जय हिन्द 🇮🇳 साथियों,
कला का कोई नाम, रूप , सीमा तय नहीं होती।
कला बस कला होती है।
मुझे डर था खुद को कलाकार कहने में
लेकिन मैं यहां तब भी हूँ, यकीनन कलाकार हूं मैं।
शौक से या सोच से
खौफ से या लोभ से
कुछ तो है और कुछ तो होगा।
खुद को स्वीकार हूं मैं
क्योंकि कलाकार हूं मैं।
welcome to my journey😊
www.instagram.com/khushboo_kalasrijan?igsh=MTh6eXB…
t.me/khushbookalasrijan
Shared 3 years ago
175 views