जड़ी-बूटी प्रसारक :-- पोपट सिंह सिसौदिया ,Mo. N. 9929126553 इस नंबर पर वाट्सएप करें कालिंग नहीं
सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु,मां कशि्चद् दु:खभाग् भवेत् !
ईस चैनल के माधयम से हम जडी़-बुटी का नाम जडी़ की पहचान और जडी़ का कार्य बताऐंगे ।
संयम नियम और सावधानी ।
स्वस्थ रहें नहीं कोई परेशानी !
आयुर्वेद में रुचि रखने वालों के लिए खुशखबरी मैंने एक पूर्ण प्रयास किया है शो आपको अवगत करवाता रहता हूं मैं जड़ी बूटी प्रचार नामक इस चैनल में तरह-तरह की जड़ी बूटियां की जानकारी के वीडियो बना करके अपलोड करता हूं शो अगर किसी भी मित्र को किसी जड़ी बूटी की जानकारी ना हो तो वह इस चैनल के वीडियो को देख कर के इस के सहयोग से अपनी जानकारी बढ़ा भी सकता है और जड़ी बूटियों को पहचान करके उसका उपयोग भी कर सकता है तो यह आगे लिंक दे रहा हूं इस लिंक को क्लिक करके चैनल देख सकते हैं , :---- youtube.com/@jadibuti-parsar-popatsingh
जडी़-बुटी प्रसार !
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5 days ago | [YT] | 2
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जडी़-बुटी प्रसार !
धन्वंतरि कौन थे जिनकी होती है धन तेरस पर पूजा
:- धन तेरस पर भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा होती है। उन्हें आयुर्वेद का जन्मदाता और देवताओं का चिकित्सक माना जाता है। भगवान विष्णु के 24 अवतारों में 12वां अवतार धन्वंतरि का था।
धन्वंतरि के जन्म के संबंध में हमें तीन कथाएं मिलती हैं:-
1. समुद्र मन्थन से उत्पन्न धन्वंतरि प्रथम : कहते हैं कि भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुए थी। वे समुद्र में से अमृत का कलश लेकर निकले थे जिसके लिए देवों और असुरों में संग्राम हुआ था। समुद्र मंथन की कथा श्रीमद्भागवत पुराण, महाभारत, विष्णु पुराण, अग्नि पुराण आदि पुराणों में मिलती है।
2. धन्व के पुत्र धन्वंतरि द्वितीय : कहते हैं कि काशी के राजवंश में धन्व नाम के एक राजा ने उपासना करके अज्ज देव को प्रसन्न किया और उन्हें वरदान स्वरूप धन्वंतरि नामक पुत्र मिला। इसका उल्लेख ब्रह्म पुराण और विष्णु पुराण में मिलता है। यह समुद्र मंधन से उत्पन्न धन्वंतरि का दूसरा जन्म था। धन्व काशी नगरी के संस्थापक काश के पुत्र थे।
काशी वंश परंपरा में हमें दो वंशपरंपरा मिलती है। हरिवंश पुराण के अनुसार काश से दीर्घतपा, दीर्घतपा से धन्व धन्वे से धन्वंतरि, धन्वंतरि से केतुमान, केतुमान से भीमरथ, भीमरथ से दिवोदास हुए जबकि विष्णु पुराण के अनुसार काश से काशेय, काशेय से राष्ट्र, राष्ट्र से दीर्घतपा, दीर्घतपा से धन्वंतरि, धन्वंतरि से केतुमान, केतुमान से भीमरथ और भीमरथ से दिवोदास हुए।
3.वीरभद्रा के पुत्र धन्वंतरि तृतीय : गालव ऋषि जब प्यास से व्याकुल हो वन में भटकर रहे थे तो कहीं से घड़े में पानी लेकर जा रही वीरभद्रा नाम की एक कन्या ने उनकी प्यास बुझायी। इससे प्रसन्न होकर गालव ऋषि ने आशीर्वाद दिया कि तुम योग्य पुत्र की मां बनोगी। लेकिन जब वीरभद्रा ने कहा कि वे तो एक वेश्या है तो ऋषि उसे लेकर आश्रम गए और उन्होंने वहां कुश की पुष्पाकृति आदि बनाकर उसके गोद में रख दी और वेद मंत्रों से अभिमंत्रित कर प्रतिष्ठित कर दी वही धन्वंतरि कहलाए।
विस्तार : उपरोक्त में से प्रथम दो कथाएं ज्यादा मान्य है। प्रथम कथा के अनुसार देवता एवं दैत्यों के सम्मिलित प्रयास के शांत हो जाने पर समुद्र में स्वयं ही मंथन चल रहा था जिसके चलते भगवान धन्वंतरि हाथ में अमृत का स्वर्ण कलश लेकर प्रकट हुए। विद्वान कहते हैं कि इस दौरान दरअसल कई प्रकार की औषधियां उत्पन्न हुईं और उसके बाद अमृत निकला।
3 years ago | [YT] | 5
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जडी़-बुटी प्रसार !
जड़ी_बूटी_प्रसारक_सिंगर_पोपट_सिंह_सिसोदिया_कांटोल
संयम नियम और सावधानी, स्वस्थ रहें नहीं कोई परेशानी !
विशेष चेतावनी,:=- मेरे अपने यूट्यूब चैनल पर जो जानकारी मैं वीडियो के माध्यम से आप तक पहुंचाने की कोशिश करता हूं वह सभी जानकारियां मैंने किसी अपने बुजुर्ग जानकार यहां कोई संत सन्यासियों या फिर किसी अच्छे शास्त्रों द्वारा संग्रह किया है और संग्रहण करने के बाद में भी मैं विशेष बातों एवं कारणों को ध्यान में रखते हुए संत श्री बालकृष्ण जी के वीडियो देख कर के भी उन सभी जड़ी बूटियों का भली-भांति परीक्षण करने के बाद ही वीडियो बनाता हूं तो आप सभी विशेष सावधानियों के साथ वीडियो देखने के बाद कोई भी जड़ी बूटी का उपयोग करें जड़ी बूटी का उपयोग पहले कम मात्रा में करें अगर किसी को भी जड़ी बूटियों का सेवन करने से कोई भी परेशानी हो उसका सेवन करना बंद करें अन्यथा लाभ की बजाय हानि हुई तो मैं यहां मेरा चैनल इसका कोई उत्तरदायित्व या जवाबदारी नहीं लेते हैं !
आयुर्वेद में सावधानी :-किसी भी जड़ी बूटी का उपयोग करने से पहले किसी अच्छे जानकार यहां किसी वैद्य या हकीम का परामर्श जरूर लें अन्यथा लाभ की बजाए हानि की संभावना अधिक होती है यह कड़वा सत्य है जड़ी बूटी दवाई का उपयोग शरीर के अंदरूनी हो यहां बाहरी फिर भी सलाह लेना है बहुत जरूरी,। इसका कारण जब कोई भी जानकार हो या कोई सामान्य इंसान भी आजकल यूट्यूब पर वीडियो तो डाल देते हैं लेकिन पूरी जानकारी दे नहीं पाते । इसका कारण है की जो लोग वीडियो बना रहे हैं वह सभी कोई वैध हकीम नहीं या अच्छे जानकार नहीं दूसरी बात यूट्यूब पर वीडियो अधिक लंबा हो जाएगा इसलिए पूरी जानकारी नहीं दे पाते और तीसरी बात, वीडियो अधिक लम्बा न हो जाएं इस जल्दबाजी के कारण भी कई जानकारियां छुट जाती है तो इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए उपयोग करें आयुर्वेद में जानकारियां बहुत ही जरूरी है एक और ध्यान रखने योग्य बात यह है की आगे वाला इंसान बड़ा है या बुड्ढा या युवा या बच्चा जैसा इंसान इतनी मात्रा देनी बहुत ही जरूरी है इन बातों का ध्यान नहीं रखने पर लाभ की बजाए हानि हो सकती है और हर एक इंसान की शारीरिक तासीर अलग अलग होती है तो तासीर के हिसाब से सेंवन करना चाहिए वह स्त्री या पुरुष दोनों ही सभी औषधियां का उपयोग नहीं कर सकते हैं कई औषधि का उपयोग स्त्रीयां नहीं कर सकति और कई औषधीयों का उपयोग पुरुष नहीं कर सकते इसलिए ईन बातों का ध्यान रखें । आज के इस दौर में हर इंसान गिर चुका है इसलिए तरह तरह के मादक पदार्थों का सेवन करते हैं क्या बुड्ढा क्या जवान क्या युवा सभी इस मादक पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करते हैं तो इन मादक पदार्थों का सेवन करके फिर औषधीय सेवन करते है तो भी उस जड़ी बूटी का उस मादक पदार्थ के साथ मेल ना हो तो भी खतरनाक परिणाम मिलते हैं इसलिए विशेष सावधानियां बरतते हुए आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग करना चाहिएं !
आयुर्वेद में रुचि रखने वालों के लिए खुशखबरी मैंने एक पूर्ण प्रयास किया है शो आपको अवगत करवाता रहता हूं मैंने एक यूट्यूब चैनल बनाया है जड़ी बूटी प्रचार नाम से तो इस चैनल में तरह-तरह की जड़ी बूटियां की जानकारी के वीडियो बना करके अपलोड करता हूं शो अगर किसी भी मित्र को किसी जड़ी बूटी की जानकारी ना हो तो वह इस चैनल के वीडियो को देख कर के इस के सहयोग से अपनी जानकारी बढ़ा भी सकता है और जड़ी बूटियों को पहचान करके उसका उपयोग भी कर सकता है तो यह आगे लिंक दे रहा हूं इस लिंक को क्लिक करके चैनल देख सकते हैं , !
4 years ago (edited) | [YT] | 1
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