!!सुरभि धर्मार्थ गौ सेवा समिति रजि.!!
🙏
हमारा संकल्प है गौ माता राष्ट्र माता घोषित हो और पुनः हम सब गौ माता कि सेवा मे तत्पर हों।
घर-घर में गौ पालन हो तथा सनातन-संस्कृति की रक्षा के लिए गौ माता कि सेवा करना चाहिए।
और समाज में पुनः गाय की रक्षा-सुरक्षा तथा बहुत भाव रूप से सेवा हो। क्यूँकि जब-जब प्रथ्वी पर कोई संकट आया है, तो देवताओं के पास अगर कोई गया है तो वह गौ माता है।
गाय के रोम रोम में देवताओं का वास होता है।
इसलिए ही हमारे सनातन धर्म में तैंतीस कोटि के देवता बताए जाते हैं।
क्यूँकि गाय के शरीर में तैंतीस करोड़ रोएं होते है एवं गाय तो स्वयं माँ लक्ष्मी का स्वरूप है तथा गाय के गोबर में माँ लक्ष्मी का वास होता है।
हमारे शास्त्रों ने कहा है कि "गोमय वसते लक्ष्मी" इसलिए हमें गौमाता की सेवा,शुश्रूषा बड़े भाव से "माँ" के समान ही करना चाहिए। गाय के गोबर से कभी मन में ग्लानि या किसी भी प्रकार की घिन नहीं करना चाहिए।
गो-सेवा मात्र से हमारे सभी पाप कर्म नष्टप्राय हो जाते हैं। और समस्त देवता प्रसन्न होते हैं। इसलिए हमें गौसेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
!!जय गौ माता जय गोपाल!!
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