बाबा देखो...हमारे बारे में कुछ बताएं उससे बेहतर है कि इस खबर चौराहा के एक चक्कर लगा जाओ...एक चक्कर लगाओगे तो तुरंत ब्रह्मज्ञान होगा कि का है ई खबर चौराहा...फिर भी औपचारिकता खातिर बताए दे रहें हैं कि खबर चौराहा खबरों का ऐसा चौक है जहां से आप खबर तक पहुंच जाएंगे, खबर तक पहुंचने के लिए आपको इस चौराहे से बस ट्रक टैंपो ट्रेन टमटम ट्रॉली सब मिलेगा... खालिस बकैती के बीच यहां सामाजिक सरोकार और विकार पर सार्थक चर्चा होती है...बंफाड़ बकैती के बीच दूध दवाई मिठाई कढ़ाई की चर्चा होती है... राजनीति की रंजिश से राज करने की सियासत तक सब सटासट मिलेगा...और तो और ऐसी खबरें जिन्हें गदर कहो या गरदा..पढ़कर कह दोगे कि ई तो हद है... डकैती छिनैती बकैती पर बंदूकबाजी होती है यहां...और सुनो...इस वेबसाइट में लिखने वाले लेखक नहीं लिक्खाड़ कहे जाते हैं...समझेव...तो आओ एक चक्कर लगा जाओ...यकीन मानों...मजा आ जाएगा गुरु...बहुत जबर है यहां का मामला...