यहां के तीस वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की वर्ष में एक बार मधुमेह और रक्तचाप के लिए स्क्रिनिंग अवश्य करें। डॉ झा ने प्रतिभागियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके क्षेत्र के सभी बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण हो जाए। उन्होंने जिले में चल रहे टीका उत्सव और आयुष्मान भारत अभियान को सफल बनाने की भी अपील की। डॉ झा ने निर्देश दिया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पर्याप्त साफ-सफाई होनी चाहिए। साथ ही किसी भी वीएचएसएनडी सत्र पर आवश्यक उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए।

इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय, मैटरनल हेल्थ कंसल्टेंट डॉ सूर्य प्रकाश, बीपीएम मो अकीब, बीसीपीएम, आदिल फखर और सहयोगी संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और यूएनडीपी के प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।

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1 month ago | [YT] | 0

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गोरखपुर जिले में एक माह के लिए ‘‘टीका उत्सव’’ की शुरुआत की गई है। इसके तहत नियमित टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों को खोज कर उनका टीकाकरण किया जाएगा और उनका पूरा ब्यौरा यूविन पर दर्ज किया जाएगा। एडी हेल्थ डॉ जयंत कुमार और सीएमओ डॉ राजेश झा ने बुधवार को उप केन्द्र बरगदवां आयुष्मान आरोग्य मंदिर से टीका उत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान अधिकारियों ने मॉडल वीएचएसएनडी सत्र का निरीक्षण किया एवं वहां की गतिविधियों में हिस्सा भी लिया। इसी क्रम में सीएमओ डॉ झा ने अपने कार्यालय से आयुष्मान भारत अभियान और टीका उत्सव को लेकर सीएचओ का वर्चुअल माध्यम से अभिमुखीकरण किया।

एडी हेल्थ ने उपस्थित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि अभियान के दौरान प्रयास हो कि कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रहे। समुदाय में सभी टीकों के महत्व के बारे में जानकारी दी जाए। लोगों को नियमित टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली सभी बारह बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। एडी हेल्थ ने गर्भवती की गोदभराई की और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों के साथ विस्तृत संवाद किया।

सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि दिसम्बर माह में चलने वाले टीका उत्सव के दौरान नियमित टीकाकरण सत्रों पर ही टीके लगाए जाएंगे। यूविन पर जिन बच्चों का टीकाकरण ड्यू दिखा रहा है उनका लिस्ट तैयार कर लाभार्थियों को सत्र पर बुलाया जाएगा और उनका टीकाकरण किया जाएगा। प्रयास होगा कि दिसम्बर माह के अंत तक सभी लाभार्थियों का टीकाकरण कर यूविन पर ड्यू लिस्ट को जीरो कर दिया जाए। इस कार्य में डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और जेएसआई आदि संस्थाएं मदद कर रही हैं।

इस अवसर पर जेडी हेल्थ डॉ बीएम राव, एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंद लाल कुशवाहा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ बीके चौधरी, डीडीएचईआईओ सुनीता पटेल, एचईओ मनोज कुमार, स्वास्थ्यकर्मी ज्ञान प्रकाश आदि प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

आयुष्मान भारत अभियान और टीका उत्सव को लेकर सीएचओ के वर्चुअल अभिमुखीकरण के दौरान सीएमओ डॉ झा ने अपने कार्यालय से कई अहम निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि सत्तर वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग का कोई भी बुजुर्ग आयुष्मान कार्ड से वंचित न रह जाए। इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए। उन्होंने टीका उत्सव को सफल बनाने के लिए सभी सीएचओ को लीड लेने के लिए कहा। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ अनिल कुमार सिंह, आयुष्मान भारत योजना की टीम और डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय भी मौजूद रहे।

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1 month ago | [YT] | 1

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गोरखपुर जिले में अति कुपोषण के साथ बीमारी से जूझ रहे बच्चों के जीवन को नई दिशा देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पहल करते हुए सीएमओ डॉ राजेश झा और जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिनव कुमार मिश्रा ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) का दौरा किया। इसके बाद वहां की बाल रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ अनिता मेहता, चिकित्सा अधिकारी डॉ अजीत यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह सहित सभी सहयोगियों ने बैठक कर रणनीति पर चर्चा की। तय किया गया कि एनआरसी से उपचार के बाद डिस्चार्ज हुए बच्चों के पोषण स्तर को बनाए रखने के लिए टीबी रोगियों की भांति पोषण पोटली देने की योजना पर काम होगा। साथ ही उनके स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर फॉलो अप की योजना पर भी काम होगा।

सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि एनआरसी में कुपोषण के साथ गंभीर बीमारी से जूझ रहे जिन बच्चों को भर्ती कराया जाता है, अक्सर घर जाने के बाद उनका सही ढंग से फॉलो अप नहीं हो पाता। इससे उनमें जटिलताओं की आशंका रहती है। अगर ऐसे बच्चों का सही तरीके से फॉलो अप किया जाए तो न सिर्फ वह कुपोषण से मुक्त हो जाएंगे, बल्कि बीमारी की आशंका भी नहीं रहेगी। इसी उद्देश्य से एनआरसी का निरीक्षण किया गया । इसके बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के साथ हुई बैठक में समन्वित तरीके से काम करने पर चर्चा हुई। प्रयास होगा कि जो बच्चे यहां से डिस्चार्ज होंगे उनकी पोषण पोटली से मदद कराई जाए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आरबीएसके की मदद से उन बच्चों का फॉलो अप की योजना है। इसके अलावा एनआरसी में बच्चों के खेल एरिया को डेवलप करने के बारे में भी चर्चा हुई।

डॉ झा ने बताया कि अति कुपोषित उन बच्चों की जिनको कोई बीमारी नहीं है, मिशन खिलखिलाहट के जरिए पोषण स्तर में सुधार के लिए मदद की जा रही है। हमारा प्रयास बीमारी की स्थिति से जूझने वाले अति कुपोषित बच्चों की मदद करने का है।

सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज परिसर में टेलीमानस केन्द्र का भी निरीक्षण किया और वहां के कर्मचारियों द्वारा दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्टेट रिसोर्स सेंटर को भी देखा जहां गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण दिये जाते हैं। इस अवसर पर डीपीएम पंकज आनंद, एमएच कंसल्टेंट डॉ सूर्य प्रकाश और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।

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1 month ago | [YT] | 0

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गोरखपुर शहर के बसंतपुर, हुमायूंपुर और पुर्दिलपुर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सरकारी पॉली क्लिनिक खोले जाएंगे जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए चिकित्सकों से आवेदन मांगे गए हैं। निजी क्षेत्र के चिकित्सक पांच हजार रुपये प्रतिदिन की दर से आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं देने के लिए इन क्लिनिक में आएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ राजेश झा ने रविवार को बसंतपुर शहरी स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर पॉली क्लिनिक के लिए की जा रहीं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसी क्रम में सीएमओ ने सीएचसी पाली पर बन रहे बीपीएचयूएल और रिठुआखोर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लगे मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण भी किया।

सीएमओ डॉ झा ने बताया कि इन तीनों पॉली क्लिनिक पर सेवा देने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन, चर्म रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नाक-कान एवं गला रोग विशेषज्ञ और मानसिक रोग विशेषज्ञ जोड़े जा रहे हैं। इन विधाओं के विशेषज्ञ नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ विनय पांडेय के पास अपना बायोडेटा जमा कर रहे हैं। सभी विशेषज्ञों से प्रमाण पत्र और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी पंद्रह दिन के भीतर ही मांगी गई है। इन विशेषज्ञों से सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक सेवाएं ली जाएंगी। दोपहर बाद यह लोग टेलीकंसल्टेशन भी करेंगे। इसके लिए पांच हजार रुपये प्रतिदिन की दर से उन्हें भुगतान किए जाने का प्रावधान है।

सीएमओ ने बताया कि बसंतपुर में एक भव्य पॉली क्लिनिक की स्थापना का प्रयास है। वहां पर पर्याप्त स्थान भी है। इस सम्बन्ध में आवश्यक तैयारियां जारी हैं। पॉली क्लिनिक से जुड़ने के इच्छुक निजी चिकित्सक उनसे भी सम्पर्क कर सकते हैं। लोगों को निजी अस्पतालों की बेहतरीन चिकित्सकों की सेवाएं सरकारी पॉली क्लिनिक में मिल सकें, इसके लिए चिकित्सा संगठनों से भी सम्पर्क किया जा रहा है। मरीजों की भीड़ और डिमांड के अनुसार ही इन चिकित्सकों को पूर्व सूचना देकर बुलाया पॉली क्लिनिक में बुलाया जाएगा।

डॉ झा ने सीएचसी पाली पर बने रहे बीपीएचयूएल के सभी कक्षों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य यथाशीघ्र पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इमर्जेंसी सेवाओं का निरीक्षण किया और चिकित्सा अधिकारी से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले रिठुआखोर में उन्होंने उपस्थित स्टॉफ की हाजिरी चेक की और दवा एवं उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता परखी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार मेले में यथासंभव सभी प्रमुख सेवाएं समुदाय को उपलब्ध कराई जाएं।

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1 month ago | [YT] | 0

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गोरखपुर शहर के बसंतपुर, हुमायूंपुर और पुर्दिलपुर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सरकारी पॉली क्लिनिक खोले जाएंगे जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए चिकित्सकों से आवेदन मांगे गए हैं। निजी क्षेत्र के चिकित्सक पांच हजार रुपये प्रतिदिन की दर से आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं देने के लिए इन क्लिनिक में आएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ राजेश झा ने रविवार को बसंतपुर शहरी स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर पॉली क्लिनिक के लिए की जा रहीं आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसी क्रम में सीएमओ ने सीएचसी पाली पर बन रहे बीपीएचयूएल और रिठुआखोर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लगे मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण भी किया।

सीएमओ डॉ झा ने बताया कि इन तीनों पॉली क्लिनिक पर सेवा देने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन, चर्म रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नाक-कान एवं गला रोग विशेषज्ञ और मानसिक रोग विशेषज्ञ जोड़े जा रहे हैं। इन विधाओं के विशेषज्ञ नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ विनय पांडेय के पास अपना बायोडेटा जमा कर रहे हैं। सभी विशेषज्ञों से प्रमाण पत्र और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी पंद्रह दिन के भीतर ही मांगी गई है। इन विशेषज्ञों से सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक सेवाएं ली जाएंगी। दोपहर बाद यह लोग टेलीकंसल्टेशन भी करेंगे। इसके लिए पांच हजार रुपये प्रतिदिन की दर से उन्हें भुगतान किए जाने का प्रावधान है।

सीएमओ ने बताया कि बसंतपुर में एक भव्य पॉली क्लिनिक की स्थापना का प्रयास है। वहां पर पर्याप्त स्थान भी है। इस सम्बन्ध में आवश्यक तैयारियां जारी हैं। पॉली क्लिनिक से जुड़ने के इच्छुक निजी चिकित्सक उनसे भी सम्पर्क कर सकते हैं। लोगों को निजी अस्पतालों की बेहतरीन चिकित्सकों की सेवाएं सरकारी पॉली क्लिनिक में मिल सकें, इसके लिए चिकित्सा संगठनों से भी सम्पर्क किया जा रहा है। मरीजों की भीड़ और डिमांड के अनुसार ही इन चिकित्सकों को पूर्व सूचना देकर बुलाया पॉली क्लिनिक में बुलाया जाएगा।

डॉ झा ने सीएचसी पाली पर बने रहे बीपीएचयूएल के सभी कक्षों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य यथाशीघ्र पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इमर्जेंसी सेवाओं का निरीक्षण किया और चिकित्सा अधिकारी से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले रिठुआखोर में उन्होंने उपस्थित स्टॉफ की हाजिरी चेक की और दवा एवं उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता परखी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार मेले में यथासंभव सभी प्रमुख सेवाएं समुदाय को उपलब्ध कराई जाएं।

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1 month ago | [YT] | 0